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नोटबंदी के कारण डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 19 पर्सेंट की वृद्धि

नोटबंदी सरकार का एक ऐसा कदम जिसकी कुछ लोगों ने तारीफ की तो कुछ ने आलोचना मगर आईटी डिपार्टमेंट के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि नोटबंदी के बाद बड़ी संख्या को लोगों को टैक्स के दायरे में लाया गया है।

News Nation Bureau | Edited By : Sankalp Thakur | Updated on: 10 Aug 2017, 05:26:56 AM
नोटबंदी के कारण डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 19 पर्सेंट की वृद्धि (फाइल फोटो)

नोटबंदी के कारण डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 19 पर्सेंट की वृद्धि (फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

नोटबंदी सरकार का एक ऐसा कदम जिसकी कुछ लोगों ने तारीफ की तो कुछ ने आलोचना मगर आईटी डिपार्टमेंट के आधिकारिक बयान में कहा गया है कि नोटबंदी के बाद बड़ी संख्या को लोगों को टैक्स के दायरे में लाया गया है।

मौजूदा वित्त वर्ष के पहले 4 महीनों अप्रैल से जुलाई के बीच डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन में 19 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया गया कि डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन जिसमें पर्सनल और कॉर्पोरेट टैक्स शामिल होता है। अप्रैल से जुलाई के बीच 1.90 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है।

कॉर्पोरेट इनकम टैक्स में 7.2 फीसदी की वृद्धि हुई है और पर्सनल इनकम टैक्स में 17.5 फीसदी उछाल है। प्रैल से जुलाई के बीच 61,920 करोड़ टैक्स रिफंड जारी किया गया, जोकि 2016-17 की समान अवधि की तुलना में 5.1 फीसदी कम है।

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आईटी डिपार्टमेंट के अनुसार पिछले साल 2.27 करोड़ के मुकाबले इस साल 2.83 करोड़ लोगों ने टैक्स रिटर्न फाइल किया है।

आपको बता दे इनकम टैक्स भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई थी, लेकिन आधार को पैन से लिंक करने में वेबसाइट क्रैश होने की वजह से सरकार ने यह तारीख बढ़ाकर 5 अगस्त कर दी थी।

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First Published : 09 Aug 2017, 09:33:59 PM

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