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राम मंदिर ट्रस्‍ट की घोषणा को पचा नहीं पाए असदुद्दीन ओवैसी, बोले- न बाबरी मस्‍जिद भूले हैं और न ही भूलेंगे

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा- प्रधानमंत्री को आदर्श आचार संहिता की भावना को ध्यान में रखना चाहिए. बीजेपी ने दिल्‍ली चुनाव के लिए आखिरी पत्‍ता खेला है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि जनता बीजेपी के झांसे में आएगी.

News Nation Bureau | Edited By : Sunil Mishra | Updated on: 05 Feb 2020, 03:11:49 PM
न बाबरी मस्‍जिद भूले हैं और न ही भूलेंगे: असदुद्दीन ओवैसी

न बाबरी मस्‍जिद भूले हैं और न ही भूलेंगे: असदुद्दीन ओवैसी (Photo Credit: File Photo)

नई दिल्‍ली:  

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) द्वारा लोकसभा में राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्‍ट की घोषणा को विरोधी दल दिल्‍ली विधानसभा चुनाव (Delhi Assembly Election) से जोड़कर देख रहे हैं. AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने पीएम नरेंद्र मोदी की इस घोषणा पर कहा, संसद का सत्र 11 फरवरी को समाप्त होगा. यह घोषणा 8 फरवरी के बाद या बहुत पहले भी हो सकती थी. आज इस घोषणा के बाद से लगता है कि बीजेपी दिल्ली चुनाव को लेकर चिंतित है. ओवैसी ने कहा, पीएम मोदी रैली में इसकी घोषणा नहीं कर सकते थे इसलिए इसे संसद में रखा. प्रधानमंत्री को आदर्श आचार संहिता की भावना को ध्यान में रखना चाहिए. बीजेपी ने दिल्‍ली चुनाव के लिए आखिरी पत्‍ता खेला है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि जनता बीजेपी के झांसे में आएगी.

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बाबरी मस्‍जिद को लेकर पूछे गए एक सवाल के जवाब में ओवैसी ने कहा, न बाबरी भूले हैं और न ही भूलेंगे. ओवैसी ने सुन्‍नी वक्‍फ बोर्ड से अपील की कि वह यूपी सरकार द्वारा मस्‍जिद निर्माण के लिए दी जाने वाली 5 एकड़ जमीन न ले. उन्‍होंने यह भी कहा, यकीनन दलितों के बाद भारत का मुसलमान सबसे अधिक गरीब है, लेकिन वह इतना भी गरीब नहीं है कि वह एक मस्‍जिद नहीं बना सके.

इससे पहले बुधवार सुबह लोकसभा में पीएम नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर निर्माण के लिए ट्रस्‍ट के गठन की घोषणा की. उन्‍होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अऩुसार एक स्वायत्त ट्रस्ट श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का गठन किया गया है. श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र का गठन करने का प्रस्ताव कैबिनेट ने पारित कर दिया है. यह ट्रस्ट अयोध्या में भगवान श्रीराम की जन्मस्थली पर भव्य और दिव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण और उससे संबंधित विषयों पर निर्णय लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा. आइए.. इस ऐतिहासिक क्षण में हम सभी सदस्य मिलकर अयोध्या में श्रीराम धाम के जीर्णोद्धार के लिए भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिए एक स्वर में अपना समर्थन दें.'

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की घोषणा के बाद अमित शाह ने ट्वीट करते हुए कहा, 'राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में 15 ट्रस्टी होंगे, जिसमें से एक ट्रस्टी हमेशा दलित समाज से रहेगा. सामाजिक सौहार्द को मजबूत करने वाले ऐसे अभूतपूर्व निर्णय के लिए मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को अनेक अनेक बधाई देता हूं. यह ट्रस्ट मंदिर से संबंधित हर निर्णय लेने के लिए पूर्ण रूप से स्वतंत्र होगा. श्रीरामजन्मभूमि पर सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार आज भारत सरकार ने अयोध्या में प्रभु श्रीराम के भव्य मंदिर के निर्माण की दिशा में अपनी कटिबद्धता दिखाते हुए श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र नाम से ट्रस्ट बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है.

दूसरी ओर, शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, मैं महाराष्ट्र के मुख्‍यमंत्री की ओर से प्रधानमंत्री की घोषणा का स्वागत करता हूं, लेकिन आप सभी जानते हैं कि राम मंदिर निर्माण के पक्ष में सर्वोच्च न्यायालय ने फैसला दिया था और उस निर्णय का सम्मान करना सरकार की जिम्मेदारी है. 

First Published : 05 Feb 2020, 02:27:55 PM

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