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लोकसभा में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार विधेयक पास

लोकसभा में सोमवार को दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक, 2021 पास हो गया. इस विधेयक पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि दिल्ली में प्रशासक के रूप में उपराज्यपाल ही सरकार चलाने का अधिकार रखते हैं

News Nation Bureau | Edited By : Shailendra Kumar | Updated on: 22 Mar 2021, 06:25:53 PM
Government of National Capital Territory of Delhi  Amendment  Bill

लोकसभा में राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार विधेयक पास (Photo Credit: @loksabha)

highlights

  • दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक पास
  • दिल्ली में पिछले दरवाजे से शासन चलाने की कोशिश है NCT : कांग्रेस
  • 'ऐसा कौन सा पहाड़ टूट पड़ा कि एक सदन की संप्रभुता पर आघात कर रहे हैं?'

 

नई दिल्ली :

लोकसभा में सोमवार को दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक, 2021 पास हो गया. इस विधेयक पर चर्चा के दौरान भाजपा सांसद मीनाक्षी लेखी ने कहा कि दिल्ली में प्रशासक के रूप में उपराज्यपाल ही सरकार चलाने का अधिकार रखते हैं और यह बात पहले से संविधान के तहत निर्धारित है. केंद्र सरकार इस बात को संशोधन के माध्यम से सही से स्पष्ट कर रही है और लागू कर रही है. इस पर कांग्रेस ने दावा किया कि इस 'असंवैधानिक विधेयक' के माध्यम से केंद्र सरकार दिल्ली में पिछले दरवाजे से शासन चलाने की कोशिश कर रही है. कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने कभी दिल्‍ली को पूर्ण राज्‍य का दर्जा देने की वकालत की थी, लेकिन अब यह सरकार दिल्ली में लोकतांत्रिक व्यवस्था खत्म करना चाहती है.

कांग्रेस ने ‘दिल्ली राष्ट्रीय राजधानी राज्यक्षेत्र शासन (संशोधन) विधेयक, 2021’ का विरोध करते हुए सोमवार को लोकसभा में दावा किया कि इस ‘असंवैधानिक विधेयक’ के माध्यम से केंद्र सरकार, दिल्ली में पिछले दरवाजे से शासन चलाने की कोशिश कर रही है. संसद के निचले सदन में इस विधेयक पर चर्चा की शुरुआत करते हुए कांग्रेस के मनीष तिवारी ने यह आरोप भी लगाया कि कभी दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की वकालत करने वाली भाजपा और केंद्र की उसकी मौजूदा सरकार अब दिल्ली में लोकतांत्रिक व्यवस्था खत्म करना चाहती है.

उन्होंने कहा, ‘‘2003 में तत्कालीन गृह मंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने संविधान में 102वां संशोधन संबंधी विधेयक को पेश किया था. इस संशोधन का उद्देश्य था कि नयी दिल्ली इलाके को छोड़कर शेष दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दे दिया जाए.’’ तिवारी ने कहा कि अब भाजपा की सरकार 18 साल बाद यह विधेयक लेकर आई है जो दिल्ली की चुनी हुई सरकार का अधिकार छीनने वाला है .

कांग्रेस नेता ने गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी से मुखातिब होते हुए कहा, ‘‘मंत्री जी, कृपया आडवाणी जी द्वारा लाए गए संशोधन विधेयक को पढ़िए.’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘यह विधेयक पूरी असंवैधानिक है. यह गलत नीयत से उठाया जा रहा कदम है...यह विधेयक दिल्ली विधानसभा के अधिकार को छीनने वाला है.’’ तिवारी ने कहा कि साल 2018 में उच्चतम न्यायालय ने यह सुनिश्चित किया कि दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार के क्या-क्या अधिकार क्षेत्र हैं...न्यायालय ने केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र के दायरे के बाहर लक्ष्मण रेखा खींच दी थी. लेकिन अब उससे बाहर निकलने का प्रयास किया जा रहा है.

कांग्रेस नेता ने कहा, ‘‘इस विधेयक में आपने (केंद्र) कह दिया कि दिल्ली सरकार का मलतब उप राज्यपाल होगा. ऐसे में आप पिछले दरवाजे से दिल्ली में लोकतांत्रिक व्यवस्था को समाप्त करना चाहते हैं और उप राज्यपाल के माध्यम से सरकार चलाना चाहते हैं.’’ उन्होंने विधेयक के कुछ प्रावधानों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली विधानसभा के अधिकार पर हमला किया जा रहा है. तिवारी ने सवाल किया, ‘‘ऐसा कौन सा पहाड़ टूट पड़ा कि एक सदन की संप्रभुता पर आघात कर रहे हैं?

 

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First Published : 22 Mar 2021, 06:02:42 PM

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