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7 राज्यों के बाद अब इस राज्य में भी ई-सिगरेट पर लगा बैन, जानिए क्या है वजह

विश्व तम्बाकू निषेध दिवस (31 मई) के अवसर पर राज्य सरकार का यह महत्वपूर्ण फैसला युवाओं में नशे की लत को रोकने की दिशा में कारगर कदम साबित होगा.

News Nation Bureau | Edited By : Ravindra Singh | Updated on: 31 May 2019, 04:31:19 PM
File Pic (E-सिगरेट)

highlights

  • 7 राज्यों में पहले से है बैन
  • विश्व तंबाकू दिवस पर लगा बैन
  • ई-सिगरेट भी सिगरेट जितनी हानिकारक

नई दिल्ली:

राजस्थान में गहलोत सरकार ने विश्व तंबाकू दिवस के मौके पर बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश में ई-सिगरेट पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है. इस प्रतिबंध में ई सिगरेट के उत्पादन, बिक्री पर रोक लगा दी गई है. इससे पहले पंजाब, महाराष्ट्र, बिहार, केरल, कर्नाटक, मिजोरम और उत्तर प्रदेश में ई-सिगरेट पर रोक लगाई जा चुकी है. सीएमओ में स्वास्थ्य विभाग की बैठक में ये अहम फैसला लिया गया है.

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अब राज्य में ई-सिगरेट के विज्ञापन और ऑनलाइन खरीद बिक्री पर भी पाबंदी लग गई है. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने प्रदेश में ई-सिगरेट के उत्पादन, भण्डारण, वितरण, विज्ञापन और ऑनलाइन अथवा ऑफलाइन किसी भी माध्यम से बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है. विश्व तम्बाकू निषेध दिवस (31 मई) के अवसर पर राज्य सरकार का यह महत्वपूर्ण फैसला युवाओं में नशे की लत को रोकने की दिशा में कारगर कदम साबित होगा.

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चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा ने बताया कि धूम्रपान की लत छुड़वाने के लिए ई-सिगरेट को विकल्प के रूप में प्रचारित कर युवाओं को भ्रमित किया जा रहा है. युवा पीढ़ी में इसके बढ़ते प्रचलन को देखते हुए विभाग की ओर विशेषज्ञ चिकित्सकों की एक समिति गठित की गई थी. समिति ने विस्तृत अध्ययन के बाद अपनी रिपोर्ट में यह पाया कि ई-सिगरेट आमजन के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है.

ई-सिगरेट के दुष्प्रभावों से हृदय एवं फेफड़ों को नुकसान पहुंचता है क्योंकि इसमें अल्ट्राफाइन पार्टिकल, विषैले पदार्थ एवं पीएम 2.5 (पार्टिकुलेट मैटर) की अधिकता होती है. इसमें ग्लिसरीन होने की वजह से एक्यूट लंग इंजरी होने का खतरा भी बढ़ जाता है. ई-सिगरेट में ग्लाइकोल प्रोपाईलीन, निकोटिन, ग्लिसरॉल आदि पदार्थ पाये जाते हैं, जिससे मस्तिष्क के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है.

क्या है ई-सिगरेट
ई-सिगरेट एक ऐसा यंत्र है, जो देखने में साधारण सिगरेट जैसा लगता है. इसमें एक बैट्री और एक कारट्रिज होती है. कारट्रिज में निकोटीन युक्त तरल पदार्थ होता है, जो बैट्री की सहायता से गर्म होकर निकोटिन युक्त भाप देता है. इसे सिगरेट के धुंए की तरह लोग पीते हैं. ये एक बैटरी चालित उपकरण है जो निकोटीन या गैर-निकोटीन के वाष्पीकृत होने वाले घोल की सांस के साथ सेवन की जाने वाली खुराक प्रदान करता है. यह सिगरेट, सिगार या पाइप जैसे धुम्रपान वाले तम्बाकू उत्पादों का एक विकल्प है.


ई-सिगरेट से कैंसर का भी खतरा
कई लोग ऐसा मानते हैं कि ई-सिगरेट सामान्य सिगरेट की तरह नुकसान नहीं करती लेकिन हाल ही में हुई एक स्टडी के मुताबिक, ई सिगरेट में इस्तेमाल होने वाले फ्लेवरिंग लिक्विड दिल को नुकसान पहुंचा सकते हैं.

First Published : 31 May 2019, 04:31:19 PM

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