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टिकैत बोले- कृषि कानूनों की वापसी तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में जारी किसानों का आंदोलन 44वें दिन में प्रवेश कर गया है. आज सरकार के साथ होने वाली वार्ता के नतीजे तक पहुंचने को लेकर असमंजस बरकरार है.

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 08 Jan 2021, 05:11:20 PM
Kisan Meeting

किसान आंदोलन (Photo Credit: News Nation)

नई दिल्ली:

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में जारी किसानों का आंदोलन 44वें दिन में प्रवेश कर गया है. आज सरकार के साथ किसान नेताओं की 8वें दौर की वार्ता से एक दिन पहले आंदोलनरत किसानों ने गुरुवार को ट्रैक्टर मार्च निकालकर शक्ति-प्र्दशन किया. इस शक्ति प्रदर्शन के साथ-साथ किसान संगठनों के नेताओं ने सरकार को यह चेतावनी भी दी है कि उनकी मांगें पूरी नहीं होने पर वे आंदोलन को और तेज करेंगे. ऐसे में आज सरकार के साथ होने वाली वार्ता के नतीजे तक पहुंचने को लेकर असमंजस बरकरार है.

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि कृषि कानूनों की वापसी तक हमारा आंदोलन जारी रहेगा.

किसानों के साथ चल रही बैठक खत्म हो गई है. अगली डेट 15 जनवरी को फिर होगी किसानों के साथ बातचीत. आज भी बैठक बेनतीजा रही.

किसान आंदोलन का समर्थन करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि हम बिल्कुल पीछे नहीं हटेंगे. हम किसानों के साथ हमेशा रहे हैं. बिल्कुल पीछे नहीं हटेंगे. उन्होंने कहा कि समाधान यही है कि सरकार कानून वापस लें और कोई समाधान नहीं है.

कृषि कानूनों के खिलाफ जंतर मंतर पर प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस सांसदों ने राहुल गांधी के आवास पर पार्टी नेता प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की.


किसान और केंद्र सरकार के बीच होने वाली 8वें दौर की वार्ता पर केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मुझे पूरी आशा है कि किसान यूनियन के लोग सकारात्मक माहौल में चर्चा करेंगे और संभाव्यता हम लोग समाधान तक पहुंच पाएंगे.


कृषि कानूनों पर केंद्र सरकार के साथ किसान नेताओं की 8वें दौर की वार्ता से पहले भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार 700 बार भी बैठक करेगी तो हम करेंगे, लेकिन मांगें नहीं बदलेंगी.

कृषि कानूनों के मुद्दे पर केंद्र सरकार से वार्ता के लिए किसान नेता विज्ञान भवन पहुंच गए हैं.

केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी ने कहा कि पहले की वार्ता में किसान यूनियन के नेताओं का विषय था कि हम इसमें सुधार चाहते हैं. सरकार सुधार के लिए तैयार है. मुझे विश्वास है कि आज की वार्ता में वे इस बात को समझेंगे. किसान यूनियन के नेता सोचकर आएंगे कि समाधान करना है तो समाधान अवश्य होगा. 

केंद्र सरकार के साथ होने वाली आठवें दौर की वार्ता के लिए किसान नेता सिंघु बॉर्डर से विज्ञान भवन के लिए रवाना हो गए हैं. 


अब से पहले 8 दौर की वार्ता में राकेश टिकैत ने कहा कि तीनों कृषि कानून वापसी से कम कुछ नहीं. पूछे गए सवाल अगर केंद्र सरकार राज्य सरकारों पर कृषि कानूनों को लागू करने का फैसला छोड़ दें तो इस पर राकेश टिकैत का कहना किसानों  ये बात मंजूर नहीं.

आज की बातचीत के पहले भी किसानों के रुख में कोई बदलाव दिखाई नहीं पड़ रहा है. किसान अभी भी बिल वापसी की अपनी मांग पर पूरी तरह से खड़े हुए हैं. किसानों ने कहा कि कल की ट्रैक्टर परेड सिर्फ एक झांकी थी, 26 जनवरी को इससे कई गुना लंबी परेड निकालेंगे. 

आज सरकार के साथ किसान संगठनों की बैठक होगी. विज्ञान भवन में एक बार फिर किसान जुटेंगे. एमएसपी और तीन कानून पर चर्चा होगी. आज की बैठक में मसले का हल निकालने की उम्मीद है.

करीब डेढ़ महीने से हजारों की संख्या में किसान दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले बैठे हैं.

कृषि कानूनों को लेकर आज एक बार फिर किसानों और सरकार के बीच वार्ता होने जा रही है.

First Published : 08 Jan 2021, 07:16:13 AM

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