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अमरनाथ यात्रा को निशाना बनाने तैयार बैठे हैं 290 आतंकी, सुरक्षा बलों पर भी हमले की आशंका

भारतीय सुरक्षा बलों पर हमला करने के लिए पाकिस्तानी सेना द्वारा खासतौर पर प्रशिक्षित 34 पाकिस्तानी आतंकियों समेत 290 आतंकी तैयार बैठे हैं.

Updated on: 27 Jun 2019, 11:00 AM

highlights

  • आईएसआई औऱ पाक सेना प्रशिक्षित आतंकी हैं बड़ी वारदात की फिराक में.
  • बीजेपी और आरएसएस समेत हिंदू और सिख समुदाय के प्रमुख लोग निशाने पर.
  • हड़बड़ाए आतंकी संगठनों ने बनाया है सुरक्षा बलों पर हमले का नापाक प्लान.

नई दिल्ली.:

एक जुलाई से शुरू हो रही अमरनाथ यात्रा पर आतंकी साया मंडरा रहा है. इस बाबत सुरक्षा एजेंसियों ने खुफिया इनपुट मिलने के बाद सुरक्षा चाक-चौबंद कर दी है. खुफिया इनपुट में कहा गया है कि भारतीय सुरक्षा बलों पर हमला करने के लिए पाकिस्तानी सेना द्वारा खासतौर पर प्रशिक्षित 34 पाकिस्तानी आतंकियों समेत 290 आतंकी तैयार बैठे हैं. खुफिया जानकारी में आगाह किया गया है कि अमरनाथ यात्रा शुरू होते ही आतंकी सुरक्षा बलों को निशाना बना सकते हैं.

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130 लश्कर, 103 हिजबुल और 34 हैं जैश के आतंकी
खुफिया इनपुट में बताया गया है कि इन आतंकियों में 130 लश्कर-ए-तैयबा, 103 हिजबुल मुजाहिदीन और 34 जैश-ए-मोहम्मद के हैं. इनके अलावा आईएसआईएस (जम्मू-कश्मीर) के दो और अल बदर के पांच आतंकी शामिल हैं. बताया गया है कि अल कायदा की भारतीय ईकाई अंसार गजवातुल हिंद के तीन आतंकी भी जाकिर मूसा के मारे जाने का बदला लेने की फिराक में हैं. गौरतलब है कि सुरक्षा बलों ने एक मुठभेड़ में जाकिर मूसा को ढेर कर दिया था. उसके बाद से ही अंसार गजवातुल हिंद बदला लेने पर उतारू है.

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अब तक मारे गए 115 आतंकी
जाहिर है सुरक्षा बलों ने इन खुफिया इनपुट्स के बाद अमरनाथ यात्रा को लेकर चौकसी कड़ी कर दी है. बताते हैं कि आतंकी इन दिनों हड़बड़ाए हुए हैं. इस साल अब तक 115 आतंकी विभिन्न मुठभेड़ों में ढेर किए जा चुके हैं. मुठभेड़ में मारे गए ज्यादातर आतंकी जैश-ए-मोहम्मद के हैं. गौरतलब है कि पुलवामा आतंकी हमले के बाद भारत ने कूटनीतिक प्रयासों के तहत जैश चीफ मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र में प्रतिबंधित कराने में सफलता हासिल की है. यही नहीं, इस साल सुरक्षा बलों ने जैश के 36 आतंकियों को ढेर करने में भी सफलता हासिल की है.

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सांप्रदायिक तनाव पैदा करना चाहता है जैश
सूत्रों के मुताबिक सुरक्षा बलों के आतंकियों के खिलाफ ताजा अभियान से आतंकियों के समक्ष अपने अस्तित्व का संकट पैदा हो गया है. ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चौतरफा घिरे होने के बावजूद आईएसआई और पाक सेना ने घाटी में बड़े पैमाने पर आतंकी हमलों की साजिश रची है. इसमें सुरक्षा बलों पर हमले प्रमुख हैं. इसके साथ ही जैश ने सुरक्षा बलों के अभियानों से बचने के लिए अपना ठिकाना भी जम्मू बनाने के प्रयास तेज कर दिए हैं. इनपुट बताते हैं कि जम्मू में सांप्रदायिक तनाव पैदा करने के लिए जैश ने बीजेपी और आरएसएस नेताओं समेत हिंदू और सिख समुदाय के प्रमुख लोगों की हत्या की योजना भी बनाई है.