News Nation Logo
Banner
Banner

आशीष मिश्रा घिरा SIT के सवालों के चक्रव्यूह में, नहीं दे पाया इनके जवाब

डीजीपी के मुताबिक आशीष ने पूछताछ में सहयोग नहीं किया और सवालों के सीधे जवाब नहीं दिए. अब आशीष की जमानत पर सोमवार को सुनवाई हो सकती है.

Written By : अनिल यादव | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 10 Oct 2021, 09:58:25 AM
Ashish Mishra

पूछताछ में सही से जवाब नहीं दे सका आशीष मिश्रा. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • शनिवार को क्राइम ब्रांच ने की थी आशीष मिश्रा से लंबी पूछताछ
  • अधिकांश सवालों के संतोषजनक जवाब दे ही नहीं सका आशीष
  • न्यायिक हिरासत से बचने को जमानत पर सुनवाई सोमवार को

नई दिल्ली:

लखीमपुर (Lakhimpur) हिंसा को स्वतः संज्ञान लेने के बाद सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से दाखिल स्टेटस रिपोर्ट से असंतुष्टि जताते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा (Ajay Mishra) टेनी के बेटे अशीष मिश्रा (Ashish Mishra) को लेकर तीखी प्रतिक्रिया जाहिर की थी. इसके बाद शनिवार को आशीष से लगभग 12 घंटे से अधिक की पूछताछ के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. डीजीपी के मुताबिक आशीष ने पूछताछ में सहयोग नहीं किया और सवालों के सीधे जवाब नहीं दिए. अब आशीष की जमानत पर सोमवार को सुनवाई हो सकती है. आशीष मिश्रा पर 3 अक्टूबर को अपनी थार जीप से किसानों को कुचलने का आरोप है. साथ ही गोली चलाने का भी आरोप लगा है. उसकी थार जीप से 315 बोर के मिस कारतूस बरामद हुए थे. वह यह भी साबित नहीं कर पाया कि घटना के वक्त वहां मौजूद नहीं था, जबकि पुलिस के पास बहुत सारे साक्ष्य मौजूद थे. आइए जानते हैं कि आशीष से कौन-कौन से सवाल पूछे गए और उसने क्या जवाब दिए...

हिंसा के समय तुम कहां थे?
दंगल में.

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि हिंसा के समय तुम घटनास्थल पर ही एक वाहन में थे. तुम्हारे काफिले में कितने वाहन थे?
मैं दंगल में ही था. काफिले में कौन कार्यकर्ता थे मालूम नहीं.

तुम्हारे वाहन में और कौन-कौन लोग बैठे हुए थे?
चालक हरिओम था. उसके साथ और कौन था मुझे नहीं मालूम, हम तो दंगल में थे.

जिस वाहन में तुम थे, वह किसका था?
थार मेरी थी, लेकिन मैं उसमें नहीं था. एक ही बात कितनी बार पूछेंगे.

वाहन में तुम किधर बैठे थे? वाहन को कौन चला रहा था?
 मुझे नहीं मालूम, मैं नहीं था बस.

जब तुम्हारा वाहन घटनास्थल पर पहुंचा तो भीड़ कितनी थी?
आप लाख बार पूछ लीजिए हम एक ही जवाब देंगे घटनास्थल पर हम मौजूद नहीं थे. वहां क्या हुआ कुछ नहीं पता. जो जानकारी हुई बाद में हुई.

भीड़ सड़क पर क्या कर रही थी? क्या भीड़ तुम्हारे वाहनों का रास्ता रोक रही थी?
पता नहीं.

जब पहला आदमी वाहन से टकराया तो वाहन रोका क्यों नहीं?
मैं होता तो गाड़ी रोकता. जब था ही नहीं तो कैसे रोकता. चालक ने ऐसा किन परिस्थितियों में किया पता नहीं.

तुम्हारे पास लाइसेंसी हथियार है या नहीं है? तुम्हारे साथ वाहन में किस-किस के पास लाइसेंसी हथियार थे?
नहीं पता.

फायरिंग की आवाज वाहनों से कैसे आ रही थी?
उत्तर हमको नहीं पता, बार-बार एक ही सवाल क्यों पूछ रहे आप लोग.

सोशल मीडिया पर कई वीडियो हैं जो घटनास्थल पर तुम्हारी उपस्थिति साबित कर रहे हैं?
गलत हैं, मैंने जो वीडियो दिए वो सही हैं. घटना स्थल पर मैं नहीं था.

अगर यदि घटनास्थल पर नहीं थे तो FIR होने के बाद तुम अंडरग्राउंड क्यों हुए? नोटिस जारी होने के बाद भी पेश क्यों नहीं हुए?
मैं दिल्ली में था और मीडिया से भी लगातार बात कर रहा था. पहले नोटिस की जानकारी समय से नहीं हुई. थोड़ी तबीयत भी ठीक नहीं थी. जानकारी होते ही आज इसलिए समय से पहले पेश हुआ.

तुम किस आधार पर दावा करते हो कि हिंसा के दौरान तुम घटनास्थल पर नहीं थे?
दंगल के कार्यक्रम और गांव के वीडियो फुटेज और गांव वालों के हलफनामा इसके सबूत है. आप लोग इसकी जांच करा सकते हैं.

तुम घटनास्थल पर न होने के दावे के समर्थन में जो वीडियो दिखा रहे हो, उनकी सत्यता का आधार क्या है?
सभी सही हैं. आप फॉरेंसिक जांच करा सकते हैं या भौतिक सत्यापन, जिससे साफ हो जाएगा कि मैं गांव पर था.

तुम्हारे दावे और उपलब्ध कराए गए साक्ष्य पर पुलिस भरोसा क्यों करे, जब तुमने अब तक कोई सहयोग हीं नहीं किया?
पुलिस ने जैसे ही बुलाया मैं हाजिर हो गया. साथ ही जब भी मेरे सहयोग की जरूरत पड़ेगी दूंगा. मैं कोई अपराधी नहीं हूं. एक राजनेता का बेटा और मेरा खुद का व्यवसाय है.

First Published : 10 Oct 2021, 09:56:50 AM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.

वीडियो