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चुनाव में जीत का फॉर्मूला बन रही है मुफ्त बिजली: आईएएनएस-सी वोटर लाइव ट्रैकर

चुनाव में जीत का फॉर्मूला बन रही है मुफ्त बिजली: आईएएनएस-सी वोटर लाइव ट्रैकर

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 12 Jul 2021, 10:45:01 PM
Free electricity

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: आईएएनएस-सीवोटर लाइव ट्रैकर से यह बात निकलकर सामने आई है कि मुफ्त बिजली चुनावों में जीत का फॉर्मूला बनता जा रहा है।

अलग-अलग राज्यों में 2022 के विधानसभा चुनावों से पहले जहां आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उत्तराखंड में मुफ्त बिजली देने का ऐलान किया है, वहीं समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मुफ्त बिजली देने का वादा किया है।

सर्वेक्षण में शामिल 50.29 प्रतिशत उत्तरदाताओं ने कहा कि मुफ्त बिजली का वादा चुनाव के लिए जीत का फॉर्मूला बन रहा है, जबकि 35.28 प्रतिशत ने कहा कि एक पार्टी सिर्फ मुफ्त बिजली के वादे से चुनाव नहीं जीत सकती।

साथ ही, 50.92 प्रतिशत ने कहा कि मुफ्त बिजली उपलब्ध कराने से राज्यों का राजस्व प्रभावित होता है, जो जनता को प्रदान की जाने वाली अन्य आवश्यक सेवाओं को प्रभावित करता है।

सर्वेक्षण का नमूना आकार 1,225 है।

भारत में सीवोटर न्यूजट्रैकर सर्वे एक राष्ट्रीय प्रतिनिधि या²च्छिक संभाव्यता नमूने पर आधारित हैं, जैसा कि विश्व स्तर पर मानकीकृत आरडीडी सीएटीआई पद्धति में उपयोग किया जाता है, सभी राज्यों में सभी भौगोलिक और जनसांख्यिकीय क्षेत्रों को कवर करता है।

केजरीवाल ने रविवार को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के दौरे में तीन वादे किए- हर घर को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली, पुराने बिजली बिल पूरी तरह माफ किए जाएंगे, कृषि कार्यों के लिए मुफ्त बिजली और चौथा और आखिरी- उत्तराखंड में शून्य बिजली कटौती, अगर उनकी पार्टी (आप) राज्य में सरकार बनाती है।

आप की घोषणा राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा प्रति दिन 100 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने का वादा करने के लगभग एक हफ्ते बाद आई और इससे ऊपर के लोगों को अपनी कुल बिजली का केवल 50 प्रतिशत का भुगतान करना होगा।

दिल्ली में पिछले छह साल से सब्सिडी वाली बिजली उपलब्ध कराने का एक प्रयोग फार्मूला बनाकर केजरीवाल ने बताया कि कैसे उत्तराखंड के लोगों को 300 यूनिट बिजली मुफ्त में दी जा सकती है।

देहरादून में पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए, आप प्रमुख ने कहा, हमने ये घोषणाएं सिर्फ हवा में नहीं की हैं। हमने इसके लिए एक अनुमान लगाया है। उत्तराखंड का वार्षिक बजट लगभग 50,000 करोड़ रुपये है, जिसमें से केवल 1,200 करोड़ रुपये सबसिडी बिजली की लागत होगी है।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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First Published : 12 Jul 2021, 10:45:01 PM

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