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AIMPLB भारतीय मुसलमानों को डराने का काम कर रहा हैः रिजवी

दरअसल मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अभी हाल में एक बयान जारी कर कहा था कि देश के मुसलमान अपने धार्मिक रिति रिवाजों के मामले में वर्ष 1857 और 1947 से भी ज्यादा मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Nihar Saxena | Updated on: 08 Apr 2022, 01:42:37 PM
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ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर लगा बड़ा आरोप. (Photo Credit: न्यूज नेशन)

highlights

  • मौलाना शहाबुद्दीन रजवी का बड़ा आरोप
  • चुनावी माहौल में राजनीति कर रहा संगठन

नई दिल्ली:  

दरगाह आला हजरत से जुड़े संगठन तंजीम उल्मा ए इस्लाम के राष्ट्र महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड पर कहा कि र्ड अपने असल मकसद से भटक गया है. बोर्ड का गठन मुसलमानों के शरई मामलों के हल के लिए किया गया था, मगर बोर्ड अब सिर्फ राजनीति कर रहा है. मौलाना द्वारा कहा गया कि बोर्ड पर सून्नी सूफी बरेलवी मुसलमान जो भारत में बहुसंख्यक तादाद में है वो भरोसा नहीं करते हैं और न ही बोर्ड इनकी नूमाइंदीगी करता है.

दरअसल मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने अभी हाल में एक बयान जारी कर कहा था कि देश के मुसलमान अपने धार्मिक रिति रिवाजों के मामले में वर्ष 1857 और 1947 से भी ज्यादा मुश्किल हालात से गुजर रहे हैं. बोर्ड ने महिलाओं से यह भी गुजारिश की है की मुस्लिम पर्सनला बोर्ड के खिलाफ किये जा रहे दुष्ट प्रचार के प्रभाव में न आए. इसके बाद मौलाना शहाबुद्दीन रजवी के मुताबिक, बोर्ड शरीयत के मामले में कानूनी मदद के लिए बिल्कुल खामोश रहता है और जब चुनावी माहौल आता है, तो बोर्ड मुसलमानों के नाम पर राजनीति करने में किसी से पीछे नहीं रहता. बोर्ड भारतीय मुसलमानों को भयभीत करके डराने की कोशिश कर रहा है.

मौलाना रजवी ने कहा कि बोर्ड के पदाधिकारियों को ये ज्ञान होना चाहिए कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है यहां पर हर व्यक्ति को धार्मिक आजादी हासिल है. यहां की सरकारें संविधान के दायरे में रहकर काम करती हैं. जहां तक मुसलमानों की बात है तो मुसलमान भी अपने तमाम धार्मिक रिति रिवाज आजादी के साथ कर रहे हैं, देश के किसी भी राज्य में धार्मिक कार्यक्रमों पर कोई पाबंदी नहीं है.

First Published : 08 Apr 2022, 01:42:37 PM

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