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किसान-केंद्र का संवाद, तो कहां रुकी बात? दीपक चौरसिया के साथ देखिये #DeshKiBahas

केंद्र के नए कृषि कानून को लेकर पिछले कई दिनों से किसानों का प्रदर्शन जारी है. हालांकि, कृषि कानून पर सरकार और किसान के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन समाधान नहीं निकल पा रहा है.

News Nation Bureau | Edited By : Deepak Pandey | Updated on: 18 Dec 2020, 09:24:17 PM
desh ki bahas

देश की बहस (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

केंद्र के नए कृषि कानून को लेकर पिछले कई दिनों से किसानों का प्रदर्शन जारी है. हालांकि, कृषि कानून पर सरकार और किसान के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है, लेकिन समाधान नहीं निकल पा रहा है. किसानों के प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कृषक समुदाय को आश्वासन दिया कि न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) प्रणाली समाप्त नहीं की जाएगी. उन्होंने यह भी कहा कि नये कृषि कानून रातों-रात नहीं आए हैं, बल्कि विभिन्न दल, विशेषज्ञ और प्रगतिशील किसान लंबे समय से सुधारों की मांग कर रहे थे. किसान-केंद्र का संवाद, तो कहां रुकी बात? दीपक चौरसिया के साथ देखिये #DeshKiBahas... यहां पढ़ें मुख्य अंश.

  • किसानों की समस्याओं को देखकर कृषि कानून बनाया गया है : डॉ. जफर इस्लाम, राष्ट्रीय प्रवक्ता, BJP  
  • हमने तो ऐतिहासिक फैसले लिए हैं : डॉ. जफर इस्लाम, राष्ट्रीय प्रवक्ता, BJP  
  • हमारी सरकार ने किसानों को बहुत सुविधाएं दी हैं : डॉ. जफर इस्लाम, राष्ट्रीय प्रवक्ता, BJP  
  • कृषि कानून से किसानों को लाभ होगा : डॉ. जफर इस्लाम, राष्ट्रीय प्रवक्ता, BJP  
  • विपक्ष झूठ फैला रहा है : डॉ. जफर इस्लाम, राष्ट्रीय प्रवक्ता, BJP
  • नए कृषि कानून में मंडियां खत्म नहीं होगी, अब किसान कहीं भी अपनी फसल बेच सकता है : डॉ. जफर इस्लाम, राष्ट्रीय प्रवक्ता, BJP
  • कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग सिर्फ फसल के लिए है, ये जमीन के लिए नहीं है : डॉ. जफर इस्लाम, राष्ट्रीय प्रवक्ता, BJP
  • एमएसपी खत्म नहीं होगा : डॉ. जफर इस्लाम, राष्ट्रीय प्रवक्ता, BJP
  • देश के प्रधानमंत्री ने कहा कि किसानों को आंदोलन बंदकर बैठक कर बातचीत करनी चाहिए : डॉ. जफर इस्लाम, राष्ट्रीय प्रवक्ता, BJP
  • सरकार भी इस कानून में तैयार है : रामनीक मान, किसान  
  • सरकार ने जो बातें मानी हैं, उसके बाद भी आंदोलन हो रहा है : रामनीक मान, किसान  
  • अगर प्राइवेट पार्टियों को फसल बेचने का अधिकार दे दिया गया तो इसमें गलत क्या है : रामनीक मान, किसान  
  • किसान रास्ता बंद करके ब्लैकमेल कर रहे हैं : रामनीक मान, किसान  
  • मामले में कमेटी गठित कर चर्चा हो : रामनीक मान, किसान  
  • नए कृषि कानून के तहत किसानों को 3 दिन में फसल का पैसा मिल जाएगा : रामनीक मान, किसान  
  • किसानों की जमीन को कोई खतरा नहीं है : कृष्णबीर चौधरी, अध्यक्ष, भारतीय कृषि समाज
  • कृषि कानून को लेकर किसानों को गुमराह किया गया है, इसलिए आज वे परेशान हैं : कृष्णबीर चौधरी, अध्यक्ष, भारतीय कृषि समाज
  • कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग के तहत किसान को चेयरमैन बनाने का मेरा सुझाव है : कृष्णबीर चौधरी, अध्यक्ष, भारतीय कृषि समाज
  • कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग में कहीं भी जमीन का जिक्र नहीं है : कृष्णबीर चौधरी, अध्यक्ष, भारतीय कृषि समाज
  • अगर यहां पर किसान नहीं हैं तो केंद्र सरकार किससे बात कर रही है : रविंदर सिंह चीमा, आढ़तिया किसान संघ
  • सरकार बिल बनाने में क्यों तेजी लाई, कम से कम बिल को लेकर किसानों से बात तो कर लेनी चाहिए थी : रविंदर सिंह चीमा, आढ़तिया किसान संघ
  • सुप्रीम कोर्ट के अनुसार आगे का काम होगा : रविंदर सिंह चीमा, आढ़तिया किसान संघ
  • कानून बनाने समय सरकार से गलतियां हुईं : रविंदर सिंह चीमा, आढ़तिया किसान संघ
  • किसान किसी को परेशान नहीं करना चाहता है, हम तो किनारे बैठकर प्रदर्शन कर रहे हैं : रविंदर सिंह चीमा, आढ़तिया किसान संघ
  • यूपीए सरकार ने कभी नहीं कहा कि इस बिल को जबरजदस्ती से पास करेंगे : चरण सिंह सापरा, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस 
  • राज्यसभा में इस बिल के खिलाफ सभी विपक्ष ने प्रदर्शन किया है : चरण सिंह सापरा, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस 
  • किसान ये देख रहा है कि ये जबरदस्ती कानून लाया गया है : चरण सिंह सापरा, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस 
  • किसान का सरकार पर से भरोसा उठ गया है : चरण सिंह सापरा, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस 
  • सरकार की किसानों से क्या दुश्मनी है, सरकार एमएसपी क्यों नहीं दे रही है : चरण सिंह सापरा, राष्ट्रीय प्रवक्ता, कांग्रेस 
  • एमएसपी से नीचे खरीदने पर हमने कानून बनाने की बात की है : राकेश टिकैत, भारतीय किसान यूनियन 
  • तीनों कृषि कानून में एमएसपी का जिक्र नहीं है : राकेश टिकैत, भारतीय किसान यूनियन 
  • हमने तो सिर्फ कानून बनाने की मांग की है : राकेश टिकैत, भारतीय किसान यूनियन 
  • सब लोग बैठकर एक बेहतरीन बिल बना सकते हैं  : राकेश टिकैत, भारतीय किसान यूनियन 
  • कृषि कानून में कई खामियां हैं : राकेश टिकैत, भारतीय किसान यूनियन 
  • अगर कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग चल रही था तो कानून बनाने की जरूरत थी : राकेश टिकैत, भारतीय किसान यूनियन 
  •  किसान इसे पाकिस्तान बना दिया है : पंकज पंडित, झांसी, दर्शक
  • नेताओं को देश की हित में सोचना चाहिए : पंकज पंडित, झांसी, दर्शक
  • अगर स्पष्ट करे कि आप कानून में संशोधन कराना चाहते हैं या फिर कानून वापस कराना चाहते हैं : पंकज पंडित, झांसी, दर्शक
  • प्रदर्शन करने वाले किसान नहीं है, ये ज्यादा दिनों तक चलने वाला नहीं है : मनीष चौबे, लखनऊ, दर्शक
  • जो किसान कर रहे हैं वो ठीक नहीं है : मनीष चौबे, लखनऊ, दर्शक

First Published : 18 Dec 2020, 07:35:21 PM

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