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फाइल फोटो
दिवाली के तीन दिन बाद भी पटाखों से, पराली जलाने से और स्थानीय स्रोतों से निकले प्रदूषक दिल्ली-एनसीआर में अपना असर अभी भी दिखा रहे हैं। शनिवार को इलाके की वायु गुणवत्ता गंभीर स्थिति में बनी रही। पिछले 24 घंटों में गंभीर-प्लस से सुधर कर गंभीर होने के बावजूद दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता शनिवार शाम फिर से बिगड़ने लगी।
दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) शाम चार बजे 401 था, जबकि शाम छह बजे यह गिरकर 406 हो गया। इन दोनों स्तरों को गंभीर माना जाता है। दिल्ली का एक्यूआई शुक्रवार शाम चार बजे 423 था।
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Delhi: Visuals of #smog from Rajpath. #DelhiAirPollutionpic.twitter.com/hPKK1P2y6B
— ANI (@ANI) November 11, 2018
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हवा की मंद रफ्तार और कम तापमान जैसे प्रतिकूल मौसम स्थितियों के कारण पीएम2.5 और पीएम10 वायुमंडल में बने हुए हैं।
दिल्ली में शाम चार बजे पीएम 2.5 और पीएम 10 की सघनता 269 और 426 माइक्रोग्राम प्रति घनमीटर रही, जो शाम छह बजे बढ़कर 275 और 432 हो गई। इस बीच एनसीआर के 49 इलाकों में पीएम 2.5 और पीएम 10 की सघनता शाम चार बजे 256 और 409 रही, जो शाम छह बजे तक बढ़कर 261 और 419 हो गई।
मौसम विश्लेषकों को सोमवार से वायु गुणवत्ता में मामूली सुधार की उम्मीद है।
निजी मौसम एजेंसी, स्काईमेट के निदेशक महेश पालावत ने कहा, 'फिलहाल दिल्ली में पूरब और दक्षिण पूर्व दिशा से बहुत मंद हवा आ रही है, जो प्रदूषकों को उड़ा ले जाने के लिए पर्याप्त नहीं है। यह हवा रात को और शांत हो जा रही है। सोमवार से स्थिति सुधर सकती है।'
Source : IANS