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कर्नाटक के मुख्यमंत्री बोम्मई को जाति आरक्षण आंदोलन का करना पड़ रहा सामना

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बोम्मई को जाति आरक्षण आंदोलन का करना पड़ रहा सामना

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 27 Aug 2021, 10:45:01 PM
Baavaraj Bommai

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

बेंगलुरू: कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई आरक्षण के लिए लिंगायत पंचमसाली आंदोलन की चुनौती का सामना कर रहे हैं, जो एक महीने तक चलने वाला है।

यह चुनौती उनके लिए एक अग्निपरीक्षा बन गई है क्योंकि मोस्ट बैकवर्ड कास्ट्स अवेयरनेस फोरम ने एक ज्ञापन सौंपकर उनसे पंचमसाली लिंगायतों को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की सूची में नहीं लाने का आग्रह किया है।

संकट को बढ़ाते हुए, पंचमसाली द्रष्टा जय मृत्यंजय स्वामीजी ने पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा के बेटे बी. वाई. विजयेंद्र पर आरोप लगाया है कि उन्होंने पूरे आंदोलन को गुमराह करने की कोशिश की है।

आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन चामराजनगर जिले के माले महादेश्वर हिल्स से गुरुवार (26 अगस्त) को शुरू हुआ है। एक माह तक चलने वाले इस आंदोलन को प्रतिज्ञा पंचायत का नाम दिया गया है। आयोजकों ने जय मृत्युंजय स्वामीजी के नेतृत्व में हर तालुक स्तर पर जागरूकता पैदा करने की योजना बनाई है।

पूर्व मुख्यमंत्री बी. एस. येदियुरप्पा की अगुवाई वाली सरकार ने सदन के पटल पर पंचमसाली उप संप्रदाय के लिए आरक्षण को मंजूरी देने का वादा किया था। उस समय आरक्षण की मांग को लेकर कुडाला संगम से बेंगलुरू तक 600 किलोमीटर की पदयात्रा निकाली गई थी।

जय मृत्युंजय स्वामीजी ने कहा है कि येदियुरप्पा को उनके बेटे विजयेंद्र ने आंदोलन पर गुमराह किया है। उन्होंने कहा कि समुदाय, जिसमें लिंगायत समुदाय के बीच बड़ी आबादी का हिस्सा शामिल है, ने येदियुरप्पा का समर्थन किया है और अब, वे एक ऐसे नेता की तलाश कर रहे हैं जो उनका समर्थन कर सके।

वर्तमान में लिंगायत, जो निम्न आय वर्ग में आते हैं, जैन, ईसाई और अन्य के साथ 3 बी आरक्षण कोटा के तहत आरक्षण का दावा कर सकते हैं। कुछ उप जातियां 3ए श्रेणी के तहत दावा कर सकती हैं। हालांकि, यदि 2 ए श्रेणी के तहत आरक्षण प्रदान किया जाता है, जिसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए 15 प्रतिशत आरक्षण है, तो यह पंचमसालियों के लिए सरकारी नौकरी के अवसर प्राप्त करने की संभावना को बढ़ावा देगा।

येदियुरप्पा ने अपने कार्यकाल के दौरान पिछड़ा वर्ग आयोग को इस संबंध में एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। हालांकि अभी रिपोर्ट नहीं सौंपी गई है। चूंकि, पंचमसाली समुदाय ने आंदोलन शुरू कर दिया है, सत्ताधारी भाजपा विशेषकर मुख्यमंत्री बोम्मई को स्थिति को प्रबंधित करने के लिए एक कठिन काम का सामना करना पड़ रहा है।

उद्योग मंत्री मुरुगेश निरानी, भाजपा के वरिष्ठ नेता अरविंद बेलाड और बसनगौड़ा पाटिल यतनाल, पंचमसाली उपजाति से हैं और सभी मुख्यमंत्री पद के दावेदारों की सूची में थे, लेकिन वह सीएम की कुर्सी हासिल नहीं कर सके।

जय मृत्युंजय स्वामीजी ने घोषणा की है कि आरक्षण प्रदान करने के लिए सरकार को दी गई समय सीमा (15 सितंबर) निकट है और मुख्यमंत्री बोम्मई को आरक्षण प्रदान करने के लिए कदम उठाने चाहिए।

उन्होंने कहा, हम उस व्यक्ति या पार्टी का समर्थन करेंगे, जो हमें समर्थन देगा।

बोम्मई सरकार, जिसे बहुत जल्द जिला पंचायत, तालुक पंचायत चुनावों का सामना करना है, स्थिति से निपटने में एक वास्तविक चुनौती का सामना कर रही है।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 27 Aug 2021, 10:45:01 PM

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