News Nation Logo
ओमिक्रॉन पर स्वास्थ्य मंत्रालय ने दी जानकारी 66 और 46 साल के दो मरीज आइसोलेशन में रखे गए भारत में ओमीक्रॉन वायरस की पुष्टि कर्नाटक में मिले ओमीक्रॉन के 2 मरीज सीएम योगी आदित्यनाथ ने प. यूपी को गुंडे-माफियाओं से मुक्त कराकर उसका सम्मान लौटाया है: अमित शाह जहां जातिवाद, वंशवाद और परिवारवाद हावी होगा, वहां विकास के लिए जगह नहीं होगी: योगी आदित्यनाथ पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में देश में चक्रवात से संबंधित स्थिति पर हुई समीक्षा बैठक प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों का एयरपोर्ट पर RT-PCR टेस्ट किया जा रहा है: सत्येंद्र जैन दिल्ली में पिछले कुछ महीनों से कोविड मामले और पॉजिटिविटी रेट काफी कम है: सत्येंद्र जैन आंदोलनकारी किसानों की मौत और बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा में नारेबाजी की दिल्ली में आज भी प्रदूषण का स्तर काफी खराब, AQI 342 पर पहुंचा बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने बैठकर गाया राष्ट्रगान, मुंबई BJP के एक नेता ने दर्ज कराई FIR यूपी सरकार ने भी ओमीक्रॉन को लेकर कसी कमर, बस स्टेशन- रेलवे स्टेशन पर होगी RT-PCR जांच

ईडी ने 173.50 करोड़ रुपये के घोटाले में 1 को गिरफ्तार किया

ईडी ने 173.50 करोड़ रुपये के घोटाले में 1 को गिरफ्तार किया

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 18 Nov 2021, 10:50:01 PM
Enforcement Directorate

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने राष्ट्रीय लघु उद्योग निगम (एनएसआईसी) को 173.50 करोड़ रुपये के नुकसान से जुड़े एक मामले में देवव्रत हालदार को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने गुरुवार को यह जानकारी दी।

ईडी ने कहा, हालदार को धनशोधन निवारण अधिनियम, 2002 के प्रावधानों के तहत बुधवार को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तारी से एक दिन पहले ईडी ने पश्चिम बंगाल में छह अलग-अलग जगहों पर तलाशी अभियान चलाया था।

ईडी ने दो वाहन - एक टोयोटा फॉर्च्यूनर और एक टोयोटा कोरोला एल्टिस (50 लाख रुपये), नकद और आभूषण (18.4 लाख रुपये मूल्य) जब्त किए गए। साथ ही, संबंधित फर्जी एमएसएमई फर्मो के बैंक खातों में 3.95 करोड़ रुपये की राशि पड़ी है, जिसे फ्रीज कर दिया गया है।

ईडी ने सीआईडी, पश्चिम बंगाल द्वारा दर्ज प्राथमिकी के आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की है।

एनएसआईसी को अपनी कच्ची सामग्री सहायता योजना (आरएमए योजना) के तहत अन्य असंबद्ध संस्थाओं की बैंक गारंटी (बीजी) जमा करने और तत्कालीन विभिन्न शाखाओं द्वारा जारी किए जाने वाले फर्जी बीजी जमा करने से कुल 173.50 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। यह बात युनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया, कोलकाता ने कही।

अपनी आरएमए योजना के तहत प्राप्त एनएसआईसी की धनराशि को विभिन्न फर्जी आपूर्तिकर्ता फर्मो के खातों के माध्यम से रकम को लॉन्ड्रिंग या डायवर्ट किया गया था।

विभिन्न जरूरतमंद एमएसएमई फर्मो को ऋण सुविधाएं देने के लिए आरएमए योजना तैयार की गई है।

जांच के दौरान, यह पता चला कि घोटाले के मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक देवव्रत हालदार ने पूरे घोटाले के बिचौलिए और मुख्य लाभार्थी के रूप में काम किया।

आरोपी ने अपराध की आय से विभिन्न चल और अचल संपत्ति अर्जित की है। प्रवर्तन निदेशालय ने कहा कि पीएमएलए जांच के दौरान हालदार असहयोगी रहा। उसका रवैया टालमटोल करने वाला रहा और उसने कोई प्रासंगिक जानकारी नहीं दी।

जांच एजेंसी ने कहा, इसलिए उन्हें 17 नवंबर को गिरफ्तार किया गया और विशेष पीएमएलए अदालत ने उन्हें 10 दिन के ईडी रिमांड में भेज दिया है। आगे की जांच जारी है।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 18 Nov 2021, 10:50:01 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.