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फार्मा कंपनी Biocon की प्रमुख ने भारतीय वैज्ञानिकों के काम को सराहा, लेकिन वैक्सीन की कमी पर जताई चिंता

केंद्र की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार ने 1 मई से 18 साल से ऊपर के सभी लोगों के लिए कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू किया है. किरण मजूमदार शॉ ने कोविड के खिलाफ लड़ाई में शामिल वैज्ञानिकों के काम को सराहा भी है.

News Nation Bureau | Edited By : Dhirendra Kumar | Updated on: 11 May 2021, 02:46:21 PM
किरण मजूमदार शॉ (Kiran Mazumdar Shaw)

किरण मजूमदार शॉ (Kiran Mazumdar Shaw) (Photo Credit: NewsNation)

highlights

  • लोगों के लिए कोविड वैक्सीन की उपलब्ध को लेकर सरकार से पारदर्शिता की मांग की  
  • ISRO ने तीन प्रकार के वेंटिलेटर और एक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का विकास किया  

नई दिल्ली:

बायोकॉन (Biocon Limited) की कार्यकारी अध्यक्ष किरण मजूमदार शॉ (Kiran Mazumdar Shaw) ने देश में कोरोना वैक्सीन की कमी को लेकर चिंता जाहिर की है. उन्होंने आम लोगों के लिए कोविड वैक्सीन की उपलब्ध को लेकर सरकार से पारदर्शिता की मांग की है. बता दें कि केंद्र की नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) सरकार ने 1 मई से 18 साल से ऊपर के सभी लोगों के लिए कोरोना टीकाकरण अभियान शुरू किया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्विटर पर लिखा है कि वैक्सीन की सप्लाई कम होने को लेकर वह काफी चिंतित हैं. उन्होंन स्वास्थ्य मंत्रालय को टैग करते हुए पूछा है कि क्या हम जान सकते हैं कि हर महीने सात करोड़ कोविड वैक्सीन खुराक कहां जा रही है? उन्होंने आगे लिखा है कि अगर सप्लाई की समय सारिणी सार्वजनिक कर दी जाए तो लोग धैर्यपूर्वक वैक्सीन का इंतजार कर सकते हैं.

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ISRO ने तीन प्रकार के वेंटिलेटर और एक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का विकास किया
हालांकि दूसरी ओर किरण मजूमदार शॉ ने कोविड के खिलाफ लड़ाई में शामिल वैज्ञानिकों के काम को सराहा भी है. उन्होंने कहा कि ISRO के वैज्ञानिकों ने तीन प्रकार के वेंटिलेटर और एक ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का विकास किया है. उन्होंने कहा कि इनकी लागत कम होने के साथ ही यूजर फ्रेंडली और पूरी तरह से ऑटोमेटेड हैं. इसके अलावा यह सुरक्षा के सभी मानकों पर खरा भी उतरते हैं.

बता दें कि इसरो के विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र ने इन वेंटिलेटर और ऑक्सीजन कंसंट्रेटर का विकास किया है. विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र के निदेशक एस सोमनाथ का कहना है कि हमारे बनाए गए ऑक्सीजन कंसंट्रेटर के जरिए एक मिनट में दो रोगियों के लिए पर्याप्त प्रति मिनट 10 लीटर समृद्ध ऑक्सीजन की सप्लाई हो सकती है.

बता दें कि इस महीने की शुरुआत में मीडिया में खबरें आई थीं कि केंद्र सरकार ने कोविड-19 वैक्सीन के लिए कोई नया ऑर्डर नहीं दिया है, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि सीरम इंस्टीट्यूट को कोविशील्ड वैक्सीन की 11 करोड़ खुराकों के लिए अग्रिम के तौर पर 1,732.50 करोड़ रुपये 28 अप्रैल को जारी कर दिए गए थे. वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि भारत बायोटेक इंडिया लिमिटेड को कोवैक्सीन की पांच करोड़ खुराकों के लिए 28 अप्रैल को 787.50 करोड़ रुपये जारी किए गए थे.

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First Published : 11 May 2021, 02:43:19 PM

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