News Nation Logo
29 अक्टूबर से पीएम मोदी का इटली दौरा जेल में डालने वाला आज जेल में जाने से डरने लगा: नवाब मलिक जो फर्जीवाड़ा किया गया है, वो खुल खुलकर सामने आने लगा है: नवाब मलिक पंजाब में AAP की सरकार बनी, तो प्रदेश में किसी किसान को नहीं करने देंगे खुदकुशी: अरविंद केजरीवाल शाहरुख खान की 'मन्नत' पूरी, आर्यन को बेल; अब मन्नत में मनेगी दीपावली आर्यन खान समेत तीनों आरोपियों के विदेश जाने पर रोक भारत हमेशा से एक शांतिप्रिय देश रहा है और आज भी है: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह हमारा देश किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार है: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह किसी भी विवाद को अपनी तरफ़ से शुरू करना हमारे मूल्यों के ख़िलाफ़ है: रक्षामंत्री राजनाथ सिंह राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों को वैक्सीन की 108 करोड़ डोज़ उपलब्ध कराई गईं: स्वास्थ्य मंत्रालय कर्नाटकः कोडागू जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय में 32 बच्चे कोरोना पॉजिटिव महाराष्ट्र के गृहमंत्री दिलीप वासले हुए कोरोना पॉजिटिव कोरोना अपडेटः पिछले 24 घंटे में देश में 16,156 केस आए, 733 मरीजों की मौत हुई जम्मू-कश्मीरः डोडा में खाई में गिरी मिनी बस, 8 लोगों की मौत आर्य़न खान ड्रग्स केस में गवाह किरण गोसावी पुणे से गिरफ्तार पेट्रोल और डीजल के दामों में 35 पैसे की बढ़ोतरी कैप्टन अमरिंदर सिंह आज फिर मुलाकात करेंगे गृह मंत्री अमित शाह से क्रूज ड्रग्स मामले में आर्यन खान की जमानत पर आज फिर दोपहर में सुनवाई पीएम नरेंद्र मोदी आज आसियान-भारत शिखर वार्ता को करेंगे संबोधित दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल पंजाब के दो दिवसीय दौरे पर आज जाएंगे

मुरैना में आर्थिक तौर पर सशक्त हुई महिलाओं को अब साहूकारों की दरकार नहीं

मुरैना में आर्थिक तौर पर सशक्त हुई महिलाओं को अब साहूकारों की दरकार नहीं

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 30 Sep 2021, 11:25:01 AM
Financially empowered

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

मुरैना: देश के अन्य हिस्सों की तरह मध्य प्रदेश के ग्रामीण अंचलों की महिलाओं के सामने आर्थिक संकट होना आम बात है, इसके चलते उन्हें साहूकार आदि से कर्ज लेना होता है। मुरैना जिले के नूरावाद में महिलाएं स्वावलंबी बन रही है और उन्हें साहूकारों से कर्ज लेने की जरुरत नहीं पड़ रही।

महिलाओं के आर्थिक तौर पर सशक्त होने की कहानी है मुरैना जिले के नूरावाद की। यहां के मां शीतला जनहितकारी महिला स्व-सहायता समूह की 83 महिलायें समूह से जुड़कर अब स्वावलम्बी बन गई है। अब वे अपने घर-गृहस्थी चलाने के साथ-साथ अपने पैरो पर खड़ी होकर स्वयं का व्यवसाय करने लगी है। इतना ही नहीं अब उन्हें किसी साहूकार से उधार पैसे लेने की जरूरत नहीं।

मध्यप्रदेश डे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन उन जरूरतमंद महिलाओं के लिये कारगर सिद्ध हो रही है, जो महिलायें चैका-चूल्हे से बाहर नहीं निकलती थीं। अब वे शासन की योजनाओं को जानने के लिये बढ़ चढ़कर हिस्सा लें रही है।

स्व-सहायता समूह की अध्यक्ष रामसखी ने बताया कि मन में टीस थी कि पति का सहयोग करने के लिये कोई रोजगार खोला जाये, पति कितना भी कमायें, किन्तु आज की मंहगाई में खर्च चलाना कठिन होता जा रहा था, उन्होंने एन.आर.एल.एम. से जुड़कर समूह की 12 महिलाओं को जोड़ा और विगत तीन वर्षों से प्रत्येक सोमवार को 25-25 रुपए समूह की महिलाओं से इकट्ठे कर 85 हजार रुपए की राशि एकत्रित कर बैंक में जमा कर दी।

उन्होंने आगे बताया कि महिलाओं से जुटाई गई राशि बैंक में सुरक्षित है। जिस समूह की महिला को परिवार खर्च के लिये जरूरत होती है तो आवश्यकतानुसार राशि बैंक से निकाली जाती है और किस्तों के रूप में धीरे-धीरे जमा कर देतीं है। अब किसी साहूकार के यहां कर्ज अथवा उधार लेने के लिये नहीं जाना पड़ता है।

स्व-सहायता समूह से जुड़ी ममता, प्रेमा बाई, राजाबेटी, सुनीता, छुट्टो, भूरी, प्रेमवती और श्रीमती गुन्जावती ने बताया कि इस बार एन.आर.एल.एम. द्वारा 11 हजार रुपए का नगद पुरूस्कार दीपावली उत्सव दिया गया था। जिसे समूह की महिलाओं ने आपस में वितरित किया। समूह से जुड़ी महिलायें अब पति के साथ घर खर्च में सहयोग कर रही है। अब साहूकार के यहां पैसा उधार लेने की जरूरत नहीं।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 30 Sep 2021, 11:25:01 AM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो