News Nation Logo

आनंद मोहन ने नीतीश कुमार पर जेल में बंद रखने के लिए प्रताड़ित करने का लगाया आरोप

आनंद मोहन ने नीतीश कुमार पर जेल में बंद रखने के लिए प्रताड़ित करने का लगाया आरोप

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 18 Nov 2021, 09:05:01 PM
Former MP

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

पटना: पूर्व सांसद आनंद मोहन ने आरोप लगाया है कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सहरसा जेल में 14 साल की उम्र कैद पूरी करने के बावजूद अवैध रूप से उनकी जेल की अवधि बढ़ा कर उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं।

गुरुवार को सहरसा जिला अदालत में सुनवाई के दौरान मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए आनंद मोहन ने कहा, या तो नीतीश कुमार मुझे गोली मार देंगे या मेरे खाने में जहर डाल देंगे।

आनंद मोहन ने कहा, मैंने साढ़े पांच महीने पहले 14 साल का आजीवन कारावास पूरा कर लिया है, फिर भी नीतीश कुमार मुझे जेल से बाहर नहीं आने दे रहे हैं। यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्पष्ट उल्लंघन है। इसके अलावा, उन्होंने मेरे सेल में मोबाइल रखने के गलत आरोपों के तहत मुझे फंसाने के लिए सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल किया है।

आनंद मोहन ने बताया कि जिला मजिस्ट्रेट और सहरसा एसपी ने जिला जेल में छापेमारी की और आरोप लगाया कि उन्होंने मेरे सेल से 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।

उन्होंने कहा, मैं पहले ही 14 साल की उम्र कैद पूरी कर चुका हूं, मैं जोखिम क्यों उठाऊंगा? उन्होंने मुझे जेल के अंदर बंद रखने के लिए झूठा आरोप लगाया है।

आनंद मोहन ने कहा, छापे के दौरान, डीएम और सहरसा के एसपी जेल के गेट के बाहर थे, जबकि डीएसपी और एसडीओ अंदर गए थे। उन्होंने मेरे सेल से 4 मोबाइल फोन बरामद करने पर प्राथमिकी दर्ज की। इसके अलावा, उस समय जेल परिसर में मौजूद जेल अधीक्षक की याचिका पर शिकायत दर्ज कराई गई थी।

आनंद मोहन को 1994 में तत्कालीन गोपालगंज डीएम जी कृष्णया की हत्या के लिए दोषी ठहराया गया था और जेल में डाल दिया गया था। निचली अदालत ने उन्हें 2007 में मौत की सजा सुनाई थी, लेकिन फैसले को पटना उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी, जिसने उन्हें संदेह का लाभ दिया और फांसी को आजीवन कारावास की सजा में बदल दिया था।

हाई कोर्ट ने पाया कि जी कृष्णया को भीड़ ने पीट-पीट कर मार डाला था और आनंद मोहन वहां मौजूद थे।

एक अधिकारी के मुताबिक, आनंद मोहन मुजफ्फरपुर के डॉन छोटन शुक्ला के करीबी दोस्त थे। जब 1994 में छोटन शुक्ला की हत्या हुई, तो आनंद मोहन ने उनके अंतिम संस्कार में भाग लिया। छोटन शुक्ला के समर्थक जब उनके पार्थिव शरीर को श्मशान घाट ले जा रहे थे, तभी वहां एक लाल बत्ती वाली कार आ गई। लाल बत्ती वाली कार को देख गुस्साई भीड़ ने उस पर हमला कर दिया। कार में गोपालगंज के डीएम जी. कृष्णाय्याह थे। भीड़ उसे तब तक पीटती रही जब तक उनकी मौत नहीं हो गई। चूंकि आनंद मोहन भी वहां मौजूद थे, उन पर हत्या का आरोप लगाया गया था और अधिकारी को मारने के लिए भीड़ को उकसाने का आरोप लगाया गया था।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 18 Nov 2021, 09:05:01 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.