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NDA में सबकुछ ठीक नहीं JDU के बाद अब यह पार्टी भी बीजेपी से नाराज, जानिए क्या है वजह

बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह जहां महाराष्ट्र में बीजेपी का सीएम देखना चाहते हैं तो वहीं उनकी सहयोगी पार्टी शिवसेना (Shiv Sena) ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला चाहती है.

News Nation Bureau | Edited By : Ravindra Singh | Updated on: 12 Jun 2019, 06:13:44 AM
उद्धव ठाकरे, अमित शाह के साथ फडणवींस (फाइल फोटो)

उद्धव ठाकरे, अमित शाह के साथ फडणवींस (फाइल फोटो)

highlights

  • NDA में सबकुछ ठीक नहीं !
  • बिहार के महाराष्ट्र में सहयोगी बगावत पर!
  • शिवसेना चाहती है ढाई-ढाई साल के सीएम का फॉर्मूला

नई दिल्ली:

एनडीए (NDA) में इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. शपथ ग्रहण के दौरान मंत्रिमंडल शपथ को लेकर जेडीयू बाहर रही. वहीं जेडीयू (JDU) के बाद अब महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सहयोगी पार्टी शिवसेना (Shiv Sena) भी नाराज चल रही है. मीडिया में आईं खबरों के मुताबिक महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री पद को लेकर शिवसेना और बीजेपी में मनमुटाव है. महाराष्ट्र में इसी साल विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly election) होने हैं. ऐेसे में राज्य में दोनों ही पार्टियां अपना-अपना मुख्यमंत्री चाहती हैं. बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह जहां महाराष्ट्र में बीजेपी का सीएम देखना चाहते हैं तो वहीं उनकी सहयोगी पार्टी शिवसेना (Shiv Sena) ढाई-ढाई साल का फॉर्मूला चाहती है. शिवसेना के सूत्रों के मुताबिक अमित शाह ने कहा था कि दोनों दलों में बराबर ज़िम्मेदारियां बांटी जाएंगी. ऐसे में मुख्यमंत्री पद भी दोनों के लिए बराबर होगा जिसके लिए दोनों पार्टियों के सीएम भी ढाई-ढाई साल के फार्मूले पर रहेंगे. हालांकि शिवसेना अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने कहा है कि उन्हें अमित शाह की बात का भरोसा है. उन्होंने कहा कि हमें अमित शाह जी की बात पर पूरा भरोसा है.

इसके पहले शपथ ग्रहण समारोह से ठीक पहले जेडीयू ने मंत्रिमंडल में शामिल होने से इंकार कर दिया था. हालांकि जेडीयू अध्यक्ष और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने यह भी कहा था कि हम नाराज नहीं हैं हम एनडीए के साथ ही रहेंगे लेकिन जब बिहार में मंत्रिमंडल विस्तार किया गया तो एक भी बीजेपी के नेता को मंत्री नहीं बनाया गया जबकि जेडीयू क 8 मंत्रियों ने मंत्रिपद की शपथ ली थी. इसके बाद नीतीश कुमार (Nitish Kumar) कहा कि केंद्र (PM Modi) में बीजेपी की अपनी बहुमत की सरकार है और सरकार चलाने के लिए उनको किसी सहयोगी दल की जरूरत नहीं है. लेकिन अगर भविष्य को ध्यान में रखते हुए केंद्र और बिहार सरकार साथ मिलकर काम कर रही है.

वहीं रविवार को पटना में जेडीयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है कि जेडीयू बिहार के बाहर एनडीए का हिस्सा नहीं होगी. बैठक में हुए फैसले के मुताबिक सीएम नीतीश कुमार (Nitish kumar) की जनता दल यूनाइटेड बिहार के बाहर होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव अकेली लड़ेगी, लेकिन जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने बताया था कि अभी इस बात पर पक्की मुहर नहीं लगाई गई है. वहीं महाराष्ट्र के वित्तमंत्री सुधीर मुंगंटीवार ने दावा किया है कि अगला मुख्यमंत्री उनकी ही पार्टी से होगा.

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First Published : 12 Jun 2019, 06:13:44 AM