News Nation Logo
Banner

हरदीप सिंह पुरी ने कहा- कांग्रेस कृषि कानूनों को लेकर प्रदर्शन भड़का रही है

हरदीप सिंह पुरी ने कांग्रेस पर वार करते हुए कहा कि किसान विधेयक पर मतदान के दौरान राहुल गांधी विदेश में छुट्टी मना रहे थे. कांग्रेस किसानों को भड़का रही है.

Bhasha | Updated on: 18 Dec 2020, 04:59:55 PM
hardeep singh puri

हरदीप सिंह पुरी (Photo Credit: फाइल फोटो)

दिल्ली:

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने कांग्रेस पर हालिया कृषि कानूनों को लेकर ‘अफवाह’ फैलाने और प्रदर्शनों को भड़काने का आरोप लगाया. उन्होंने इन विधेयकों को पारित किये जाते समय राज्यसभा में कांग्रेस के अधिकतर सदस्यों के अनुपस्थित होने को लेकर भी पार्टी पर निशाना साधा.

पुरी ने ट्वीट किया,‘‘उनके वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भी विधेयक पर मतदान के दौरान विदेश में छुट्टी मना रहे थे. पार्टी को देश में आग लगाने के बजाय अपने लोगों को एक रखने के बारे में सोचना चाहिए.’

हिंदी के एक मुहावरे का जिक्र करते हुए केंद्रीय नागर विमानन मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस दूसरों के घर जलाकर अपने हाथ सेंक रही है. पुरी ने कहा कि अगर किसानों को कृषि कानूनों को लेकर कोई चिंता है तो केंद्र सरकार उनसे बातचीत कर समाधान निकालेगी. 

इसे भी पढ़ें:किसानों के हित में पीए मोदी ही काम करते हैं, बोलीं स्मृति ईरानी

वहीं गुरुवार को हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि नए कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों के साथ बैठ कर बातचीत करने और मुद्दों का समाधान करने के लिए सरकार इच्छुक है.

 उद्योग संगठन पीएचडीसीसीआई के एक ऑनलाइन कार्यक्रम में पुरी ने कहा, ‘मुझे इस बात से दुख हो रहा है कि प्रदर्शन कर रहे कई लोगों को पता ही नहीं है कि वे किस चीज का विरोध कर रहे हैं... सरकार अभी भी सभी किसानों को संदेश भेज रही है कि कृपया आएं और बात करें.'

और पढ़ें:दीदी के बागी मंत्री शुबेंदु का इस्तीफा नामंजूर, स्पीकर का नाटकीय फैसला

बता दें कि  पंजाब, हरियाणा और अन्य राज्यों के हजारों की संख्या में किसान सिंघू और टिकरी बॉर्डर सहित दिल्ली से लगी अन्य सीमाओं पर पिछले एक पखवाड़े से भी ज्यादा समय से प्रदर्शन कर रहे हैं. वे तीन नए कृषि कानूनों को वापस लेने की मांग कर रहे हैं.

First Published : 18 Dec 2020, 04:55:57 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.