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कांग्रेस नेता ने नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर उठाया सवाल, पूछा ' ये किसकी जीत'

भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी (Nirav Modi) को बड़ा झटका देते हुए ब्रिटेन की एक अदालत ने गुरुवार को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाला मामले में उसके प्रत्यर्पण का आदेश दिया.

Written By : अविनाश प्रभाकर | Edited By : Avinash Prabhakar | Updated on: 25 Feb 2021, 06:37:10 PM
salmaan khurshid

सलमान खुर्शीद (Photo Credit: News Nation)

दिल्ली :

भगोड़े हीरा व्यापारी नीरव मोदी (Nirav Modi) को बड़ा झटका देते हुए ब्रिटेन की एक अदालत ने गुरुवार को पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाला मामले में उसके प्रत्यर्पण का आदेश दिया. वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के जिला न्यायाधीश सैमुअल गूजे ने मनी लॉन्ड्रिंग के लिए मोदी के खिलाफ प्रथम दृष्टया सबूत को स्वीकार करते हुए कहा, "इनमें से कई मामले भारत में मुकदमे के लिए हैं. मैं फिर से संतुष्ट हूं कि इस बात के सबूत हैं कि उन्हें दोषी ठहराया जा सके." अदालत ने  फैसला देते हुए कहा कि नीरव मोदी के खिलाफ भारत में एक मामला है जिसका उसे जवाब देना है. अदालत ने अपने फैसले में कहा कि नीरव मोदी ने सबूत नष्ट करने और गवाहों को डराने के लिए साजिश रची. कोर्ट ने उसके भारत प्रत्यर्पित किए जाने को अपनी मंजूरी दे दी है. कोर्ट ने कहा कि भारत की न्यायपालिका निष्पक्ष है.  

नीरव मोदी के प्रत्यर्पण पर कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने सवाल खड़ा किया है. कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने सवाल खड़े करते हुए पूछा कि ये किसकी सफलता है ? देश की एजेंसी की या फिर यूके की एजेंसी की ? न्यूज़ एजेंसी ANI के अनुसार उन्होंने आगे कहा कि हम आशा करते हैं कि जल्द ही भगोड़े नीरव मोदी भारत लौटे और सच्चाई बताए. कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा 'जो होना था वो अब हो गया है और हम उसका स्वागत करते हैं'. 

बता दें कि वेस्टमिंस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट के जज सैमुअल गोजी ने फैसला सुनाते हुए कहा कि यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि नीरव मोदी को भारत में कई सवालों के जवाब देने है. भारत में जाने पर उसे दोषी करार दिए जाने की पूरी संभावना है. जज ने यह भी कहा कि नीरव मोदी की ओर से दिए कई बयान आपस में मेल नहीं खाते हैं. साथ ही यह भी कहा कि इस बात के कोई सबूत नहीं है कि अगर उन्हें प्रत्यर्पित किया गया तो उनके साथ न्याय नहीं होगा. भारत की न्यायपालिका निष्पक्ष है. कोर्ट ने मानसिक सेहसेहत को लेकर नीरव की ओर से लगाई गई याचिका को ठुकरा दिया है.

दो साल पहले नीरव मोदी को ब्रिटेन की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने 13 मार्च 2019 को लंदन से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद से वह साउथ वेस्ट लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में कैद है. फैसला सुनने के लिए नीरव मोदी वीडियो लिंक के जरिए वैंड्सवर्थ जेल से पेश हुआ. अब अदालत के फैसले को ब्रिटेन की गृह सचिव प्रीति पटेल के पास भेजा जाएगा जो तय करेंगी कि इस मामले में हाईकोर्ट में अपील की अनुमति दी जाए या नहीं.

First Published : 25 Feb 2021, 06:37:10 PM

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