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मोबाइल ऐप के जरिए धोखाधड़ी के आरोप में व्यक्ति गिरफ्तार, चीन से जुड़े हैं अपराध के तार

मोबाइल ऐप के जरिए धोखाधड़ी के आरोप में व्यक्ति गिरफ्तार, चीन से जुड़े हैं अपराध के तार

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 20 Jan 2022, 09:35:02 PM
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(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली:   प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गुरुवार को कहा कि उसने 84 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले के एक मामले में एक अनस अहमद नामक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।

आरोपी के चीनी लोगों के साथ संबंध होने का आरोप है और उसने कथित तौर पर पावरबैंक और इस तरह के अन्य धोखाधड़ी वाले मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से धोखाधड़ी की।

ईडी अधिकारी ने कहा कि वर्तमान में अनस अहमद न्यायिक हिरासत में है और सीबी, सीआईडी, चेन्नई द्वारा दर्ज विधेय अपराध में पुझल सेंट्रल जेल, चेन्नई में बंद है।

ईडी के एक अधिकारी ने कहा, गुरुवार को हमें माननीय प्रधानाचार्य सिटी सिविल एंड सेशंस और पीएमएलए मामलों, बेंगलुरु के विशेष न्यायाधीश से अनस की छह दिन की हिरासत मिली। हमें उसका बयान दर्ज करना होगा, हम उससे दस्तावेजी सबूत के साथ पूछताछ करेंगे।

ईडी अधिकारी ने कहा कि उन्होंने आरोपियों की संस्थाओं के संचालन में मनी लॉन्ड्रिंग के तहत जांच शुरू की। उन्होंने कथित तौर पर लोगों को पावरबैंक और ऐसे अन्य धोखाधड़ी वाले ऐप्स के माध्यम से निवेश करने के लिए दैनिक या साप्ताहिक आधार पर ब्याज भेजने का आश्वासन देकर कुछ राशि का निवेश करने के लिए प्रेरित किया।

निर्दोष लोगों से मोटी रकम वसूल कर आरोपी संस्थाओं ने अपना कथित धंधा बंद कर दिया और फिर उनसे संपर्क तोड़ लिया।

ईडी अधिकारी ने कहा, आरोपी संस्थाओं ने न तो ब्याज का भुगतान किया और न ही किसी को मूल राशि लौटाई और जनता द्वारा किए गए निवेश को हड़प दिया, जिसके परिणामस्वरूप धोखाधड़ी हुई है।

अनस अहमद दो आरोपी फर्मों एचएंडएस वेंचर्स इंक और क्लिफोर्ड वेंचर्स में भागीदार है।

ईडी के अधिकारी ने कहा कि ये दोनों पार्टनरशिप फर्म लोगों से 84 करोड़ रुपये की ठगी करने के लिए जिम्मेदार हैं।

अधिकारी ने कहा कि अनस अहमद के चीनी संबंध हैं और उसके बारे में पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड होने का संदेह है। उसने अवैध गतिविधियों में शामिल होते हुए धोखे से लोगों से धन एकत्र किया। धोखाधड़ी वाले ऐप्स के माध्यम से निवेश योजनाओं का लालच देकर उसने लोगों के साथ ठगी की।

ईडी ने यह भी पाया है कि आपराधिक गतिविधियों के माध्यम से उत्पन्न आय को भारत से बाहर भेजने और क्रिप्टो करंसी में निवेश करने के लिए कई शेल कंपनियों के माध्यम से यह गोरखधंधा चलाया जा रहा था।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 20 Jan 2022, 09:35:02 PM

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