News Nation Logo
Agnipath Scheme: आज से Air Force में भर्ती के लिए रजिस्ट्रेशन शुरू होंगे 2002 Gujarat Riots: जाकिया जाफरी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आज Agnipath Scheme: एयरफोर्स के लिए अग्निवीरों का रजिस्ट्रेशन आज से शुरू, ऐसे करें आवेदनRead More » राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा 27 जून को राष्ट्रपति चुनाव के लिए अपना नामा Coronavirus: भारत में 17000 से ज्यादा केस, 5 माह में सबसे ज्यादा मामलेRead More » यशवंत सिन्हा को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल का 'जेड (Z)' श्रेणी का सशस्त्र सुरक्षा कवच प्रदान किया NCP प्रमुख शरद पवार से मिलने मुंबई के लिए शिवसेना नेता संजय राउत वाई.बी. चव्हाण सेंटर पहुंचे सुप्रीम कोर्ट ने एसआईटी जांच के खिलाफ जाकिया जाफरी की याचिका की खारिजRead More » महाराष्ट्र सियासी संकट पर सुप्रीम कोर्ट बुधवार को करेगा सुनवाई

सुरक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर भागे विस्थापित अफगानी : संयुक्त राष्ट्र

सुरक्षा के लिए बड़े शहरों की ओर भागे विस्थापित अफगानी : संयुक्त राष्ट्र

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 14 Aug 2021, 03:10:01 PM
Diplaced Afghan

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

संयुक्त राष्ट्र:   तालिबान और सरकारी बलों के बीच जारी लड़ाई के कारण विस्थापित हुए अफगानी लोग सुरक्षा के लिए काबुल और अन्य बड़े शहरों में भाग गए हैं। संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के एक प्रवक्ता ने यह बात कही है।

संयुक्त राष्ट्र प्रवक्ता का कहना है कि अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपना मूल निवास छोड़ने वाले इन अफगानी लोगों में कुछ लोगों ने किराये पर अपना घर लिया है, जबकि कुछ लोग अपने किसी परिवार या दोस्तों के घरों में शरण लिए हुए हैं। प्रवक्ता ने बताया कि यहां तक कि कुछ लोग तो ऐसे हैं, जो सुरक्षित स्थान के लिए खुले आसमान में कैंप या टेंट लगाकर दिन गुजारने पर मजबूर हैं।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने संयुक्त राष्ट्र सेक्रेटरी जनरल एंटोनियो गुटेरेस के मुख्य प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक के हवाले से कहा, देश भर में हम जो संघर्ष देख रहे हैं, उसके कारण कई लोग काबुल और अन्य बड़े शहरों में आ रहे हैं और वह अपने और अपने परिवार के लिए सुरक्षा की तलाश कर रहे हैं।

दुजारिक ने कहा कि अमेरिका और उसके मानवीय सहयोगियों ने एक जुलाई से अब तक काबुल पहुंचने वाले आंतरिक रूप से विस्थापित 10,350 लोगों की पुष्टि की है।

संयुक्त राष्ट्र के मानवतावादियों ने काबुल में लगभग 6,900 विस्थापित पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को भोजन, स्वास्थ्य सेवा, घरेलू सामान और पानी एवं स्वच्छता से संबंधित चीजों की सहायता प्रदान की है।

तालिबान द्वारा कई प्रांतीय राजधानियों पर कब्जा करने की खबरों के बीच, प्रवक्ता ने कहा कि वह केवल मानवीय अभियानों पर बोल सकते हैं, लड़ाई में अग्रिम या नुकसान के बारे में कुछ नहीं कह सकते।

उन्होंने कहा, हम काबुल और अन्य स्थानों पर, सचमुच घंटे-दर-घंटे के आधार पर, सुरक्षा स्थिति का मूल्यांकन कर रहे हैं।

प्रवक्ता ने आगे कहा, संयुक्त राष्ट्र के कर्मचारियों की कोई निकासी (निकालने की प्रक्रिया) नहीं चल रही है।

दुजारिक ने कहा कि पूर्वी अफगानिस्तान में स्थित प्रांत कुनार में बढ़ते संघर्ष के कारण 25 जुलाई से हजारों लोग विस्थापित हुए हैं।

कुछ 14 हजार के करीब आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों को सहायता प्राप्त हुई है।

उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र और इसके भागीदारों ने कुनार में लगभग 4,000 लोगों को भोजन वितरित किया है।

रसोई सेट सहित लगभग 3,900 लोगों को आपातकालीन आश्रय और राहत मिली है। मोबाइल टीमें आवश्यक स्वास्थ्य और पोषण सेवाएं प्रदान कर रहीं हैं।

प्रवक्ता ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने कहा है कि वह महिलाओं और लड़कियों पर संघर्ष के प्रभाव के बारे में विशेष रूप से चिंतित है।

मई के बाद से, अपने घरों से भागने के लिए मजबूर हुए लगभग 250,000 अफगानों में से लगभग 80 प्रतिशत महिलाएं और बच्चे हैं।

इससे पहले, राजनीतिक और शांति स्थापना मामलों की अवर महासचिव रोजमेरी डिकार्लो ने ट्विटर पर कहा था कि वह अफगानिस्तान की स्थिति के बारे में गहराई से चिंतित हैं और अफगानिस्तान में नागरिक एक बार फिर से हिंसा का खामियाजा भुगत रहे हैं।

उन्होंने कहा कि देश के हाल के इतिहास से एक तो बात स्पष्ट है कि सैन्य कार्रवाई से स्थायी शांति और विकास नहीं होगा।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 14 Aug 2021, 03:10:01 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.