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कैलाश गहलोत बोले- किसानों को जरूरी सुविधा उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता

केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन एक बार फिर उग्र हो गया है. किसानों के आंदोलन पर सियासत भी तेज है.

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 27 Nov 2020, 03:59:54 PM
kisan protest

LIVE: किसानों के मार्च के मद्देनजर सिंधू बॉर्डर पर फोर्स तैनात (Photo Credit: ANI)

नई दिल्ली:

केंद्र के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन एक बार फिर उग्र हो गया है. किसान के 'दिल्ली चलो' मार्च के कारण दिल्ली-हरियाणा, पंजाब-हरियाणा बॉर्डर सील हैं. किसानों के आंदोलन पर सियासत भी तेज है और साथ ही पंजाब की कांग्रेस सरकार और हरियाणा की बीजेपी सरकार के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर चल रहा है. हरियाणा के सीएम खट्टर ने पंजाब सरकार पर लोगों को भड़काने का आरोप लगाया तो पंजाब के सीएम ने आरोपों को निराधार बताया है. 

दिल्ली सरकार में मंत्री कैलाश गहलोत ने कहा कि हमारी कोशिश रहेगी कि दिल्ली में पहुंचे सभी किसानों को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो. डिविजनल कमिशनर को निर्देश दिए गए हैं कि संत निरंकारी ग्राउंड में रहने, पानी, मोबाइल टॉयलेट और सफाई की व्यवस्था के इंतजाम किए जाएं. 

'दिल्ली चलो' आंदोलन पर पंजाब के किसान, सिंघू बॉर्डर (दिल्ली-हरियाणा) पर डटे हुए हैं. आगे की कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है. 


सिंधु बॉर्डर के किसान बुराड़ी जाने को तैयार नहीं. पंजाब-हरियाण के किसानों के सिंधु बॉर्डर पहुंचे गुट ने बुलाई बैठक. किसान कर रहे है जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की मांग. बॉर्डर से थोड़ा पीछे हटे किसान. अभी नेशनल हाईवे पर ही ट्रैक्टर ट्राली के साथ खड़े हैं हज़ारों किसान.

सिंघु बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे किसानों पर सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के गोले छोड़े. कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए किसान दिल्ली आ रहे हैं.


हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किसानों ने बातचीत के जरिए हल सुलझाने की अपील की है. उन्होंने ट्वीट किया, 'केंद्र सरकार बातचीत के लिए हमेशा तैयार है. मेरी सभी किसान भाइयों से अपील है कि अपने सभी जायज मुद्दों के लिए केंद्र से सीधे बातचीत करें. आन्दोलन इसका जरिया नहीं है- इसका हल बातचीत से ही निकलेगा.'


पंजाब-हरियाणा के किसानों के साथ अब यूपी के किसान भी आ गए हैं. यूपी में भी कई जगह किसान प्रदर्शन कर रहे हैं.

नए कृषि कानूनों के खिलाफ मथुरा में प्रदर्शन कर रहे कुछ किसान प्रदर्शनकारियों को सड़क पर जाम लगाने के लिए पुलिस ने हिरासत में लिया.


हरियाणा के सिरसा में डबवाली पंजाब हरियाणा बॉर्डर पर किसानों ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान सड़क पर लगे पुलिस बैरिकेड को नुकसान पहुंचाया और उन्हें रास्ते से हटा दिया.

दिल्ली सरकार ने किसानों के आंदोलन के मद्देनजर 9 स्टेडियमों को अस्थाई जेल बनाने की दिल्ली पुलिस की मांग को खारिज कर दिया है.

कृषि कानूनों के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे पंजाब और हरियाणा के किसान पानीपत में डेरा डालने के बाद हल्दवाना सीमा पर पुलिस द्वारा लगाए गए अवरोधकों को पार करके सोनीपत के गन्नौर में पहुंच गए. ट्रैक्टर एवं ट्रालियों पर हजारों की संख्या में किसान सवार हैं.

किसानों के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस जयवीर शेरगिल ने कहा, 'देश के किसान के साथ भाजपा ईस्ट इंडिया कंपनी और जनरल डायर जैसा व्यवहार कर रही है. जिस किसान का लाल गुलाब देकर स्वागत करना चाहिए, उसका लाल लहू भाजपा बेशर्मी से सड़कों पर बहा रही है.'

सिरसा में कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का विरोध प्रदर्शन 'दिल्ली चलो आंदोलन' के तहत दिल्ली की तरफ बढ़ रहा है.

पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह किसान मार्च को लेकर मोदी सरकार पर दबाव बना रहे हैं. 

कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली में विरोध प्रदर्शन करने आ रहे किसानों और सुरक्षा बलों की टिकरी बॉर्डर पर झड़प हुई है.


कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों के आंदोलन को बिहार की पूर्व सीएम राबड़ी देवी ने सही ठहराया है. 

कृषि कानूनों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने के लिए किसान मज़दूर संघर्ष कमेटी दिल्ली की ओर बढ़ रही है.

किसानों के प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने नौ स्टेडियमों को अस्थायी जेलों में बदलने के लिए दिल्ली सरकार से अनुमति मांगी है.


कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने पानीपत में किसानों के प्रदर्शन को समर्थन दिया है. उन्होंने ट्वीट किया, 'क्या दिल्ली सिर्फ मुट्ठी भर पूंजीपतियों की तिजोरी की रक्षा करने वालों के लिए बनी है? क्या भारतवर्ष की राजधानी दिल्ली पर किसान का हक नहीं है? आज किसानों से इतनी नफरत क्यों हो गई? आज पानीपत, हरियाणा जा कर किसानों के संघर्ष को समर्थन दिया.'


सिंघू बॉर्डर पर पुलिस ने दिल्ली में घुसने की कोशिश कर रहे किसानों पर आंसू गैस के गोले छोड़े हैं.


पंजाब हरियाणा के किसान पानीपत टोल पर पहुंच गए हैं. किसान दिल्ली कूच पर अड़े. किसानों का कहा है कि कानून वापसी मांग के साथ निकले हैं, चाहे जितना वक्त लगे कानून वापसी तक संघर्ष जारी रहेगा.

सिंधु बॉर्डर पर प्रशासन की व्यापक तैयारियां हैं. सुबह दिन चढ़ते ही कुछ किसान लोकेशन पर पहुंचे. जहां से दिल्ली पुलिस ने उन्हें समझा बुझा कर वापस भगा दिया और उनके ट्रैक्टर ट्राली की हवा निकाल दी. 

सिंधु बॉर्डर पर करीब 2 से 300 मीटर तक कई लेयर की सिक्योरिटी तैनात की गई है.

किसानों के मार्च के मद्देनजर सिंधू बॉर्डर (हरियाणा दिल्ली बॉर्डर) पर भारी संख्या में पुलिस और सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है. 


First Published : 27 Nov 2020, 07:27:37 AM

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