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Chakka Jam: देशभर में शांतिपूर्ण तरीके से खत्म हुआ किसानों का चक्का जाम Live

केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान संगठनों ने आज चक्का जाम का ऐलान किया था, जो शांतिपूर्ण तरीके से खत्म हो गया है.

News Nation Bureau | Edited By : Sunil Chaurasia | Updated on: 06 Feb 2021, 03:21:30 PM
Chakka Jam- देशभर में शांतिपूर्ण तरीके से खत्म हुआ चक्का जाम

Chakka Jam- देशभर में शांतिपूर्ण तरीके से खत्म हुआ चक्का जाम (Photo Credit: ANI/ Twitter)

नई दिल्ली:

केंद्र सरकार के नए कृषि कानूनों के विरोध में किसानों का आंदोलन लगातार 73वें दिन भी जारी है. राजधानी दिल्ली के अलग-अलग बॉर्डर पर किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है. किसान संगठनों द्वारा शनिवार, 6 फरवरी को देशभर में किया गया चक्का जाम शांतिपूर्ण तरीके से खत्म हो गया. दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड को छोड़कर देशभर में शनिवार को दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक चक्का जाम किया था. हरियाणा और पंजाब में किसानों के चक्का जाम का प्रभावशाली असर देखने को मिला. हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारियों ने नेशनल और स्टेट हाईवे बंद किए. हालांकि, प्रदर्शनकारियों ने हरियाणा के पलवल में पलवल-आगरा हाईवे से गुजर रही एंबुलेंस को रास्ता दिया और आगे जाने दिया. बता दें कि 26 जनवरी को किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हुई हिंसा के बाद देशभर में शासन-प्रशासन चक्का जाम को लेकर अलर्ट था.

हरियाणा के पलवल में पलवल-आगरा हाईवे पर बैठे आंदोलनकारी किसानों ने एंबुलेंस के लिए जगह खाली कराई और बिना रोक-टोक जाने दिया.


देशभर में किसानों का शांतिपूर्ण चक्का जाम खत्म

दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक किसानों द्वारा दिए गए 'चक्का जाम' के आह्वान के तहत प्रदर्शनकारियों ने सड़कों को जाम कर दिया; अमृतसर में दिल्ली-अमृतसर राष्ट्रीय राजमार्ग पर गोल्डन गेट के पास प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक प्रदर्शन करते हुए.


 


किसानों के चक्का जाम के तहत प्रदर्शनकारियों ने अमृतसर में दिल्ली-अमृतसर हाईवे पूरी तरह से बंद किया.


तेलंगाना: किसानों चक्काजाम के तहत हैदराबाद के बाहरी इलाके में एक राजमार्ग पर आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हटा दिया.


चक्का जाम के दौरान गाजीपुर बॉर्डर पर माहौल शांतिपूर्ण. भारी संख्या में सुरक्षाबल तैनात.


दिल्ली के शहीदी पार्क में प्रदर्शन कर रहे 55 लोगों को हिरासत में लिया गया.


दिल्ली में 55 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए.

दिल्ली के आईटीओ से आ रही हैं बवाल की खबरें. 

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा है कि ये आंदोलन रोटी को तिजोरी में बंद करने से बचाने के लिए है. उन्होंने कहा कि वे 2 अक्टूबर तक कहीं नहीं जाएंगे और यहीं डटे रहेंगे.

केरल में पुलिसकर्मियों से भिड़े प्रदर्शनकारी किसान.

चक्का जाम के 3 घंटे का आधा समय बीत चुका है. इस दौरान देशभर के किसी भी इलाके से हिंसा जैसी कोई खबर नहीं आई है. कुछ जगहों पर पुलिस ने एहतियातन प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है.

जम्मू: मोबाइल टावर पर चढ़े प्रदर्शनकारी किसान. इलाके में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी किसान मौजूद.

हरियाणा के सोनीपत में आंदोलनकारी किसानों ने ट्रैक्टर खड़े कर सड़क बंद की. हजारों प्रदर्शनकारी मौजूद.

किसानों के चक्का जाम को देखते हुए गाजीपुर बॉर्डर पर भारी सुरक्षा बल तैनात. 

शंभू बॉर्डर पर इंटरनेट बंद है. हजारों जवान तैनात किए गए हैं.

आंदोलनकारी किसानों ने हरियाणा के पलवल में बंद किए रोड.


किसानों ने जम्मू में पठानकोट-जम्मू हाईवे किया बंद.


प्रदर्शनकारियों ने शाहजहांपुर बॉर्डर (राजस्थान-हरियाणा) के पास राष्ट्रीय राजमार्ग को बंद कर दिया.


