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कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिला, गृह राज्यमंत्री टेनी को हटाने की मांग की

कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल राष्ट्रपति से मिला, गृह राज्यमंत्री टेनी को हटाने की मांग की

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 13 Oct 2021, 07:40:01 PM
Congre demand

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार सुबह राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात की और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी को बर्खास्त करने की मांग की, ताकि लखीमपुर खीरी हिंसा की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच हो सके। हिंसा में आठ लोगों की जान गई थी।

प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के अलावा मल्लिकार्जुन खड़गे, गुलाम नबी आजाद, ए.के. एंटनी और प्रियंका गांधी वाड्रा शामिल थीं।

कांग्रेस ने 9 अक्टूबर को कोविंद से मिलने के लिए समय मांगा था। उसे बुधवार को राष्ट्रपति भवन की ओर से 11.30 बजे का समय दिया गया था।

प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के साथ लखीमपुर खीरी हिंसा में किसानों की मौत की जांच और केंद्रीय गृह राज्यमंत्री टेनी को हटाने के लिए दबाव बनाने पर विस्तार से चर्चा की।

कोविंद से मुलाकात के बाद खड़गे ने कहा कि प्रियंका गांधी वाड्रा और राहुल गांधी को प्रतिनिधिमंडल में शामिल किया गया, क्योंकि वे पीड़ितों के परिवारों से मिल चुके हैं।

उन्होंने कहा, हमने इस मामले में राष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की है और एक ज्ञापन सौंपा है।

वायनाड के सांसद ने कहा कि पीड़ितों के परिवार न्याय और दोषियों को सजा देने की मांग कर रहे हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि पीड़ित परिवार इस बात को लेकर चिंतित हैं कि उन्हें न्याय नहीं मिल पाएगा, क्योंकि आरोपी के पिता केंद्रीय मंत्री हैं।

उन्होंने इस घटना की जांच सर्वोच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायाधीश से कराने की मांग की।

प्रियंका गांधी ने पीड़ित परिवारों की कुछ चिंताओं को साझा किया। उन्होंने कहा कि जब तक कथित आरोपी के पिता मंत्री पद पर हैं, तब तक निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती।

उन्होंने आरोप लगाया, अगर आप गरीब हैं और एक महिला हैं तो आपको न्याय नहीं मिल सकता, लेकिन अगर आप भाजपा के मंत्री हैं तो देश का कानून आप पर लागू नहीं होता।

कांग्रेस ने टेनी को हटाने के लिए देशव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है।

मंगलवार को प्रियंका हिंसा में मारे गए किसानों के अंतिम संस्कार के दौरान मौजूद थीं।

इस हिंसा में किसान और एक पत्रकार समेत आठ लोगों की जान चली गई थी।

यह घटना तब हुई, जब उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और केंद्रीय मंत्री के काफिले के एक वाहन ने कथित तौर प्रदर्शनकारी किसानों को कुचल दिया।

इस घटना के बाद कई लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और मामले की जांच की जा रही है।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 13 Oct 2021, 07:40:01 PM

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