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गुजरात में गौ हत्या पर होगी उम्र कैद, विधानसभा में पास हुआ बिल

गुजरात विधानसभा में गौवंश की हत्या को लेकर मौजूदा कानून में सख्त बदलाव किया गया है। अब गौ हत्या करने पर उम्र कैद की सजा हो सकती है।

News Nation Bureau | Edited By : Abhiranjan Kumar | Updated on: 31 Mar 2017, 01:35:40 PM
गुजरात में गौ हत्या पर होगी उम्र कैद, विधानसभा में पास हुआ बिल

गुजरात में गौ हत्या पर होगी उम्र कैद, विधानसभा में पास हुआ बिल

highlights

  • गुजरात में गौ हत्या करने पर हो सकता है आजीवन कारावास की सजा
  • आरोप साबित होने पर हो सकता है एक लाख रूपये तक का जुर्माना

नई दिल्ली:

गुजरात में अब गाय की हत्या करने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई जाएगी। गुजरात विधानसभा में गौवंश की हत्या को लेकर मौजूदा कानून में सख्त बदलाव किया गया है।

इससे पहले राज्य के मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने कहा था कि गाय के हत्यारोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाई का कानून इसी सप्ताह में विधानसभा से पारित किया जाएगा। रूपानी ने कहा था कि गाय या गौवंश की हत्या गैरकानूनी है।

मुख्यमंत्री रूपानी ने कहा था कि गुजरात में पहले से ही गौवंश की हत्या का कानून मौजूद है जोकि तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी लेकर आये थे लेकिन अब इस कानून को और सख्त बनाने की जरूरत है।

बताया जा रहा है कि नए कानून के तहत गौ हत्या के आरोप साबित होने पर एक लाख रूपये तक का जुर्माना और उम्र कैद की सजा तक का प्रावधान होगा।

राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो 2017 में आगामी गुजरात विधानसभा चुनावों को देखते हुए गुजरात की वर्तमान बीजेपी सरकार इस कानून लाना चुनावी तैयारियों के लिए एक अहम कड़ी माना जा रहा है।

किस राज्य में गौ हत्या है पूरा प्रतिबंधित

गो-हत्या पर पूरे प्रतिबंध के मायने हैं कि गाय, बछड़ा, बैल और सांड की हत्या पर रोक। इन राज्यों में जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महराष्ट्र, छत्तीसगढ़, और दो केन्द्र प्रशासित राज्य दिल्ली और चंडीगढ़ में लागू है।

गो-हत्या कानून के उल्लंघन पर सबसे कड़ी सजा भी इन्हीं राज्यों में तय की गई है। हरियाणा में सबसे एक लाख रुपए तक का जुर्माना और 10 साल की जेल की सजा का प्रावधान है।

महाराष्ट्र में गो-हत्या पर 10,000 रुपए का जुर्माना और पांच साल की जेल की सजा है. हालांकि छत्तीसगढ़ के अलावा इन सभी राज्यों में भैंस के काटे जाने पर कोई रोक नहीं है।

किन राज्यों में है आंशिक प्रतिबंध

आंशिक प्रतिबंध का मतलब है कि पशू को ‘फिट फॉर स्लॉटर सर्टिफिकेट’ मिला हो। सर्टिफिकेट पशु की उम्र, काम करने की क्षमता और बच्चे पैदा करने की क्षमता देखकर दिया जाता है।

बिहार, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा और चार केंद्र शासित राज्य दमन और दीव, दादर और नागर हवेली, पांडिचेरी, अंडमान ओर निकोबार द्वीप समूह में आंशिक प्रतिबंध है। 

इन राज्यों में गौ हत्या पर नहीं है कोई प्रतिबंध

केरल, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिज़ोरम, नगालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम और एक केंद्र शासित राज्य लक्षद्वीप में गो-हत्या पर कोई प्रतिबंध नहीं है।

यहां गाय, बछड़ा, बैल, सांड और भैंस का मांस खुले तौर पर बाजार में बिकता है और खाया जाता है। आठ राज्यों और लक्षद्वीप में तो गो-हत्या पर किसी तरह को कोई कानून ही नहीं है।

असम और पश्चिम बंगाल में जो कानून है उसके तहत उन्हीं पशुओं को काटा जा सकता है जिन्हें ‘फिट फॉर स्लॉटर सर्टिफिकेट’ मिला हो। ये उन्हीं पशुओं को दिया जा सकता है जिनकी उम्र 14 साल से ज्यादा हो, या जो प्रजनन या काम करने के लायक न बचा हो।

First Published : 31 Mar 2017, 01:02:00 PM

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