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किसी के मर्जी के बगैर नहीं लगाया जा सकता कोरोना टीका, SC में केंद्र का हलफनामा

हलफनामे में कहा गया है कि भारत सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी दिशा-निर्देश संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त किए बिना जबरन टीकाकरण की बात नहीं कहते.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 17 Jan 2022, 07:26:16 AM
Corona Vaccine

एक एनजीओ की याचिका पर केंद्र ने दाखिल किया जवाब. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • एक एनजीओ ने सुप्रीम कोर्ट में डाली थी याचिका
  • केंद्र सरकार ने इसके जवाब में पेश किया हलफनामा
  • दिव्यांजनों को टीकाकरण प्रमाणपत्र भी दी सफाई

नई दिल्ली:  

केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किए एक हलफनामे में कहा है कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी कोविड-19 टीकाकरण दिशा-निर्देशों में किसी व्यक्ति की सहमति के बिना उसका जबरन टीकाकरण कराने की बात नहीं की गई है. इसके साथ ही दिव्यांगजनों को टीकाकरण प्रमाणपत्र दिखाने से छूट देने के मामले पर केंद्र ने न्यायालय से कहा कि उसने ऐसी कोई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी नहीं की है, जो किसी मकसद के लिए टीकाकरण प्रमाणपत्र साथ रखने को अनिवार्य बनाती हो.

केंद्र ने गैर सरकारी संगठन एवारा फाउंडेशन की एक याचिका के जवाब में दायर अपने हलफनामे में यह बात कही. याचिका में घर-घर जाकर प्राथमिकता के आधार पर दिव्यांगजनों का टीकाकरण किए जाने का अनुरोध किया गया है.

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हलफनामे में कहा गया है कि भारत सरकार और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी दिशा-निर्देश संबंधित व्यक्ति की सहमति प्राप्त किए बिना जबरन टीकाकरण की बात नहीं कहते. केंद्र ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की मर्जी के बिना उसका टीकाकरण नहीं किया जा सकता.

First Published : 17 Jan 2022, 07:26:16 AM

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