News Nation Logo

दिल्ली हाईकोर्ट में फिर आमने-सामने Twitter और केंद्र सरकार

केंद्र की मोदी सरकार की सख्ती और अदालत के कड़े रुख के चलते सोशल मीडिया साइट के तेवर नरम पड़ रहे हैं.

Written By : कर्मराज मिश्रा | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 31 May 2021, 02:04:01 PM
Twitter

केंद्र की मोदी सरकार के सख्त तेवरों से छीला पड़ रहा ट्विटर इंडिया. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • आईटी कानून नहीं मानने पर दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई
  • ट्विटर ने कहा शिकायत अधिकारी की 28 को कर दी नियुक्ति
  • केंद्र सरकार ने कहा संप्रभु राष्ट्र की नीतियां नहीं बनाए ट्विटर

नई दिल्ली:

भारत के आईटी नियमों के उल्लंघन का आरोप झेल रहे ट्विटर इंडिया को दिल्ली हाईकोर्ट ने नोटिस भेजा है. केंद्र की मोदी सरकार की सख्ती और अदालत के कड़े रुख के चलते सोशल मीडिया साइट के तेवर नरम पड़ रहे हैं. कंपनी ने अदालत को बताया है कि वह देश के आईटी नियमों का अनुपालन कर रहा है. तय दिशा-निर्देशों के तहत ट्विटर इंडिया ने 28 मई को ही स्थानीय ग्रीवयांस ऑफिसर की नियुक्ति कर दी है. गौरतलब है कि मोदी सरकार के दिशा-निर्देशों के जवाब में शुरुआती स्तर पर ट्विटर ने तमाम तरह की ना-नुकुर की थी. अभी भी अदालत में उसका यही कहना है कि वह नियम मान रहा है, जबकि केंद्र का कहना है कि ऐसा नहीं है.

ट्विटर ने कहा मान रहे कानून... केंद्र ने कहा कतई नहीं 
याचिका पर दिल्‍ली हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान ट्विटर और सरकार एक बार फिर आमने-सामने दिखाई दिए. हाई कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए ट्विटर ने कहा कि हमने केंद्र सरकार की ओर से बनाए गए सभी कानूनों का पालन किया है जबकि केंद्र सरकार की ओर से कहा गया कि ऐसा नहीं किया गया है. सुनवाई के दौरान ट्विटर के बड़े अधिकारियों ने बताया कि उसने आईटी रूल्स, 2021 को लागू कर दिया है. इसके साथ ही 28 मई को भारत में एक स्थानीय अधिकारी भी नियुक्‍त कर दिया गया है. ये अधिकारी स्थानीय शिकायतों का निपटारा करेगा. हालांकि सूचना एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने स्‍पष्‍ट तौर पर कहा कि ट्विटर खोखली व आधारहीन बातें करना बंद करे और भारतीय कानून का पालन करे. मंत्रालय ने कहा कि कानून और नीतियां बनाना देश का संप्रभु अधिकार है. ट्विटर महज एक सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म है. लिहाजा, उसे यह बताने का कोई अधिकार नहीं है कि भारत का कानून या नीतियों की रूपरेखा कैसी होनी चाहिए.

यह भी पढ़ेंः सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र की वैक्सीनेशन नीति पर उठाए सवाल, ग्रामीण इलाकों को लेकर भी बड़ी बात बोली

आईटी कानून के उल्लंघन पर ट्विटर के खिलाफ याचिका
गौरतलब है कि केंद्र सरकार से लंबे टकराव के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर ने आखिर नए आईटी नियमों को लागू करने का फैसला लिया है. ट्विटर की ओर से सोमवार को दिल्ली हाई कोर्ट को यह जानकारी दी गई है. ट्विटर ने उच्च न्यायालय को बताया कि उसने आईटी रूल्स, 2021 को लागू कर लिया है और भारत में एक स्थानीय अधिकारी नियुक्ति भी 28 मई से कर दी है, जो स्थानीय शिकायतों का निपटारा करेगा. सूचना प्रौद्योगिकी नियमों का पालन नहीं किए जाने पर सोशल मीडिया नेटवर्क ट्विटर के खिलाफ दिल्ली हाईकोर्ट में बीते हफ्ते याचिका दाखिल की गई थी. याचिका में ट्विटर को तत्काल प्रभाव से सरकार द्वारा जारी नियमों का पालन करने का आदेश देने की मांग की गई थी.

यह भी पढ़ेंः Twitter के खिलाफ गलत सूचना और POCSO एक्ट के उल्लंघन मामले में FIR दर्ज

25 मई तक लागू करने थे नए दिशा-निर्देश
वकील अमित आचार्य ने याचिका में कहा था कि केंद्र सरकार ने इसी साल 25 फरवरी को नए सूचना प्रौद्योगिकी नियमों को जारी करते हुए ट्विटर सहित सभी सोशल मीडिया नेटवर्कों को 3 माह के भीतर इस पर अमल करने का निर्देश दिया था. 25 मई को समय सीमा समाप्त होने के बाद भी ट्विटर ने अब तक अपने प्लेटफॉर्म पर ट्वीट के बारे में शिकायतों के निवरण के लिए स्थानीय शिकायत अधिकारी की नियुक्ति नहीं की है. सूचना प्रौद्योगिकी (मध्यस्थों और डिजिटल मीडिया आचार संहिता के लिए दिशानिर्देश) नियम, 2021 को केंद्र सरकार 25 फरवरी, 2021 को अधिसूचित किया था. इसके तहत सोशल मीडिया नेटवर्कों को इस बात का पता लगाना होगा कि कोई मैसेज सबसे पहले किसने भेजा. इसके साथ ही किसी पोस्ट, मैसेज के बारे में शिकायतों का निवारण के लिए स्थानीय शिकायत अधिकारी नियुक्त करने को कहा है.

LIVE TV NN

NS

NS

First Published : 31 May 2021, 01:32:41 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.