बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में दिए अपने कल के दिए गए विवादित बयान पर माफी मांग ली है. नीतीश के कहा कि उनका यह बयान महिला उत्थान के लिए था. लेकिन अगर कोई उनके बयान से आहत हुआ है तो वह माफी मांगते हैं. वह अपने शब्द वापस लेता हूं. वहीं, नीतीश कुमार के बयान ने देश में हलचल पैदा कर दी है. उनके बयान को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन औवेसी ने कहा कि वह एक प्रदेश के मुख्यमंत्री है और विधानसभा में उन्होंने जिस तरीके का भाषा का उपयोग किया है वो अश्लील है. आप कहीं सड़क पर यह बात नहीं बोल रहे थे उन्हें समझना चाहिए था....मैं मांग करता हूं कि वो अपना बयान विधानसभा में वापस लें और उन्होंने बहुत गलत संदेश बिहार की महिलाओं को दिया है."
बयान सी ग्रेड फिल्म का डायलॉग
वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में जिस तरह का बयान दिया है वह सी ग्रेड फिल्म का डायलॉग लग रहा था यह बयान उन्होंने विधानसभा में सभी महिलाओं और पुरुषों के सामने कही और सबसे बुरा ये था कि वहां पर बैठे पुरुष इस पर हंस रहे थे. मुझे लगता है अगर उन्हें ज्ञान देना था तो बहुत से तरीके थे.....उन्होंने आज इस पर माफी मांगी है लेकिन केवल माफी मांगना इसका उपाय नहीं है बिहार स्पीकर को उनके खिलाफ एक कदम उठाना चाहिए." बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान पर केंद्रीय मंत्री आर.के. सिंह ने कहा कि हमें शर्म आती है कि वह हमारे राज्य के सीएम हैं...मुझे लगता है कि बिहार के सभी व्यक्ति को शर्म आ रही होगी क्योंकि उनका सीएम ऐसी अश्लील भाषा का इस्तेमाल कर रहा है...यह तीसरे दर्जे का बयान है....."
बयान बहुत आपत्तिजनक
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान पर गृह राज्य मंत्री और बीजेपी नेता नित्यानंद राय ने कहा कि यह बहुत आपत्तिजनक है, नीतीश कुमार ने जिस प्रकार से महिलाओं को लेकर बयान दिए हैं यह अमर्यादित है इसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है और इस बयान के पक्ष में तेजस्वी यादव का बयान भी आपत्तिजनक है. नीतीश कुमार अब सीएम पद पर रहने लायक नहीं हैं. आपने इस देश की संस्कृति को नष्ट कर दिया है...उन्हें माफी मांगनी चाहिए और खुद को राजनीति से अलग कर लेना चाहिए..."
JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन(ललन) सिंह ने कहा कि जाति आधारित जनगणना पर कल बिहार की विधानसभा में जो कुछ घोषणा किया गया है वह वास्तव में न्याय के साथ विकास के प्रति एक बढ़ता हुआ कदम है एक तरफ महागठबंधन की सरकार जो बिहार में है वो न्याय के साथ विकास का नारा दी है, न्याय के साथ विकास को सर जमीन पर उतार के दिखाया है. दूसरी तरफ जो दिल्ली में बैठे हुए लोग कहते हैं कि सबका साथ सबका विकास. साथ सबका लेने की कोशिश करते हैं लेकिन विकास किसी का नहीं करते हैं. ऐसे लोगों को इस बार बिहार की जनता खदेड़ेगी और बिहार में जाति आधारित जनगणना के बारे में रिपोर्ट प्रकाशित हुआ है और जिनकी आबादी जितनी है उनको उसी हिसाब से हिस्सेदारी दी जाएगी. ये न्याय के साथ विकास है.... "
Source : News Nation Bureau
नीतीश कुमार के महिला-पुरुष वाले बयान पर औवेसी का तंज, महिला आयोग ने कही यह बात
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में जिस तरह का बयान दिया है वह सी ग्रेड फिल्म का डायलॉग लग रहा था
Nitish Kumar( Photo Credit : फाइल पिक)
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने विधानसभा में दिए अपने कल के दिए गए विवादित बयान पर माफी मांग ली है. नीतीश के कहा कि उनका यह बयान महिला उत्थान के लिए था. लेकिन अगर कोई उनके बयान से आहत हुआ है तो वह माफी मांगते हैं. वह अपने शब्द वापस लेता हूं. वहीं, नीतीश कुमार के बयान ने देश में हलचल पैदा कर दी है. उनके बयान को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन औवेसी ने कहा कि वह एक प्रदेश के मुख्यमंत्री है और विधानसभा में उन्होंने जिस तरीके का भाषा का उपयोग किया है वो अश्लील है. आप कहीं सड़क पर यह बात नहीं बोल रहे थे उन्हें समझना चाहिए था....मैं मांग करता हूं कि वो अपना बयान विधानसभा में वापस लें और उन्होंने बहुत गलत संदेश बिहार की महिलाओं को दिया है."
