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एयरसेल-मैक्सिस मामले में चिदंबरम को 13 बार गिरफ्तारी से मिली राहत, अंतरिम सुरक्षा की अवधि बढ़ाई

जांच एजेंसियों का आरोप है कि पी. चिदंबरम ने 3,200 करोड़ रुपये के इस सौदे को मंजूरी प्रदान करने में अपने पद का किया दुरुपयोग

IANS | Updated on: 28 Apr 2019, 08:12:36 PM
पी. चिदंबरम (फाइल फोटो)

पी. चिदंबरम (फाइल फोटो)

ऩई दिल्ली:

पूर्व केंद्रीय मंत्री पी. चिदंबरम को एयरसेल-मैक्सिस मामले में 13 बार गिरफ्तारी से राहत मिली और विशेष अदालत ने उनकी अंतरिम सुरक्षा की अवधि बढ़ाई. वहीं, उनके पुत्र कार्ति चिदंबरम को मामले में 14 बार राहत मिली है. पिता-पुत्र दोनों को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की गिरफ्तारी से अंतरिम राहत मिली हुई है, जबकि मामले की जांच करने वाली दोनों एजेंसियां उनकी अंतरिम सुरक्षा का विरोध करते हुए उनसे पूछताछ के लिए उन्हें न्यायिक हिरासत में लेने के लिए दबाव बना रही है. मामला कार्ति चिदंबरम द्वारा 2006 में एयरसेल-मैक्सिस सौदे के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड की मंजूरी प्राप्त करने से जुड़ा है. उस समय उनके पिता केंद्र सरकार में वित्तमंत्री थे. जांच एजेंसियों का आरोप है कि पी. चिदंबरम ने 3,200 करोड़ रुपये के इस सौदे को मंजूरी प्रदान करने में अपने पद का दुरुपयोग किया क्योंकि 600 करोड़ रुपये से अधिक के विदेशी निवेश की मंजूरी आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति प्रदान करती है, जबकि इस मामले को समिति के पास भेजे बगैर सौदे को मंजूरी प्रदान की गई.

अदालत ने पहली बार 24 मार्च 2018 को कार्ति चिदंबरम को मामले में 16 अप्रैल 2018 तक गिरफ्तारी से राहत दी थी, जो उसके बाद लगातार बढ़ती रही. मामले में गिरफ्तारी की आशंका से उन्होंने अग्रिम जमानत याचिका दायर की क्योंकि एक अन्य मामले में (आईएनएक्स मीडिया मामला) में सीबीआई ने 28 फरवरी 2018 को उनको गिरफ्तार किया था, जिसके बाद 23 मार्च 2018 को उन्हें जमानत दे दी गई. कुछ महीने बाद पी. चिदंबरम ने भी विशेष अदालत में अग्रिम जमानत याचिका लगाई और 30 मई 2018 तक गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा हासिल कर ली. अदालत ने उसके बाद पांच जून, 10 जुलाई, सात अगस्त, आठ अक्टूबर, एक नवंबर, 26 नवंबर और 18 दिसंबर 2018 को इसी प्रकार के आदेश देकर उनको अंतरिम सुरक्षा प्रदान की.

वर्ष 2019 में 11 जनवरी को उनकी अंतरिम सुरक्षा फिर 18 फरवरी तक के लिए बढ़ा दी गई उसके बाद फिर उनकी अंतरिम सुरक्षा आठ मार्च, 25 मार्च और 26 अप्रैल तक बढ़ाई गई. विशेष न्यायाधीश ओ.पी. सैनी ने शुक्रवार को मामले में ईडी को चार सप्ताह का स्थगन प्रदान करने से मना करते हुए कहा कि एजेंसी को मामले में अपनी दलील पूरी करने का आखिरी मौका दिया जा रहा है. अदालत ने कहा कि वह अब अगले चार सप्ताह मामले को लटकाने की अनुमति नहीं देगी. मामले को अगली सुनवाई के लिए छह मई को सूचीबद्ध किया गया था. चिदंबरम को तब तक के लिए गिरफ्तारी से राहत मिल गई है.

First Published : 28 Apr 2019, 08:12:30 PM

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