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चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर (फाइल फोटो)
देश में अब सुप्रीम कोर्ट की कमान चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर को सौंप दी गई है। ऐसे में हर कोई खेहर के जीवन से जुड़ी हर बात जानने को आतुर है। अपने सख्त फैसलों के लिए लोकप्रिय नए चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर बेहद ईमानदार और स्वच्छ छवि के लिए जाने जाते हैं। इसके साथ ही उनमें एक खास बात और है, जो उन्हें अन्य लोगों से जुदा बनाती है।
खेहर पिछले 40 वर्षों से हर तीन महीने में एम्स में रक्तदान करते हैं। 2011 में सुप्रीम कोर्ट में जज बनने के बाद उन्होंने दिल्ली में पांच बार रक्तदान किया है।
बेहद मृदुभाषी जस्टिस खेहर का नाम पंजाब और हरियाणा में बड़ी ही शिद्दत से लिया जाता है। खबरों की मानें तो, चंडीगढ़ के वकीलों की कहना है कि वह उस जज को नहीं भूलते जिसने पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा आयोजित हर रक्तदान शिविर में सबसे पहले शिरकत की है।
वहीं दूसरी ओर पंजाब एंव हरियाणा हाईकोर्ट के एक वरिष्ठ वकील का कहना है कि वह रक्तदान को अपना मिशन मानते थे और इसके बाद तुरंत बाद अपने बेंच पर आ जाते हैं।
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इसके अलावा जस्टिस खेहर अपने माता-पिता के बेहद करीब हैं। उनके पिता का कुछ वर्षों पहले निधन हो गया था, लेकिन पिता के निधन के अगले ही दिन वह कोर्ट में थे। जस्टिस खेहर को कई बार अपने पालतू कुत्ते को भी नहलाते हुए देखा गया है।
HIGHLIGHTS
- 2011 में सुप्रीम कोर्ट में जज बनने के बाद दिल्ली में पांच बार रक्तदान किया
- रक्तदान को अपना मिशन मानते थे चीफ जस्टिस जगदीश सिंह खेहर
- अपने काम से प्यार करने वाले खेहर पिता के निधन के अगले ही दिन कोर्ट में थे
Source : News Nation Bureau
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