बयान सी ग्रेड फिल्म का डायलॉग
वहीं, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान पर राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा कि उन्होंने विधानसभा में जिस तरह का बयान दिया है वह सी ग्रेड फिल्म का डायलॉग लग रहा था यह बयान उन्होंने विधानसभा में सभी महिलाओं और पुरुषों के सामने कही और सबसे बुरा ये था कि वहां पर बैठे पुरुष इस पर हंस रहे थे. मुझे लगता है अगर उन्हें ज्ञान देना था तो बहुत से तरीके थे.....उन्होंने आज इस पर माफी मांगी है लेकिन केवल माफी मांगना इसका उपाय नहीं है बिहार स्पीकर को उनके खिलाफ एक कदम उठाना चाहिए." बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान पर केंद्रीय मंत्री आर.के. सिंह ने कहा कि हमें शर्म आती है कि वह हमारे राज्य के सीएम हैं...मुझे लगता है कि बिहार के सभी व्यक्ति को शर्म आ रही होगी क्योंकि उनका सीएम ऐसी अश्लील भाषा का इस्तेमाल कर रहा है...यह तीसरे दर्जे का बयान है....."
बयान बहुत आपत्तिजनक
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान पर गृह राज्य मंत्री और बीजेपी नेता नित्यानंद राय ने कहा कि यह बहुत आपत्तिजनक है, नीतीश कुमार ने जिस प्रकार से महिलाओं को लेकर बयान दिए हैं यह अमर्यादित है इसकी जितनी निंदा की जाए वह कम है और इस बयान के पक्ष में तेजस्वी यादव का बयान भी आपत्तिजनक है. नीतीश कुमार अब सीएम पद पर रहने लायक नहीं हैं. आपने इस देश की संस्कृति को नष्ट कर दिया है...उन्हें माफी मांगनी चाहिए और खुद को राजनीति से अलग कर लेना चाहिए..."
JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन(ललन) सिंह ने कहा कि जाति आधारित जनगणना पर कल बिहार की विधानसभा में जो कुछ घोषणा किया गया है वह वास्तव में न्याय के साथ विकास के प्रति एक बढ़ता हुआ कदम है एक तरफ महागठबंधन की सरकार जो बिहार में है वो न्याय के साथ विकास का नारा दी है, न्याय के साथ विकास को सर जमीन पर उतार के दिखाया है. दूसरी तरफ जो दिल्ली में बैठे हुए लोग कहते हैं कि सबका साथ सबका विकास. साथ सबका लेने की कोशिश करते हैं लेकिन विकास किसी का नहीं करते हैं. ऐसे लोगों को इस बार बिहार की जनता खदेड़ेगी और बिहार में जाति आधारित जनगणना के बारे में रिपोर्ट प्रकाशित हुआ है और जिनकी आबादी जितनी है उनको उसी हिसाब से हिस्सेदारी दी जाएगी. ये न्याय के साथ विकास है.... "
Source : News Nation Bureau