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पनामा पेपर्स मामला: अरुण जेटली बोले, पाकिस्तान के पैटर्न पर भारत में नहीं होगी कार्रवाई

जेटली ने बैकिंग विनियमन (संशोधन) विधेयक पर बहस पर पनामा पेपर लीक का जिक्र करते हुए कहा, 'सभी अकाउंट की जांच हो रही है।

News Nation Bureau | Edited By : Jeevan Prakash | Updated on: 11 Aug 2017, 06:47:49 AM
वित्त मंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो)

वित्त मंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो)

highlights

  • पनामा पेपर मामले में जेटली ने कहा, सभी अकाउंट की जांच हो रही है
  • जेटली ने कहा, हमारे पास पड़ोसी देश जैसा सिस्टम नहीं, जहां पहले पद से हटाया जाता है और फिर ट्रायल होता है

नई दिल्ली:

पनामा पेपर्स मामले में पाकिस्तान में नवाज शरीफ के खिलाफ कार्रवाई के बाद भारत में भी इस मामले की जांच को लेकर बड़े पैमाने पर मांग उठने लगी है। इस बीच केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है पाकिस्तान के पैटर्न पर भारत में कार्रवाई नहीं होगी।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने राज्यसभा में कहा, 'हमारे पास कानून है। हमारे पास पड़ोसी देश जैसा सिस्टम नहीं है, जहां पहले किसी को पद हटाया जाता है और फिर ट्रायल होता है।'

आपको बता दें की पड़ोसी देश पाकिस्तान में 28 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने पनामा पेपर मामले में नवाज शरीफ को आयोग्य ठहरा दिया था और उनके खिलाफ ट्रायल के आदेश दिये थे। जिसके बाद नवाज शरीफ को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

राज्यसभा में एक सवाल के उत्तर में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा, 'यहां प्राप्त हुए विदेशी बैंक खातों के विवरणों पर जितनी इस सरकार ने कार्रवाई की है उतनी किसी भी सरकार ने कभी नही की।'

जेटली ने बैकिंग विनियमन (संशोधन) विधेयक पर बहस पर पनामा पेपर लीक का जिक्र करते हुए कहा, 'सभी अकाउंट की जांच हो रही है।'

वित्त मंत्री ने कहा, 'जिस भी मामले में हमें कागजात मिल रहे हैं उनमें अभियोग की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। मूल्यांकन किया जा रहा है। एक बार अभियोग दाखिल होने के बाद नामों का भी खुलासा करने में कोई हर्ज नहीं होगा क्योंकि अभियोग तो खुली अदालत में दाखिल किया जाता है।'

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जेटली ने कहा कि जबतक जांच होगी तबतक नामों का खुलासा नहीं किया जा सकता है, लेकिन जब मामला कोर्ट पहुंचेगा तब नामों पर गोपनीयता खत्म हो जाएगी।

पनामा पेपर्स दुनिया की चौथी सबसे बड़ी कानूनी कंपनी, मोसैक फोंसेका के डेटाबेस से 11. 5 लाख लीक फाइलों से जुड़ा स्कैंडल है। अंतर्राष्ट्रीय खोजी पत्रकार संघ (आईसीआईजे) और 100 से अधिक वैश्विक मीडिया समूहों ने खुलासे किये थे। यह खुलासा पनामा की कानून सेवा कंपनी मोजेक फोंसेका से लीक हुए लाखों दस्तावेजों के आधार पर किया गया है। जिसमें कई भारतीयों का नाम है।

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First Published : 11 Aug 2017, 02:42:51 AM

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