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फेयरी हिल से अवैध ढांचों को हटाने पर सहमत हसीना

फेयरी हिल से अवैध ढांचों को हटाने पर सहमत हसीना

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 19 Sep 2021, 04:35:01 PM
Haina agreed

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: बांग्लादेश के चटगांव में स्थानीय प्रशासन और वकील संघ ने पोरिर पहाड़ या फेयरी हिल के नाम से मशहूर एक विरासत पहाड़ी पर निर्माण को लेकर हंगामा किया है, सरकार इस पर विचार कर रही है कि क्या इसे विरासत स्थल घोषित किया जाए।

साथ ही जिला प्रशासन ने 130 साल पुराने दो मंजिला हिलटॉप कोर्ट भवन को हेरिटेज बिल्डिंग घोषित करने का प्रस्ताव दिया है। इसे ब्रिटिश सरकार द्वारा कोलकाता के राइटर्स बिल्डिंग की तरह डिजाइन किया गया था।

प्रधानमंत्री शेख हसीना ने पहाड़ी से अवैध ढांचों को हटाने और नए ढांचे को बनने से रोकने के कैबिनेट प्रस्ताव पर सहमति जताई है।

संयुक्त सचिव मोहम्मद अताउर रहमानी ने कहा, हम उच्च अधिकारियों के निर्देशों का पालन करेंगे। अगर सरकार चाहती है कि सांस्कृतिक मामलों का मंत्रालय (पोरिर पहाड़ की) जिम्मेदारी ले, तो हम इसे ले लेंगे। हम आपको विवरण तभी दे सकते हैं जब फाइल यहां हो।

29 अगस्त को, चटगांव जिला प्रशासन ने सांस्कृतिक मामलों के मंत्रालय को पहाड़ी से अवैध संरचनाओं को हटाने के लिए पत्र लिखा था।

मंत्रालय ने 9 सितंबर को पुरातत्व विभाग से यह पता लगाने के लिए एक सवाल किया कि क्या पोरिर पहाड़ एक राजपत्रित विरासत स्थल है। प्रस्ताव को मंजूरी मिलने पर संभागीय और उपायुक्तों सहित कुल 44 सरकारी कार्यालयों को पहाड़ी से कलूरघाट स्थानांतरित कर दिया जाएगा।

चटगांव के बाहरी इलाके कलूरघाट में प्रस्तावित कोऑर्डिनेटेड ऑफिस बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट का अंतिम डिजाइन इसी महीने स्वीकृत हो सकता है। प्रोजेक्ट को पूरा होने में करीब तीन से चार साल का समय लग सकता है।

चटगांव के उपायुक्त मोहम्मद मोमिनुर रहमान ने कहा, हमें उम्मीद है कि पुरानी अदालत की इमारत को 1968 के पुरातनता अधिनियम के तहत एक विरासत भवन घोषित किया जाएगा जिसका उद्देश्य बांग्लादेश के इतिहास और परंपरा को संरक्षित करना है।

उन्होंने कहा, यह क्षेत्र एक दिलचस्प जगह में बदल जाएगा जब इस इमारत को एक विरासत भवन के रूप में नामित किया जाएगा।

यह इमारत 1893-94 में ब्रिटिश शासन के दौरान बनाई गई थी। जब अधिकारियों ने इमारत को ध्वस्त करने की कोशिश की तो चटगांव में नागरिक समाज ने विरोध किया।

बाद में 2010 में पुराने भवन के पीछे चार मंजिला नया कोर्ट भवन बनाया गया।

इसलिए, 100 साल पुराने कोर्ट भवन का उपयोग आयुक्तों और अन्य सरकारी निकायों के कार्यालयों के रूप में किया गया है।

पहाड़ी पर दो बार एसोसिएशन भवनों के सुनियोजित निर्माण को लेकर जिला प्रशासन और वकीलों के बीच विवाद शुरू हो गया है।

जिला प्रशासन योजना को जोखिम भरा बता रहा है, जबकि एसोसिएशन का दावा है कि उनके पास भवनों के निर्माण की अनुमति है।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 19 Sep 2021, 04:35:01 PM

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