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पीएम की बैठक से पहले चुनाव आयोग ने J&K के सभी DM संग की बैठक

चुनाव आयोग की मीटिंग दो सेशन में हुई. पहली बैठक सुबह 11 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक और फिर दूसरी बैठक दोपहर 1.30 से दोपहर 3 बजे तक हुई.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 24 Jun 2021, 07:42:09 AM
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परिसमीन हो सकता है अगला कदम मोदी सरकार का (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • पीएम नरेंद्र मोदी ने आज बुलाई है जम्मू-कश्मीर के नेताओं की सर्वदलीय बैठक
  • इसके ठीक पहले निर्वाचन आयोग ने दो सत्रों में की जिलाधिकारियों से बात
  • परिसीमन और राजनीतिक प्रक्रिया को लेकर जिलाधिकारियों से लिया गया फीडबैक

नई दिल्ली/श्रीनगर:

जम्मू-कश्मीर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की सर्वदलीय बैठक से पहले कयासों का बाजार गर्म है. इस बीच निर्वाचन आयोग (Election Commission) ने केंद्र शासित दोनों प्रदेशों के सभी 20 जिलाधिकारियों से संपर्क कर राजनीतिक प्रक्रिया में तेजी लाए जाने के संकेत दे दिए हैं. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चुनाव आयोग के उप चुनाव आयुक्त चंद्र भूषण कुमार ने जिलाधिकारियों से संभावित चुनाव के संदर्भ में बात की. बता दें चुनाव आयोग की जिलाधिकारियों से मीटिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से आहूत सर्वदलीय बैठक से पहले हुई है. पीएम मोदी आज डेढ़ दर्जन नेताओं संग बैठक करने जा रहे हैं. 

राजनैतिक प्रक्रिया पर हुई बात
अंग्रेजी अखबार द इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार सूत्रों ने संकेत दिया है कि सरकार उन जम्मू और कश्मीर के उन सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है, लेकिन फिलहाल पीएम की बैठक परिसीमन और जम्मू और कश्मीर में जल्द से जल्द चुनाव कराने पर केंद्रित है. अखबार की रिपोर्ट के अनुसार चुनाव आयोग की मीटिंग दो सेशन में हुई. पहली बैठक सुबह 11 बजे से दोपहर 12.30 बजे तक और फिर दूसरी बैठक दोपहर 1.30 से दोपहर 3 बजे तक हुई. पहले सेशन में जम्मू, सांबा, राजौरी, पुंछ, कुपवाड़ा, बांदीपोरा, बारामूला, श्रीनगर, गांदरबल और बडगाम के जिलाधिकारी शामिल थे तो वहीं दूसरे सेशन में किश्तवाड़, डोडा, रामबन, उधमपुर, रियासी, कठुआ, पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग के अधिकारी शामिल हुए. बैठक में जिलाधिकारियों से विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं की समस्याओं के बारे में पूछा गया. साथ ही यह भी जानकारी ली गई कि क्या वोटर्स को मतदान के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है या फिर कोई विधानसभा किसी और जिले में आती है. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया कि जिलाधिकारियों से  ऐसे विधानसभा क्षेत्रों के संदर्भ में उन सामने आने वाली प्रशासनिक दिक्कतों के बारे में भी पूछा गया.

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परिसीमन आयोग ने की बैठक
इसके साथ ही परिसीमन आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने भी बुधवार को जम्मू कश्मीर के सभी उपायुक्तों के साथ मौजूदा विधानसभा क्षेत्रों के पुनर्गठन और सात नयी सीटें बनाने पर विचार-विमर्श किया. सूत्रों ने बताया कि सभी 20 उपाययुक्तों ने एक ऑनलाइन बैठक में भाग लिया, जिसमें विधानसभा सीटों को भौगोलिक रूप से अधिक सुगठित बनाने के तरीके के बारे में जानकारी एकत्र की गई. सूत्रों ने बताया कि परिसीमन प्रक्रिया के तहत जम्मू कश्मीर में कुछ विधानसभा सीटों को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया जाना है. परिसीमन की कवायद के बाद जम्मू कश्मीर में विधानसभा सीटों की संख्या 83 से बढ़कर 90 हो जाएगी. गौरतलब है कि जम्मू कश्मीर नवंबर 2018 से केंद्र के शासन में है और 5 अगस्त, 2019 को केंद्र ने इसके विशेष दर्जे को समाप्त कर दिया था और इसे जम्मू कश्मीर और लद्दाख में केंद्र शासित प्रदेशों के तौर पर विभाजित कर दिया था.

First Published : 24 Jun 2021, 07:31:38 AM

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