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कांग्रेस में गांधी परिवार के खिलाफ सुगबुगाहट, अब इस नेता ने नेतृत्‍व का चुनाव कराने की मांग की

कांग्रेस नेता शशि थरूर ने पार्टी का नया अध्यक्ष नियुक्त करने में विलंब को लेकर वरिष्ठ नेताओं पर पूर्व सांसद संदीप दीक्षित के बयान का समर्थन करते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि कांग्रेस नेतृत्व का चुनाव कराया जाना चाहिए ताकि पार्टी कैडर में ऊर्जा का नया सं

News Nation Bureau | Edited By : Sunil Mishra | Updated on: 20 Feb 2020, 02:08:48 PM
थरूर ने किया संदीप दीक्षित का समर्थन, नेतृत्व के चुनाव की मांग की

थरूर ने किया संदीप दीक्षित का समर्थन, नेतृत्व के चुनाव की मांग की (Photo Credit: File Photo)

दिल्ली:

कांग्रेस में धीरे-धीरे ही सही, नेतृत्‍व परिवर्तन की मांग जोर पकड़ने लगी है. दिल्‍ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) में 0 सीट आने के बाद से इसकी मांग मुखर रूप लेती दिख रही है. पहले दिल्‍ली के पूर्व मुख्‍यमंत्री शीला दीक्षित के बेटे और पूर्व सांसद संदीप दीक्षित (Sandeep Dixit) ने कहा कि कांग्रेस के पास नेताओं की कमी नहीं है. अब भी कांग्रेस में कम से कम 6- 8 नेता हैं जो अध्यक्ष बनकर पार्टी का नेतृत्व कर सकते हैं. पार्टी के वरिष्ठ नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कभी-कभार आप निष्क्रियता चाहते हैं, क्योंकि आप नहीं चाहते हैं कि कुछ हो. और अब कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने संदीप दीक्षित के बयान का समर्थन किया है.

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शशि थरूर ने पार्टी का नया अध्यक्ष नियुक्त करने में विलंब को लेकर वरिष्ठ नेताओं पर पूर्व सांसद संदीप दीक्षित के बयान का समर्थन करते हुए कहा, कांग्रेस नेतृत्व का चुनाव कराया जाना चाहिए ताकि पार्टी कैडर में ऊर्जा का नया संचार हो सके. संदीप दीक्षित ने जो कहा है वह देश भर में पार्टी के दर्जनों नेता निजी तौर पर कह रहे हैं. इनमें से कई नेता पार्टी में जिम्मेदार पदों पर बैठे हैं.’

शशि थरूर ने यह भी कहा, ‘मैं सीडब्ल्यूसी से फिर आग्रह करता हूं कि कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार करने और मतदाताओं को प्रेरित करने के लिए नेतृत्व का चुनाव कराएं.’ दरअसल, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के पुत्र संदीप दीक्षित ने एक अखबार को दिए साक्षात्कार में कहा है कि इतने महीनों के बाद भी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता नया अध्यक्ष नहीं नियुक्त कर सके. इसका कारण यह है कि वह सब यह सोच कर डरते हैं कि बिल्ली के गले में घंटी कौन बांधे.

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ब्रिटेन की सांसद को लौटाने पर भी बंटी दिखी थी कांग्रेस

ब्रिटेन की सांसद डेब्बी अब्राहम को भारत से वापस भेजे जाने के मामले में कांग्रेस में एकराय नहीं हो पाई. कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी (Abhishek Manu Singhvi) ने मोदी सरकार के इस कदम का स्‍वागत किया तो शशि थरूर (Sashi Tharoor) ने लोकतंत्र का हवाला देते हुए इसका विरोध किया. डेब्‍बी अब्राहम जम्मू-कश्मीर (Jammu & Kashmir) के विशेष दर्जे को वापस लेने के भारत के कदम की आलोचक रही हैं.

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सिंघवी ने ट्वीट कर कहा, 'डेब्बी अब्राहम को भारत द्वारा डिपोर्ट करना जरूरी था. वह एक सांसद के तौर पर नहीं, बल्कि पाकिस्तान का छद्म रूप बनकर आ रही थीं. पाकिस्तान और आईएसआई (ISI) से उनकी करीबी जगजाहिर है. भारत की एकता और अखंडता पर होने वाले हर हमले को नाकाम करना चाहिए.'

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दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने इस मामले में भारत सरकार पर सवाल खड़े करते हुए ट्वीट किया था, ‘ब्रिटिश सांसद, जिन्होंने जम्मू कश्मीर पर सरकार की आलोचना की, पर प्रतिक्रिया स्वरूप उन्हें हवाई अड्डे पर रोक दिया गया : यह आचरण एक लोकतंत्र के लिए वाकई अशोभनीय है...’

(With PTI Inputs)

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First Published : 20 Feb 2020, 02:07:31 PM