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बड़े चैनल TRP के नाम पर करते हैं धोखाधड़ी, देखें FIR में किस चैनल का है नाम

टीआरपी (TRP) के नाम पर चैनलों द्वारा धोखाधड़ी किए जाने के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है. मुंबई पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में दर्ज एफआईआर में कई टीवी चैनलों का नाम है.  

News Nation Bureau | Edited By : Kuldeep Singh | Updated on: 09 Oct 2020, 01:08:14 PM
Paranbir Singh

परमबीर सिंह (Photo Credit: फाइल फोटो)

मुंबई:

टीआरपी के नाम पर चैनलों द्वारा धोखाधड़ी किए जाने के बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है. मुंबई पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इस मामले में दर्ज एफआईआर में कई टीवी चैनलों का नाम है.  

क्या है एफआईआर में 
मैं नितिन काशीनाथ देवकर उम्र 55 साल डेप्युटी जनरल मैनेजर (हंसा रिसर्च ग्रुप प्रा. ली.), लोखंडवाला टाउनशीप, कांदिवली पूर्व इस पते पर अपने परिवार के साथ रहता हूं. मैं मुंबई के हंसा कंपनी में पिछले पांच  साल से कार्यरत हूं. 20 जून को एडीश्नल पीआई काझी ने मेरे मोबाइल पर फोन कर गुप्त जानकारी दी, जिसमे उन्होंने विशाल वेद भंडारी नामक शख़्स जो चिंचोली मलाड में रहता है उसे हिरासत में लेकर जानकारी इकट्ठा की, पूछताछ के दौरान उस शख़्स ने वह हमारे हंसा रिसर्च ग्रुप में रिलेशनशिप मैनेजर के तौर पर काम करता है यह जानकारी दी ,और साथ ही कुछ विशिष्ठ चैनल्स की टीआरपी बढ़े इसलिए अपने साथियों की मदत से जिन घरों में टीआरपी मेजर करने वाला बैरोमीटर लगाया है ऐसे कुछ घरों को पैसों की लालच दिखाकर इंडिया टुडे और कुछ खास चैनल देखने के लिए दबाव दे रहा था.  

हंसा रिसर्च ग्रुप प्रा. ली. कंपनी एक रिसर्च कंपनी है, फिलहाल हमारी कंपनी (Brodcast Audience Research council)BARC इस कंपनी का बैरोमीटर लगाने और उस मीटर की देखभाल का काम करती है. BARC कंपनी भारत में टीवी चैनल और टीवी प्रोग्राम की Telivision Rating Point (TRP) टीआरपी निकालने वाली एकमात्र कंपनी है , साथ ही Telecom Regulatory Authority of India (TRAI) ट्राई और  Ministry of Information and Broadcasting (MIB) के अन्तर्गत काम करती है. टीआरपी गिनने के लिए बार्क यह भारत में चुनिंदा घरों में बैरोमीटर लगाता है,बार्क के लिए हमारी कंपनी मुंबई के साथ महाराष्ट्र में बैरोमीटर लगाने और उसकी देखभाल का काम करती है. हमारे कंपनी में बैरोमीटर लगाने और उसकी देखभाल करने वालों को रिलेशनशिप मैनेजर ये नाम दिया गया है. 

रिलेशनशिप मैनेजर अपने कामों के अतिरिक्त यदि किसी घर में विशिष्ठ चैनल देखने के लिए कोई शख्स लालच के तौर पर पैसा लेता हो या देता हो इसपर गंभीरता से निगरानी रखता है जिसके लिए सभी कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दी जाती है. किसी भी टीवी चैनल की टीआरपी बढ़ी तो उसके विज्ञापनों के कमाई में भी बढ़ोत्तरी होती है और इसलिए कई टीवी चैनल्स टीआरपी बढ़ाने के प्रयास में रहते है. ऐसा जांच में सामने आया है. कई कंपनियां टीवी पर अपने प्रोडक्ट्स का विज्ञापन करते है वह उस टीआरपी के आधार पर ही बजट निर्धारित किया जाता है. इसलिए किसीने भी अवैध तरीके से टीआरपी बढ़ाई, तो बार्क के टीआरपी पर संशय लेकर बार्क के साथ एडवरटाइजर को भी नुकसान होता है. 
 हमारी ऑडिट टीम 11 जून को मलाड के रहने वाले वेदप्रकाश भंडारी के घर  बैरोमीटर की जांच के लिए पहुंचे तो ये पर चला कि घर में एक और मीटर लगाया गया था, और कड़ी पूछताछ के बाद पता चला कि उनका बेटा विशाल भंडारी हमारे कंपनी में रिलेशनशिप मैनेजर के तौर पर कार्यरत है.  विशाल भंडारी से 17 जून को बार्क के परेल दफ्तर में बुलाकर पूछताछ कि गई,तो उसने बताया कि वह मार्च 2019 से बार्क में रिलेशनशिप मैनेजर के तौर पर नियुक्त हुआ था. नवंबर 2019 को उसे विनय नाम के एक शख्स ने फोन किया था और कहा कि,मुंबई के जिन घरों में बैरोमीटर लगाया है उनमें से कम से कम पांच घरके लोगों को रोज कम से कम दो घंटे इंडिया टुडे न्यूज़ चैनल देखने की लिए बताइए ,और इस काम में तुझे भी कमिशन दिया जाएगा.

यह कहकर विशाल उसके झांसे में फस गया. उसके बाद विनय त्रिपाठी और विशाल दोनों एक जगह मिले विनय त्रिपाठी ने विशाल भंडारी को पांच घरों में कम से कम 2 घंटे इंडिया टुडे न्यूज़ चैनल देखने के लिए एक घर के 200 रुपए ऐसे पांच घर के 1000 रुपए दिए और 5000 का  कमिशन भी. पूछताछ में विशाल ने बताया कि वह यह काम नवंबर 2019 से मई 2020 तक कर रहा था ,उसने यह भी बताया कि उसे इस काम के लिए मलाड रेलवे स्टेशन पर हर महीने अलग अलग शख्स आकर पैसे देते थे.जिसमे विशाल ने अपने घर में भी यह मीटर बैठाया था. विशाल भंडारी ने दी जानकारी के बाद हमारी ऑडिट टीम कांदिवली पश्चिम में विजिट करने पहुंची, तो उस घर की महिला ने हमे यही जानकारी दी कि विशाल ने उन्हें 2 घंटे इंडिया टुडे टीवी चैनल देखने के लिए पैसे दिए थे।हमारी कड़ी जांच को देखकर विशाल भंडारी ने हमारे कंपनी से नौकरी छोड़ दी.  विशाल भंडारी ने अपने कुछ सहयोगियों के साथ इस तरह का काम किया और कंपनी के साथ किया हुए नॉन डिस्क्लोजर करार का उल्लंघन किया इसलिए मै नितिन देवकर यह मामला दर्ज कर रहा हूं.

First Published : 09 Oct 2020, 12:40:36 PM

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