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दाभोलकर मामला : सनातन संस्था के 5 कार्यकर्ताओं पर आरोप तय करेगी अदालत

दाभोलकर मामला : सनातन संस्था के 5 कार्यकर्ताओं पर आरोप तय करेगी अदालत

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 07 Sep 2021, 09:00:02 PM
Dr Narendra

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

पुणे: पुणे की एक विशेष अदालत ने आठ साल पहले तर्कवादी डॉ. नरेंद्र दाभोलकर की सनसनीखेज हत्या के मामले में मंगलवार को दक्षिणपंथी सनातन संस्था के पांच सदस्यों और मुख्य आरोपी के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया।

महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (एमएएनएस) के बैनर तले देश के अंधविश्वास विरोधी आंदोलन का नेतृत्व करने वाले 67 वर्षीय दाभोलकर की 20 अगस्त 2013 को दो अज्ञात मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने ओंकारेश्वर मंदिर के पास गोली मारकर हत्या कर दी थी।

विशेष न्यायाधीश एस.आर. विशेष यूएपीए कोर्ट के नवंदर ने कहा कि हत्या और आतंक के पांच आरोपियों में से चार के खिलाफ भारतीय दंड संहिता, गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के अलावा शस्त्र अधिनियम के तहत आरोप तय किए जाएंगे।

डॉ.वीरेंद्र सिंह तावड़े, सचिन अंधुरे, शरद कालस्कर और विक्रम भावे पर हत्या, हत्या की साजिश रचने और आईपीसी और यूएपीए के प्रावधानों के तहत आरोपों का सामना करना पड़ेगा।

विशेष न्यायाधीश नवंदर ने कहा कि पांचवें आरोपी, वकील संजीव पुनालेकर पर सबूत नष्ट करने के आरोप होंगे और मामले को आगे की सुनवाई के लिए 15 सितंबर को रखा गया है, जब वास्तविक आरोप तय किए जाएंगे।

साल 2014 में पुणे पुलिस से मामला अपने हाथ में लेने वाली केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने पांचों आरोपियों के खिलाफ काफी पहले चार्जशीट दाखिल की थी।

जून 2016 में ईएनटी सर्जन तावड़े को गिरफ्तार करने के बाद सीबीआई ने उसी साल सितंबर में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें कहा गया था कि तावड़े दाभोलकर को खत्म करने की साजिश का मास्टरमाइंड था।

दो साल बाद, अगस्त 2018 में सीबीआई ने सनातन संस्था के दो और कार्यकर्ताओं अंधुरे और कलास्कर को गिरफ्तार किया और एजेंसी ने फरवरी 2019 में उनके खिलाफ पूरक आरोपपत्र दाखिल किया था, जिसमें उन्हें तर्कवादी को गोली मारने वाले युगल के रूप में नामित किया गया था।

सीबीआई ने मई 2019 में सनातन संस्था से जुड़े मुंबई के वकील पुनालेकर और उनके सहयोगी भावे को गिरफ्तार किया और इसी मामले में नवंबर 2019 में उनके खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।

जबकि पुनालेकर पर फायरिंग हथियारों जैसे सबूतों को नष्ट करने का आदेश देने का आरोप लगाया गया था, सीबीआई ने कहा कि भावे ने उस हत्या स्थल की रेकी की थी, जहां दाभोलकर मारा गया था, हमलावरों और अन्य पहलुओं के लिए भागने के मार्ग की योजना बनाई थी।

तावड़े, अंधुरे और कालस्कर क्रमश: पुणे, कोल्हापुर और मुंबई जेलों में न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि पुनालेकर और भावे जमानत पर हैं।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 07 Sep 2021, 09:00:02 PM

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