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एएमयू के पाठ्यक्रम में शामिल होगा सनातन धर्म

एएमयू के पाठ्यक्रम में शामिल होगा सनातन धर्म

IANS | Edited By : IANS | Updated on: 04 Aug 2022, 10:30:01 AM
Allahabad Univerity

(source : IANS) (Photo Credit: (source : IANS))

अलीगढ़:   इलाहाबाद विश्वविद्यालय द्वारा हिंदू ज्योतिष और कर्मकांड में पाठ्यक्रम शुरू करने के निर्णय के बाद अब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) अगले शैक्षणिक सत्र से अपने पाठ्यक्रम में अन्य धर्मो के साथ-साथ सनातन धर्म को भी शामिल करेगा।

एएमयू तुलनात्मक धर्म में भी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है।

विश्वविद्यालय, अब तक, केवल इस्लामी अध्ययन में पाठ्यक्रम प्रदान करता था।

एएमयू के प्रवक्ता एम. शफी किदवई ने गुरुवार को कहा, इस्लामिक स्टडीज डिपार्टमेंट के चेयरपर्सन ने प्रस्ताव रखा है कि अगले सत्र से तुलनात्मक अध्ययन पर एक कोर्स शुरू किया जाएगा। इस्लाम के साथ सनातन धर्म और अन्य धर्मो के ग्रंथ पढ़ाए जाएंगे।

इस्लामी अध्ययन विभाग के अध्यक्ष, मोहम्मद इस्माइल ने कहा, इस्लामी अध्ययनों की तरह, हम सनातन धर्म और अन्य धर्मो से संबंधित गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने की इच्छा रखते हैं। नए पाठ्यक्रम में वेद, पुराण, उपनिषद, रामायण, गीता पर पाठ होंगे। और सनातन धर्म से संबंधित अन्य ग्रंथ। पाठ्यक्रम में बौद्ध धर्म, जैन धर्म, सिख धर्म और अन्य धर्मो की शिक्षाएं भी होंगी।

उन्होंने कहा कि विभाग 1948 से काम कर रहा है और 1,000 से अधिक छात्र स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी कार्यक्रमों में नामांकित हैं।

ईरान, थाईलैंड, बांग्लादेश और अन्य मध्य एशियाई देशों के कम से कम 10 छात्र वहां शोध कर रहे हैं। विभाग में एक पुस्तकालय है जिसमें 70,000 से अधिक पुस्तकें हैं।

यह तब भी आया है, जब इस्लामिक अध्ययन विभाग ने पाठ्यक्रम से दो लेखकों की किताबों को हटाने का फैसला किया है। ये लेखक हैं पाकिस्तान के मौलाना अबुल अला मौदुदी और मिस्र के सैयद कुतुब।

20 से अधिक शिक्षाविदों ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इन पुस्तकों पर प्रतिबंध लगाने की मांग के बाद निर्णय लिया क्योंकि इन पुस्तकों की सामग्री इस्लामिक स्टेट का समर्थन करती है।

प्रोफेसर इस्माइल ने कहा, अध्ययन बोर्ड एक पखवाड़े के भीतर होने वाली अपनी बैठक में औपचारिक रूप से निर्णय का समर्थन करेगा। इन लेखकों द्वारा पुस्तकों को शामिल करने के खिलाफ आपत्तियां आई हैं। इसलिए हमने अनावश्यक विवाद से बचने के लिए उन्हें पाठ्यक्रम पाठ्यक्रम से हटाने का फैसला किया है।

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

First Published : 04 Aug 2022, 10:30:01 AM

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