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पूर्व छात्र ने आईआईटी दिल्ली को दिए 10 मिलियन डॉलर, यानी करीब 75 करोड़ रुपये

पूर्व छात्र ने आईआईटी दिल्ली को दिए 10 मिलियन डॉलर, यानी करीब 75 करोड़ रुपये

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 12 Nov 2021, 10:10:01 PM
Anant Yardi

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली: आईआईटी दिल्ली के एक पूर्व छात्र अनंत यार्डी आईआईटी दिल्ली को 10 मिलियन अमरीकी डालर यानी करीब का योगदान देंगे। यार्डी यह योगदान आईआईटी दिल्ली में अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और नए स्थापित किए गए स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को बढ़ावा देने के लिए कर रहे हैं। अनंत फिलहाल अमेरिका में रह रहे हैं। 60 के दशक में वह आईआईटी दिल्ली के छात्र थे।

आईआईटी दिल्ली के अल्युमनी अनंत यार्डी, यार्डी सिस्टम्स के अध्यक्ष और संस्थापक हैं। उन्होंने आईआईटी दिल्ली को 10 मिलियन अमरीकी डालर (75 करोड़ रुपये) का उपहार देने पर सहमति व्यक्त की है। अनंत द्वारा 1982 में स्थापित यार्डी सिस्टम्स रियल एस्टेट संपत्ति और संपत्ति प्रबंधन समाधानों में अग्रणी कंपनी है और उत्तरी अमेरिका में सबसे बड़ा रियल एस्टेट सॉफ्टवेयर प्रदाता है।

यार्डी का यह उपहार आईआईटी दिल्ली को अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं बनाने और प्रतिभाशाली छात्रों और शोधकर्ताओं को अपने नए स्थापित स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एससीएआई) की ओर आकर्षित करने में सक्षम बनाएगा।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), मशीन लनिर्ंग, और डेटा साइंस प्रौद्योगिकियों में स्नातकोत्तर और अंतर-विद्याशाखा में अनुसंधान, नवाचार तथा मौलिकता के अवसरों में विस्तार के उद्देश्य से संस्थान द्वारा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्कूल की स्थापना की गई है।

प्रस्तावित उपहार को स्वीकार करते हुए आईआईटी दिल्ली के निदेशक प्रोफेसर वी. रामगोपाल राव ने कहा, हमें अपने सफल अल्युमनी पर गर्व है, जिन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान प्राप्त की है। अनंत यार्डी द्वारा सुविचारित किए गए इस योगदान के लिए हम आभारी हैं। किसी राष्ट्र के भविष्य की प्रगति उसकी एआई क्षमता पर निर्भर करती है। यह उपहार एआई और संबंधित क्षेत्रों में अत्याधुनिक अनुसंधान को प्रेरित करेगा और हमारे समाज, पर्यावरण, उद्योग और राष्ट्र के लाभ के लिए बेहतर समाधान की खोज में आईआईटी दिल्ली को प्रेरित करेगा।

स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रमुख संस्थापक, प्रोफेसर मौसम ने कहा, स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की स्थापना का प्रमुख उद्देश्य न केवल देश में एआई शोधकर्ताओं का विकास करना और विकास का समर्थन करना है, बल्कि वैश्विक एआई मानचित्र में आईआईटी दिल्ली की स्थिति को भी मजबूत करना है। यार्डी के योगदान से इन उद्देश्यों को प्राप्त करने में काफी मदद मिलेगी।

प्रो. मौसम ने कहा, स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने वाले वर्षों में कम से कम 20 कोर संकाय सदस्यों की नियुक्त करेगा जो स्कूल को विश्व स्तर की इकाई बनाने में मदद करने के लिए बाहरी भागीदारों की तलाश करेंगे।

वहीं अनंत यार्डी ने कहा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रौद्योगिकियां वैश्विक परिवर्तन कर रही हैं, और औद्योगिक, सामाजिक और पर्यावरणीय परिवर्तन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वाणिज्यिक और सामाजिक अनुप्रयोगों को सक्षम करने के लिए स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस शिक्षा और अनुसंधान में एआई, मशीन लनिर्ंग और डेटा साइंस को मजबूत करने के लिए तत्पर हैं। मुझे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस स्कूल में योगदान देने और आईआईटी दिल्ली को शिक्षा और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट कार्य को जारी रखने में मदद करते हुए खुशी हो रही है।

अनंत यार्डी को कमर्शियल रीयल स्टेट ऑटोमेशन इन्ड्रस्टी में शुरूआती मार्गदर्शकों में से एक के रूप में मान्यता दी गई है। वैश्विक रियल एस्टेट पोर्टफोलियो प्रबंधन के लिए प्रभावी और अभिनव सॉफ्टवेयर समाधानों के विकास के पीछे उनकी ²ष्टि प्रेरक शक्ति रही है। यार्डी सिस्टम्स की स्थापना से पहले, उन्होंने बरोज कॉर्पोरेशन में एक सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट मैनेजर के रूप में काम किया। अनंत ने बर्कले में कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग में एम.एस. और आईआईटी दिल्ली से बी.टेक. (निदेशक का स्वर्ण पदक विजेता) है।

आईआईटी दिल्ली के मुताबिक एआई स्कूल, आईआईटी दिल्ली का छठा स्कूल है। कुल मिलाकर, एआई स्कूल अपने अनुसंधान प्रक्षेपवक्र में व्यापक और अपनी शैक्षणिक गतिविधियों में बहु-विषयक होगा।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 12 Nov 2021, 10:10:01 PM

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