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अगर जूही जनता की सेवा से जुड़ा कोई कार्य करे तो जुर्माना कम करने पर कर सकते हैं विचार: दिल्ली हाईकोर्ट

अगर जूही जनता की सेवा से जुड़ा कोई कार्य करे तो जुर्माना कम करने पर कर सकते हैं विचार: दिल्ली हाईकोर्ट

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 25 Jan 2022, 07:30:01 PM
Delhi High

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली:   दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा है कि अगर अभिनेत्री जूही चावला जनता की सेवा से जुड़ा कोई करती हैं जो उन पर पांच जी वायरलेस प्रौद्योगिकी को चुनौती देने वाली याचिका पर लगाया गया जुर्माना 20 लाख से घटाकर दो लाख किया जा सकता है।

न्यायमूर्ति विपिन सांघी और न्यायमूर्ति जसमीत सिंह की खंडपीठ ने मंगलवार को कहा हम इसे घटाकर दो लाख रुपये कर देंगे, लेकिन इसकी एक शर्त है। यह मानते हुए कि आपका मुवक्किल एक सेलिब्रिटी है, उसे कुछ सार्वजनिक कार्य करना चाहिए। उसकी छवि का इस्तेमाल समाज की भलाई के लिए किया जाना चाहिए। वह दिल्ली कानूनी सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए )के लिए कुछ कार्य कर सकती है ।

वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद ने तर्क दिया कि याचिकाकर्ता ने मानव शरीर पर पांच जी तकनीक के प्रभाव पर वास्तविक चिंता जताई थी। उन्होंने बाद में, कहा कि वह अदालत द्वारा दिए गए सुझाव पर उनसे निर्देश मांगेंगे।

अदालत ने इसके अलावा, डीएलएसए सचिव को नोटिस जारी करते हुए मामले को आगे की सुनवाई के लिए 27 जनवरी को सूचीबद्ध किया।

गौरतलब है कि 21 जनवरी को डीएसएलएसए ने आदेश के निष्पादन की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था जिसमें जूही चावला और दो अन्य को पांच जी वायरलेस नेटवर्क तकनीक को चुनौती देने वाले मुकदमे के संबंध में दायर की गई याचिका पर 20 लाख रुपये का जुर्माना जमा करने का निर्देश दिया गया था।

पिछले साल 4 जून को न्यायाधीश जेआर मिधा ने देश में पांच जी वायरलेस नेटवर्क स्थापित करने के खिलाफ उनके मुकदमे को खारिज कर दिया था। जूही की याचिका में कहा गया है कि आरएफ विकिरण का स्तर मौजूदा स्तरों से 10 से 100 गुना अधिक है। इसने यह भी दावा किया कि यह वायरलेस तकनीक मनुष्यों पर अपरिवर्तनीय और गंभीर प्रभावों को भड़काने के लिए एक संभावित खतरा हो सकती है और यह पृथ्वी के पारिस्थितिकी तंत्र को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा सकती है।

अदालत ने माना था कि चावला और दो अन्य द्वारा दायर किया गया मुकदमा दोषपूर्ण और सुनवाई योग्य नहीं था, और इसमें असत्यापित दावे भी शामिल थे जिसके बाइ इस पर और जुर्माना भी लगाया था।

-आईएएनएस

जेके

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 25 Jan 2022, 07:30:01 PM

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