News Nation Logo

पूर्वोत्तर राज्यों के छात्र और शिक्षक सीखेंगे हिंदी, मेघालय में बनेगा केंद्रीय हिंदी संस्थान

पूर्वोत्तर राज्यों के छात्र और शिक्षक सीखेंगे हिंदी, मेघालय में बनेगा केंद्रीय हिंदी संस्थान

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 21 Nov 2021, 11:40:01 PM
Dharmendra Pradhan

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

दिल्ली: पूर्वोत्तर राज्यों के छात्रों और शिक्षकों को अब हिंदी सिखाई जाएगी। मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम जैसे राज्यों केंद्रीय हिंदी संस्थान शुरू किया जा रहा है। यह संस्थान हिंदी के शिक्षकों और इस भाषा में सीखने और शोध करने के इच्छुक मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम राज्यों लोगों के लिए काम करेगा। यह नई शिक्षा नीति के तहत की गई एक नई शुरुआत है।

गौरतलब है कि एनईपी की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक यह है कि एनईपी-2020 में प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा प्रदान करने पर जोर दिया गया है। अब सरकार निर्धारित समय सीमा के भीतर इस लक्ष्य को हासिल करने का प्रयास कर रही है।

केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास मंत्री धर्मेद्र प्रधान ने रविवार को मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स के मावडियांगडिआंग में केंद्रीय हिंदी संस्थान के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया।

कार्यक्रम के दौरान मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा भी मौजूद थे। केंद्रीय मंत्री ने मेघालय के मावदियांगदियांग में इस संस्थान की स्थापना के लिए आवश्यक भूमि सहित आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए मेघालय सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

धर्मेद्र प्रधान ने कहा कि यह संस्थान हिंदी के शिक्षकों और इस भाषा में सीखने व शोध करने के इच्छुक मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम लोगों के लाभ के लिए काम करेगा। उन्होंने कहा कि एनईपी 2020 देश के शिक्षा परिदृश्य को बदलने और वास्तविक लक्ष्य को प्राप्त करने और इसके प्रभाव को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के लिए एक दूरदर्शी दृष्टिकोण है।

मंत्री ने कहा कि एनईपी की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक यह है कि एनईपी-2020 में प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा में शिक्षा प्रदान करने पर जोर दिया गया है और सरकार निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य हासिल करने का प्रयास कर रही है।

इस देश की संस्कृति, भाषा और परंपरा की विविधता और इस विविधता के बीच सह-अस्तित्व को स्वीकार करते हुए, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि इस भाषा की सुंदरता के कारण ही लोग एक-दूसरे की परंपरा और समृद्ध विरासत को साझा कर सकते हैं।

मंत्री ने कहा कि मूल भाषाओं को संरक्षित और समृद्ध करने के लिए प्रौद्योगिकी का व्यापक रूप से उपयोग किया जाना चाहिए, ताकि लोग अपनी मूल भाषाओं में इंटरनेट का उपयोग कर सकें और दुनिया के अन्य हिस्सों के लोगों को अपनी समृद्ध संस्कृति और परंपरा के बारे में बता सकें। ये प्रथाएं नवाचार और रचनात्मकता को प्रोत्साहित करेंगी। युवाओं और लोगों से संबंधित कई प्रासंगिक मुद्दों के बारे में दुनिया को प्रकाश दिखा सकते हैं।

मंत्री ने इस क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति को स्वीकार करते हुए कहा, इस क्षेत्र से सीखने के लिए बहुत सी चीजें हैं, इसकी बहुत समृद्ध विरासत है और प्राकृतिक संसाधनों में मजबूत है। इस क्षेत्र में आईआईएम के नए परिसर सहित कई अच्छे शिक्षण संस्थान आ रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि क्षेत्र के युवाओं के लिए बहुत कुछ करना है और उन्होंने सभी को युवा पीढ़ी को बेहतर वातावरण प्रदान करने के लिए काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, मुझे बताया गया है कि मेघालय में लगभग 3.5 लाख कॉलेज जाने वाले छात्र हैं और यह सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि वे अपनी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल, अपनी रोजगार क्षमता बढ़ाने और उनके अंदर मौलिक मूल्यों को आत्मसात करने के लिए एक अनुकूल वातावरण का निर्माण करें। इस प्रयास की दिशा में पहला कदम भाषा सीखने की प्रक्रिया को सरल बनाना होगा।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 21 Nov 2021, 11:40:01 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.