पंजाब के अमृतसर और मोहाली में प्रदर्शनकारियों ने सड़कें बंद की.


किसानों के चक्का जाम के तहत बेंगलुरू के येलहंका पुलिस स्टेशन के बाहर आंदोलन कर रहे प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया.


किसानों ने ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेस-वे बंद कर दिया है. किसानों ने हाईवे बंद करने के लिए वहां ट्रैक्टर खड़े कर दिए हैं.

किसान नेताओं से शनिवार शाम बात कर सकते हैं केंद्र सरकार के अधिकारी: सूत्र

खान मार्केट और नेहरू प्लेस मेट्रो स्टेशन भी किए गए बंद.


लाल किला, जामा मस्जिद, जनपथ और केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन भी बंद किए गए.

दिल्ली मेट्रो ने मंडी हाउस, आईटीओ, दिल्ली गेट और विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के सभी गेट बंद कर दिए गए हैं.

किसानों के चक्का जाम को देखते हुए दिल्ली मेट्रो ने एहतियात कई मेट्रो स्टेशन बंद किए.

लोनी बॉर्डर पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. यहां भारी संख्या में सुरक्षाबलों को तैनात किया गया है.


किसानों के चक्का जाम पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए ड्रोन की मदद ली जा रही है.



हरियाणा: किसान संगठनों के चक्का जाम को देखते हुए पलवल में सुरक्षा कड़ी की गई है.







 





किसान संगठनों द्वारा देशभर में आज चक्का जाम के आह्वान को देखते हुए शाहजहांपुर बॉर्डर (दिल्ली-राजस्थान बॉर्डर) पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं.

दिल्ली के 12 मेट्रो स्टेशनों को अलर्ट पर रखा गया है. स्थिति को देखते हुए इन मेट्रो स्टेशनों के दरवाजे बंद किए जा सकते हैं.


किसानों के चक्का जाम को देखते हुए दिल्ली में 50 हजार से भी ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. इनमें दिल्ली पुलिस के जवानों के साथ पैरा-मिलिट्री फोर्स के जवान भी हैं.

चक्का जाम को देखते हुए दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में पैरा-मिलिट्री फोर्स तैनात की गई है.


शनिवार को होने वाले चक्का जाम से गाजीपुर के किसानों ने दूरी बना ली है. उनका कहना है कि हम जनता को परेशान नहीं करना चाहते हैं. उन्हें लगता है कि 26 जनवरी की घटना के बाद अब ऐसा करना गलत है.

दिल्ली के आईटीओ में भी पुलिस ने बैरिकेडिंग की है.


नई दिल्ली रेलवे स्टेशन के पास स्थित मिंटो ब्रिज की भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है.


किसानों के चक्का जाम को देखते हुए लाल किला में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

दिल्ली के गाजीपुर बॉर्डर पर दिल्ली पुलिस ने जबरदस्त बैरिकेडिंग की है और वॉटर कैनन भी लगाए गए हैं.


हरियाणा और पंजाब में चक्का जाम का प्रभावशाली असर देखने को मिल सकता है. हालांकि, दोनों ही राज्यों में शासन और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हैं.

चक्का जाम में शामिल होने वाले किसान 3 बजे 1 मिनट तक हॉर्न बजाकर किसान एकता का संकेत देते हुए कार्यक्रम खत्म करेंगे.

दिल्ली और NCR में चक्का जाम नहीं होगा. मोर्चा ने कहा कि दिल्ली एनसीआर में हो रहे विरोध स्थल पहले से ही चक्का जाम मोड में हैं. दिल्ली में प्रवेश करने के लिए सभी सड़कें खुली रहेंगी. हालांकि, जिन जगहों पर किसानों का प्रदर्शन चल रहा है, वे बंद रहेंगे.

किसानों का कहना है कि शनिवार को होने वाला चक्का जाम पूरी तरह से शांतिपूर्ण और अहिंसक होगा.

किसानों के चक्का जाम में देशभर के सभी नेशनल और स्टेट हाईवे दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक बंद रहेंगे. इमरजेंसी और आवश्यक सेवाएं जारी रहेंगी.

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में चक्का जाम की कॉल वापस लेने पर राकेश टिकैत ने कहा कि यूपी और उत्तराखंड के किसानों को स्टैंड बाई में रखने का फैसला लिया गया है.

चक्का जाम पर राकेश टिकैत ने कहा कि, "उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के किसान शनिवार को सड़क पर जाम नहीं लगाएंगे, बल्कि शांतिपूर्वक जिला मुख्यालय और तहसील मुख्यालय पर ज्ञापन देंगे."

First Published : 06 Feb 2021, 07:57:11 AM

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