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कांग्रेस नेता के बयान पर राकेश टिकैत ने कहा- ऐसे लोगों का आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं Live

दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डरों पर किसानों का धरना जारी है. हालांकि, गाजीपुर बॉर्डर और सिंघू बॉर्डर पर डटे किसानों की संख्या में अब तेजी से गिरावट आ रही है.

News Nation Bureau | Edited By : Sunil Chaurasia | Updated on: 15 Feb 2021, 12:27:40 PM
LIVE: किसान महापंचायत में शामिल होने बिजनौर के लिए निकलीं प्रियंका

LIVE: किसान आंदोलन का आज 82वां दिन, प्रियंका गांधी करेंगी महापंचायत (Photo Credit: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:

केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन लगातार 82वें दिन भी जारी है. दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डरों पर किसानों का धरना जारी है. हालांकि, गाजीपुर बॉर्डर और सिंघू बॉर्डर पर डटे किसानों की संख्या में अब तेजी से गिरावट आ रही है. किसान आंदोलन में शामिल किसानों की घटती संख्या को देखते हुए कहा जा सकता है कि अब यह आंदोलन जल्द ही काफी कमजोर पड़ जाएगा. वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी सोमवार को उत्तर प्रदेश के बिजनौर में महापंचायत करेंगी. इसके अलावा अगले तीन दिन अलग-अलग जगह मथुरा, मुजफ्फरनगर में भी कांग्रेस की महापंचायत है.

कांग्रेस नेता विद्या रानी के बयान पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, 'यहां शराब का क्या इस्तेमाल? मुझे नहीं वो ऐसा बयान क्यों दे रही हैं. ऐसे लोगों का आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है. ये गलत है और ऐसा नहीं करना चाहिए. वो अपने आंदोलने में जो चाहें वो बांट सकते हैं. 


गाज़ीपुर बॉर्डर पर भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने बॉर्डर पर चल रही सावित्रीबाई फुले पाठशाला में बच्चों को पढ़ाया. उन्होंने कहा, "ये पाठशाला यहां 22 जनवरी से चल रही है. इसमें झुग्गी झोपड़ी के बच्चे पढ़ने आते हैं. आज मैंने उन बच्चों को पढ़ाया और उनसे बात की."


किसान आंदोलन के ख़िलाफ़ आप कुछ नहीं कर पाते हैं. कभी बलपूर्वक, छलपूर्वक, दरार पैदा कर आप ने किसान आंदोलन को ख़त्म करने की हजार कोशिशें की हैं, लेकिन आप कामयाब नहीं हुए. किसान का पक्ष कोई भी रखे सब आपके लिए दुश्मन है: कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी

एक तरफ सरकार किसानों के जीवन में परिवर्तन लाना चाहती है, दूसरी तरफ कुछ लोग ऐसे भी हैं जो किसानों का हित नहीं होने देने चाहते। उनको बुरा लगता है जब किसान की फसल का दाम किसानों के खाते में जाता है तो स्वाभाविक रूप से बीच की जो दलाली है वो बंद हो जाएगी:मुरादाबाद में योगी आदित्यनाथ

पूरे देश के गन्ना किसानों का 15,000 करोड़ बकाया है, ये ऐसे प्रधानमंत्री हैं कि आजतक आपका बकाया पूरा नहीं किया लेकिन अपने लिए दुनिया घुमने के लिए 16,000 करोड़ के दो हवाई जहाज खरीदे हैं- प्रियंका गांधी

ये तीनों कानून किसान के लिए नहीं बनाए गए हैं, ये इनके पूंजीपति मित्रों के लिए बनाए गए हैं. ये देश अंधा नहीं है, देख रहा है कि 7 सालों से देश में क्या हो रहा है. इनके पूंजीपति मित्रों को पूरा देश सौंप दिया गया है: प्रियंका गांधी

कृषि कानूनों की वजह से किसानों की कोई नहीं सुनेगा, हर जगह सिर्फ उद्योगपतियों की ही मर्जी चलेगी- प्रियंका गांधी

प्राइवेट मंडियों में फसलों पर MSP मिलना बंद हो जाएगा. इसके साथ ही फिर उद्योगपति तय करेंगे कि फसल लेनी है या नहीं- प्रियंका गांधी

नए कानून से प्राइवेट मंडियां खुल जाएंगी और सरकारी मंडियों में टैक्स वसूला जाएगा- प्रियंका गांधी

केंद्र सरकार के नए कृषि कानून से उद्योगपतियों को फायदा होगा, वे जमाखोरी कर पाएंगे- प्रियंका गांधी

साल 2017 से यहां गन्ने के दाम नहीं बढ़े हैं. पीएम मोदी ने अपने लिए 16 हजार करोड़ रुपये का हवाई जहाज खरीद लिया लेकिन किसानों का बकाया अभी तक पूरा नहीं किया गया- प्रियंका गांधी.

पीएम मोदी ने प्रधानमंत्री बनने से पहले बार-बार रोजगार और किसानों की बात की. लेकिन उनके शासन में न तो रोजगार है और न हीं किसान खुश हैं- प्रियंका गांधी

जनता ने नरेंद्र मोदी को दो बार प्रधानमंत्री पद के लिए चुना क्योंकि उन्हें उम्मीदें थीं- प्रियंका गांधी

प्रियंका गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभक्त और देशद्रोहियों को पहचान नहीं पा रहे हैं.

प्रियंका गांधी ने उत्तर प्रदेश के बिजनौर में किसान महापंचायत को संबोधित किया.

प्रियंका गांधी की गाड़ी के पास लगा कार्यकर्ताओं का जमावड़ा.


प्रियंका गांधी के स्वागत के लिए हाथ में झंडे लिए भागते हुए दिखाई दिए कांग्रेस कार्यकर्ता.


सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ ने प्रियंका गांधी का किया जोरदार स्वागत.

बिजनौर पहुंचने से पहले हापुड़ में हुआ प्रियंका गांधी को जोरदार स्वागत.

किसान महापंचायत में शामिल होने के लिए बिजनौर जा रही हैं प्रियंका गांधी.

दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का कृषि कानून बिल के विरोध में प्रदर्शन लगातार जारी है, लेकिन जिस तरह से किसानों की संख्या में लगातार कमी देखने को मिल रही है, उससे लगता है कि किसानों के हौसले अब पस्त पड़ते जा रहे है. इसके साथ ही गाजीपुर बॉर्डर के आसपास के रास्ते इस प्रदर्शन के चलते बंद किए गए हैं, जिसका खामियाजा यहां से गुजरने वाले हजारों लोगों को भुगतना पड़ रहा है. लोग अपनी जान जोखिम में डाल कर कच्चे रास्तों का सहारा ले रहे हैं, जो काफी खतरनाक है.

First Published : 15 Feb 2021, 07:07:09 AM

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