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विपक्षी दलों के हंगामे के बीच राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

विपक्षी दलों के हंगामे के बीच राज्यसभा अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 22 Dec 2021, 01:15:02 PM
Amid face-off

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

नई दिल्ली:   राज्यसभा बुधवार को अपने निर्धारित समय से एक दिन पहले अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। बुधवार को कार्यवाही शुरू होने के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी गई।

सत्र की शुरूआत में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने अयोध्या में कथित भूमि घोटाले का मुद्दा उठाने की कोशिश की लेकिन सभापति ने अनुमति नहीं दी।

सभापति एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि सदन ठीक से नहीं चल सकी और सभी को सहयोग करना चाहिए और फिर सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया।

शीतकालीन सत्र के दौरान विपक्ष और सरकार के बीच 12 सांसदों के निलंबन को लेकर आमना-सामना हो गया था, जिसे सुलझाया नहीं जा सका और मंगलवार को तृणमूल कांग्रेस के एक अन्य सांसद डेरेक ओ ब्रायन को निलंबित कर दिया गया।

विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार सदन में विधेयकों को आगे बढ़ाना चाहती है, इसलिए उसने सांसदों को निलंबित कर दिया।

मंगलवार को सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि डेरेक ओ ब्रायन ने नियम पुस्तिका फेंक दी और कहा कि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए था। गोयल ने 12 निलंबित सांसदों से माफी भी मांगी और बाद में डेरेक को निलंबित कर दिया गया।

यह घटना चुनाव सुधार पर विधेयक पारित करने के दौरान हुई। सरकार को मंगलवार को राज्यसभा में विपक्षी दलों के कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ा और भाजपा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के सदस्य डेरेक ओ ब्रायन ने महासचिव पर नियम पुस्तिका फेंक दी।

सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा, हमने सोचा था कि विपक्ष कुछ सबक सीखेगा लेकिन वही बात दोहराई गई है।

सरकार ने सांसदों के निलंबन के मुद्दे पर एक बैठक बुलाई, लेकिन चार आमंत्रित दलों ने इसका बहिष्कार किया और मांग की कि इस मुद्दे को हल करने के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई जानी चाहिए।

खड़गे ने कहा था, सरकार विपक्ष को विभाजित करने की साजिश कर रही है लेकिन पार्टियां इस मुद्दे पर एकजुट हैं। इसे सर्वदलीय बैठक बुलानी चाहिए।

जोशी ने कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, शिवसेना, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी-मार्क्‍सवादी को सदन में गतिरोध समाप्त करने का आह्वान किया था, जो सत्र के पहले दिन से जारी है।

हालांकि सरकार विधेयकों को पारित करने और विवादास्पद कृषि विधेयकों को वापस लेने में सफल रही, लेकिन विपक्ष ने लखीमपुर खीरी, सांसदों के निलंबन और किसानों के मुआवजे के मुद्दे को लेकर हंगामा किया।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 22 Dec 2021, 01:15:02 PM

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