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केवीआईसी के कैलेंडर और डायरी पर महात्मा गांधी की जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर पर हंगामा होने के बाद केंद्र सरकार ने राज्य सरकारों को आदेश दिया है कि वे गांधी जी के स्केच, फोटो, लोगो का गंदा समझे जाने वाले स्थानों पर इस्तेमाल ना करें।
केंद्र के निर्देश के अनुसार उनसे जुड़ी कोई भी चीज़ जैसे चश्मा, चरखा या घड़ी की तस्वीरों का भी सार्वजनिक शौचालय, कूड़ेदान या किसी अन्य जगहों पर इस्तेमाल न किया जाए।
हाल ही में पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय ने सभी स्वच्छता इनचार्ज को एडवाइजरी जारी की है। सरकार लोगों की भावना आहत न हो इसलिये ये कदम उठा रही है।
स्वच्छ भारत मिशन को ग्रामीण क्षेत्र में लागू करते वक्त इस बात का ध्यान रखा जाए इसके लिये मंत्रालय ने विभाग प्रमुखों, जिला और संबंधित अधिकारियों को भी दिशानिर्देश देने के लिये कहा है।
दरअसल छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट में बदरुद्दीन कुरैशी नाम के शख्स ने याचिका दायर की है। जिसमें कहा गया है कि गंदी जगहों पर बने सार्वजनिक शौचालयों की दीवारों पर गांधी जी की तस्वीरें, स्केच और उनसे जुड़ी चीजों का इस्तेमाल ठीक नहीं है।
संयोग से स्वच्छ भारत का लोगो ' विज़न ऑफ गांधी' है, जिसे उनके चश्मे के माध्यम से दर्शाया गया है।
हालांकि कोर्ट ने कुरैशी की यह याचिका खारिज कर दी और कहा, 'हमें नहीं लगता कि यह महात्मा गांधी का अपमान है।'
हालांकि कोर्ट ने यह भी कहा है कि भारत सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि गांधी जी की तस्वीर का जहां इस्तेमाल किया जा रहा है वहां उनका अपमान न हो।
Source : News Nation Bureau