News Nation Logo
Banner

राफेल के दस्तावेजों के सेंधमारी की जांच कर रहा फ्रांस, इस महीने मिलेगा भारत को राफेल विमान

पिछले महीने पेरिस के भारतीय कार्यालय में एक अज्ञात शख्स ने घुसकर वहां से राफेल विमान से संबंधित जानकारियां चुराने की कोशिश की.

News Nation Bureau | Edited By : Ravindra Singh | Updated on: 11 Jun 2019, 06:57:23 AM
जीन बैप्टिस्ट लेमोने (फाइल फोटो)

जीन बैप्टिस्ट लेमोने (फाइल फोटो)

highlights

  • सितंबर में भारत को मिल सकता है पहला राफेल विमान
  • भारत के दौरे पर हैं फ्रांस के राज्य मंत्री लेमोने 
  • पिछले महीने हुई थी राफेल के दफ्तर में सेंधमारी

नई दिल्ली:

भारतीय दौरे पर आए फ्रांस के विदेशी मामलों के राज्य मंत्री जीन बैप्टिस्ट लेमोने ने कहा है कि भारतीय वायुसेना के पेरिस स्थित कार्यालय में राफेल लड़ाकू विमान परियोजना से संबंधित मई में हुई सेंधमारी की जांच चल रही है. इस जांच से जो भी निष्कर्ष निकलकर सामने आएगा वो जानकारी भारतीय अधिकारियों को दी जाएगी जिसे वो सार्वजनिक करेंगे. भारत में दूसरी बार एनडीए की सरकार बनने के बाद यह किसी भी विदेशी नेता का पहला दौरा है. लेमोने ने यह भी कहा कि, राफेल भारत की बेहतर संप्रभुता का एक हथियार है. जिसकी वजह से फ्रांस को इसे लेकर पैदा हुए विवादों की कोई परवाह नहीं है.

आपको बता दें कि पिछले महीने पेरिस के भारतीय कार्यालय में एक अज्ञात शख्स ने घुसकर वहां से राफेल विमान से संबंधित जानकारियां चुराने की कोशिश की. यह मामला भारत की सुरक्षा योजना में सेंध लगाने का था और इस घटना के बाद से भारतीय रणनीतिकारों की चिंता और ज्यादा बढ़ गई है.

सितंबर में मिल सकता है भारत को पहला विमान
भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एक टीम इस कार्यालय में भारत के 36 विमानों की खरीद से संबंधित विभिन्न बिंदुओं से जांच कर रही है. यह टीम विमान के उत्पादन की गुणवत्ता, समय और पायलटों के प्रशिक्षण के साथ अन्य बिंदुओं पर नजर बनाए हुए है. लेमोने ने बताया कि राफेल सौदे से संबंधित हर प्रक्रिया समय से चल रही है और भारत को पहला विमान इस साल सितंबर में मिल सकता है. इसके बाद भारत को अलग-अलग किश्तों में कुछ महीनों के अंतराल पर मिलते रहेंगे.

फ्रांस को आलोचनाओं की फिक्र नहीं
भारत-फ्रांस के बीच हो रही राफेल डील पर फ्रांसीसी मंत्री जीन बैप्टिस्ट लेमोने ने कहा कि राफेल लड़ाकू विमान भारत की बेहतर संप्रभुता का एक हथियार है, इसलिए फ्रांस को इसको लेकर पैदा हुए विवादों की कोई परवाह नहीं है और वह राफेल विमानों की आपूर्ति करना चाहता है. लेमोने कहा कि इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच सहयोग है, एक खाका तैयार है. उनका मानना है कि यह दोनों देशों के हित में भी है. साथ ही लेमोने ने यह भी कहा, 'हम चाहते हैं फ्रांस और भारत हर दिन अधिक संप्रभु बनें और मेरा मानना है कि भारत की संप्रभुता के लिए राफेल एक बेहतर हथियार है और मैं समझता हूं कि भारत के लोगों के लिए भी यह बहुत महत्वपूर्ण चीज है.'

First Published : 11 Jun 2019, 06:57:23 AM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.