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अमित शाह बोले- नक्सल प्रभावित इलाकों के विकास के लिए प्रतिबद्ध है मोदी सरकार

केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए कटिबद्ध हैं

Rahul Dabas | Edited By : Mohit Sharma | Updated on: 26 Sep 2021, 07:35:25 PM
Amit shah

Amit shah (Photo Credit: ANI)

नई दिल्ली:

केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने नई दिल्ली में वामपंथी उग्रवाद पर समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के विकास के लिए कटिबद्ध हैं. प्रधानमंत्री की अगुवाई में वामपंथी उग्रवाद पर नकेल कसने में केंद्र और राज्यों के साझा प्रयासों से बहुत सफलता मिली है. उन्होंने कहा कि  दशकों की लड़ाई में हम एक ऐसे मुकाम पर पहुंचे हैं, जिसमें पहली बार मृत्यु की संख्या 200 से कम है और यह हम सबकी साझा और बहुत बड़ी उपलब्धि है.

अमित शाह ने कहा कि जब तक हम वामपंथी उग्रवाद की समस्या से पूरी तरह निजात नहीं पाते तब तक देश का और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित राज्यों का पूर्ण विकास संभव नहीं. प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने केन्द्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) की तैनाती पर होने वाले राज्यों के स्थायी ख़र्च में कमी लाने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है. इसके परिणामस्वरूप वर्ष 2018-19 के मुक़ाबले 2019-20 में CAPFs की तैनाती पर होने वाले राज्यों के ख़र्च में लगभग 2900 करोड़ रूपए की कमी आई है.

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि भारत सरकार कई सालों से राजनीतिक दलों पर ध्यान दिये बिना दो मोर्चों पर लड़ाई लड़ती रही है, जो हथियार छोड़कर लोकतंत्र का हिस्सा बनना चाहते हैं उनका दिल से स्वागत है लेकिन जो हथियार उठाकर निर्दोष लोगों और पुलिस को आहत करेंगे, उनको उसी तरह जवाब दिया जायेगा. असंतोष का मूल कारण आज़ादी के बाद 6 दशकों में विकास ना पहुंच पाना है, लेकिन अब प्रधानमंत्री जी की अगुवाई में विकास हो रहा है और नक्सली भी ये बात समझ चुके हैं कि विकास होने पर निर्दोष लोग उनके बहकावे में नहीं आएंगे इसीलिए विकास की गति निर्बाध रूप से जारी रखना बहुत ज़रूरी है.

अमित शाह बोले कि जिस समस्या के कारण पिछले 40 वर्षों में 16 हज़ार से अधिक नागरिकों की जान गई हैं, उसके ख़िलाफ़ लड़ाई अब अंत तक पहुंची है और इसकी गति बढ़ाने और इसे निर्णायक बनाने की ज़रूरत है. हाल ही में भारत सरकार ने अनेक उग्रवादी गुटों, विशेषकर उत्तरपूर्व में, के साथ समझौता कर उनसे हथियार डलवाने में सफलता हासिल की है. वामपंथी उग्रवादियों के आय के स्रोतों को निष्प्रभावी करना बेहद ज़रूरी है.

First Published : 26 Sep 2021, 07:11:00 PM

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