News Nation Logo

डब्ल्यूबीएसएससी घोटाला: अर्पिता के एक फर्म का पता फर्जी होने का दावा

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 27 Jul 2022, 11:35:01 PM
Arpita Mukherjee

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

कोलकाता:   करोड़ों रुपये के पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग (डब्ल्यूबीएसएससी) भर्ती में अनियमितताओं के घोटाले की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को शिकायत मिली है कि जिन कंपनियों में दो निदेशकों में से एक की निदेशक अर्पिता मुखर्जी हैं, उनमें से एक का पंजीकृत पता फर्जी है।

विचाराधीन पता एची एंटरटेनमेंट प्राइवेट लिमिटेड है, जिसका पंजीकृत पता 95, राजदंगा मेन रोड, एलपी-107/439/78, कोलकाता - पश्चिम बंगाल 700107 है, जो केंद्रीय कॉपोर्रेट मामलों के मंत्रालय के तहत कंपनी रजिस्ट्रार (आरओसी) के रिकॉर्ड के अनुसार है।

बुधवार दोपहर, जब ईडी के अधिकारी, केंद्रीय सशस्त्र बलों के कर्मियों के साथ, उपरोक्त पते पर पहुंचे, तो एक स्थानीय निवासी ने उनसे वैध दस्तावेजों के साथ संपर्क किया, जिससे पता चला कि फ्लैट उनके छोटे भाई की केबल टेलीविजन कंपनी के नाम पर पंजीकृत है।

उक्त स्थानीय निवासी ने अपने दावों के समर्थन में कंपनी के ट्रेड लाइसेंस सहित दस्तावेज भी प्रस्तुत किए।

यह पता चला है कि ईडी के अधिकारियों ने उस व्यक्ति को रिकॉर्ड के लिए स्थानीय पुलिस स्टेशन में भी शिकायत दर्ज करने का सुझाव दिया है। व्यक्ति की पहचान का खुलासा किया जाना बाकी है।

ईडी को दो अन्य कंपनियां मिली हैं, जिनमें अर्पिता मुखर्जी निदेशक हैं।

उनमें से एक, सेंट्री इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड है जिसका पंजीकृत कार्यालय डायमंड सिटी साउथ, टॉवर -2, फ्लैट नंबर -1 ए, पहली मंजिल, कोलकाता - पश्चिम बंगाल 700041 में है, जो वही आवास परिसर है जिसमें अर्पिता मुखर्जी का निवास है, जहां से ईडी अधिकारियों ने बड़ा खजाना बरामद किया है।

तीसरी कंपनी सिम्बायोसिस मर्चेंट्स प्राइवेट लिमिटेड है और इसका पंजीकृत कार्यालय 19, नवाब अब्दुल लतीफ स्ट्रीट, 22, बेलघरिया, उत्तर 24 परगना कोलकाता - पश्चिम बंगाल 700056 है, वह इलाका जहां अर्पिता मुखर्जी का पैतृक निवास है, जहां उनकी मां अकेली रहती हैं।

उसी मोहल्ले में एक और फ्लैट है, जो अर्पिता मुखर्जी के नाम पर पंजीकृत है।

इन तीनों कंपनियों में अर्पिता मुखर्जी के अलावा एक और डायरेक्टर हैं, जिनका नाम कल्याण धर है। ईडी के अधिकारियों को संदेह है कि ये तीनों कंपनियां फर्जी संस्थाएं हैं, जो अपराध की आय को अलग-अलग चैनलों तक पहुंचाने के लिए बनाई गई हैं।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 27 Jul 2022, 11:35:01 PM

For all the Latest India News, Download News Nation Android and iOS Mobile Apps.