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गणतंत्र दिवस पर गुजरात की झांकी 1922 के पाल, दधवाव गांवों के शहीदों की याद दिलाएगी

गणतंत्र दिवस पर गुजरात की झांकी 1922 के पाल, दधवाव गांवों के शहीदों की याद दिलाएगी

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 23 Jan 2022, 01:40:02 AM
Gujarat tableau

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

गांधीनगर:   इस साल गणतंत्र दिवस परेड में गुजरात की झांकी में साबरकांठा के पाल और दधवाव गांवों के नरसंहार को दिखाया जाएगा, जिसमें ब्रिटिश शासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए 1922 में 1,200 आदिवासी शहीद हुए थे।

मोतीलाल तेजावत के नेतृत्व में 7 मार्च, 1922 को ब्रिटिश शासकों द्वारा लगाए गए जागीरदार और रजवाड़ा से संबंधित भूमि राजस्व प्रणाली और कानूनों के विरोध में कई आदिवासी लोग उनकी नदी के तट पर एकत्र हुए थे।

मेजर एचजी सटन के फायरिंग आदेश के बाद लगभग 1,200 आदिवासी शहीद हो गए थे। यह भी कहा जाता है कि इलाके के कुएं आदिवासियों के शवों से भरे हुए थे।

गणतंत्र दिवस पर गुजरात की झांकी में 1922 की घटना को दर्शाया जाएगा। इसमें मोतीलाल तेजावत की 7 फुट ऊंची प्रतिमा के अलावा ब्रिटिश अधिकारी व अन्य की प्रतिमा होगी। झांकी में कुल छह कलाकार प्रस्तुति देंगे।

शहीदों के कब्रिस्तान कहे जाने वाले ढेखड़िया कुवा और दुधिया कुवा नाम के दो कुएं भी झांकी का हिस्सा होंगे। झांकी के दोनों ओर मिट्टी के दो घोड़ों का चित्रण किया जाएगा।

साबरकांठा के पोशिना तालुका के आदिवासी कलाकारों द्वारा पारंपरिक गेर नृत्य और संगीत का प्रदर्शन किया जाएगा।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 23 Jan 2022, 01:40:02 AM

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