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चिन्मयानंद मामला : उच्चतम न्यायालय ने उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगाई

उच्च न्यायालय ने सात नवंबर को निचली अदालत को आदेश दिया था कि वह पूर्व केंद्रीय मंत्री को महिला के बयान की प्रति मुहैया कराए

By : Ravindra Singh | Updated on: 15 Nov 2019, 11:13:36 PM
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट (Photo Credit: न्‍यूज स्‍टेट)

दिल्ली:

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को चिन्मयानंद को पीड़ित छात्रा के बयान की सत्यापित प्रति मुहैया कराने के इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक लगा दी. उच्च न्यायालय ने सात नवंबर को निचली अदालत को आदेश दिया था कि वह पूर्व केंद्रीय मंत्री को महिला के बयान की प्रति मुहैया कराए जिसमें उसने चिन्मयानंद पर दुष्कर्म के आरोप लगाए थे. उच्च न्यायालय के आदेश को छात्रा ने शुक्रवार को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी. इसपर सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति यू यू ललित और न्यायमूर्ति विनीत शरण की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार से जवाब तलब किया. पीठ ने नोटिस का जवाब नौ दिसंबर तक देने का आदेश देते हुए कहा कि मामला आगे के लिए विचाराधीन है और इसलिए तबतक आदेश का क्रियान्वयन स्थगित रहेगा.

छात्रा की ओर से पेश वकील शोभा ने कहा कि सीआरपीसी की धारा 164 के तहत दर्ज बयान की प्रमाणित प्रति चिन्मयानंद को देने का आदेश देकर उच्च न्यायालय ने गलती की है. उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय ने इससे पहले उत्तर प्रदेश सरकार को पुलिस महानिरीक्षक के नेतृत्व में विशेष जांच टीम गठित कर छात्रा के आरोपों की जांच करने को कहा था. 21 सितंबर को विशेष जांच टीम ने चिन्मयानंद को गिरफ्तार किया था. छात्रा पर भी फिरौती का मामला दर्ज किया गया है.

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अपहरण के बाद रेप का आरोप
इसके पहले शाहजहांपुर की पड़ित छात्रा ने स्वामी चिन्मयानंद पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था. पीड़ित छात्रा ने यह आरोप लगाया था कि स्वामी ने मुझे अपहरण कर मेरे साथ दुष्कर्म किया और एक साल तक शारीरिक शोषण किया. पीड़िता ने यह जानकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दी. पीड़िता मुंह ढककर मीडिया के सामने आई और अपनी आपबीती सुनाई. पीड़ित छात्रा ने शाहजहांपुर पुलिस पर भी आरोप लगाया कि पुलिस चिन्मयानंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज नहीं कर रही है. पुलिस अपराध के खिलाफ साथ खड़ी नहीं हो रही है. पीड़िता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आरोप लगाया था कि चिन्मयानंद ने उसके साथ दुष्कर्म किया. साथ ही एक साल तक शारीरिक शोषण भी किया था. शाहजहांपुर पुलिस ने उस समय तक रेप केस दर्ज नहीं किया था. पीड़ित छात्रा ने बताया कि मैं जब दिल्ली में थी, तब दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज कर उसे शाहजहांपुर पुलिस को फॉरवर्ड किया था, मगर यहां की पुलिस उसके बाद भी कोई एक्शन नहीं ली थी.

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महिलाओं से तेल मालिश का वीडियो हुआ था वायरल
लॉ की छात्रा से यौन शोषण के आरोपों से घिरे पूर्व केंद्रीय मंत्री स्‍वामी चिन्‍मयानंद की मुश्‍किलें और बढ़ गई हैं. अब एक अन्‍य छात्रा से तेल मालिश कराते उनका वीडियो वायरल हुआ था. हालांकि वीडियो 31 जनवरी 2014 को 9 से 11 बजे के बीच रिकॉर्ड किया गया है. बताया जा रहा है कि छात्रा ने चश्मे वाले खुफिया कैमरे से वीडियो शूट किया है. बता दें कि आठ साल पहले भी चिन्‍मयानंद की एक शिष्या ने उन पर गंभीर आरोप लगाए थे. उसने कहा था कि स्वामी जी शराब पीकर महिलाओं से तेल मालिश करवाते हैं.

First Published : 15 Nov 2019, 11:13:36 PM

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