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दिल्ली में किसानों के उपद्रव में 83 पुलिसकर्मी घायल

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में जारी किसानों का आंदोलन आज 62वें दिन में प्रवेश कर गया है. किसान बिना कानूनों को रद्द कराए पीछे हटने को तैयार नहीं हैं.

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 26 Jan 2021, 11:11:44 PM
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लाल किला पर झंडा फहराते प्रदर्शनकारी (Photo Credit: न्यूज नेशन)

नई दिल्ली:

कृषि कानूनों के विरोध में गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों का ट्रैक्टर मार्च पर हिंसक हो गया है. कई जगहों पर किसानों और पुलिस के बीच झड़प की तस्वीरें आई हैं. दिल्ली की सीमाओं पर किसानों ने पुलिस बैरिकेडिंग तोड़ दिए हैं. बैरिकेडिंग के लिए लगाई गई बसों और गाड़ियों को भी किसानों ने तोड़ दिया है. किसान हिंसा पर उतारू हो गए हैं. कई जगहों पर पुलिस ने बवाल मचा रहे किसानों को तितर बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया है. कई जगहों पर आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं. 

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ट्रैक्टर परेड हिंसा में घायल हुए पुलिसकर्मियों की संख्या बढ़ती जा रही है. अब तक 86 पुलिसकर्मी घायल हो चुके हैं. इसमें से कई हालत गंभीर बताई जा रही है. 45 पुलिसकर्मियों को सिविल लाइन अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती करवाया गया है. वहीं, 18 पुलिसकर्मी LNJP अस्पताल में भर्ती हैं.

दिल्ली में आज हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने 4 FIR दर्ज किए हैं. इनमें से एक पांडव नगर, दो गाजीपुर थाने और एक सीमापुरी थाने में दर्ज की गई है. प्रदर्शनकारियों पर 8 बसें, 17 गाड़ियां, 4 कंटेनर और 300 से ज्यादा बैरिकेड तोड़ने के आरोप हैं. 
 

इस तरह लाल किले पर दिल्ली पुलिस पर हमला हुआ. अपने जीवन को बचाने के लिए कूदते हुए पुलिस को देखें. कम से कम 41 दिल्ली पुलिस के जवान घायल. यह वीडियो स्व-व्याख्यात्मक है. भीड़ ने हिंसक हमले की योजना बनाई. स्थिति से निपटने के लिए आवश्यक कानून के अनुसार गंभीर कार्रवाई.

250 बच्चे जो 26 जनवरी की परेड में हिस्सा लेने आए थे, वे लाल क़िले में फँस गए, डरे सहमे बच्चे क़रीब तीन घंटे तक ठिठुरते हुए में छिपे रहे, रोते रहे, बिलखते रहे, आंदोलनकारियों के हुड़दंग को देख डर से काँपते रहे, थोड़ी देर पहले पुलिस ने उन्हें रेस्क्यू किया : सूत्र

दिल्ली की विभिन्न सीमाओं से ट्रैक्टर मार्च निकालने वाले किसानों और पुलिस के जवानों के बीच हुए टकराव में मंगलवार को 83 पुलिसकर्मी घायल हो गए. दिल्ली पुलिस ने यह जानकारी दी. पुलिस ने बताया कि परेड के दौरान किसानों द्वारा एडिशनल डीसीपी (ईस्ट) के ऊपर ट्रैक्टर चढ़ाने की भी कोशिश की गई. दिल्ली पुलिस अब मंगलवार को मचे बवाल को लेकर कानूनी कार्रवाई की भी तैयारी कर रही है. 

आईटीओ पर  प्रदर्शनकारियों - पुलिस के बीच संघर्ष में मारे गए किसान के शव को आइटीओ से ले जाया गया.

अर्धसैनिकों की कंपनियां बढ़ाई जा रही है. 15 कंपनी और तैनात की जा रही है. पुलिस को घटना पर निगाह रखने और सख्ती से निबटने के आदेश.  पुलिस कमिश्नर ने उपद्रवियों पर सख्ती करने के निर्देश दिए. हर हालत पर नज़र रखने के लिए दिल्ली पुलिस के संपर्क में गृहमंत्रालय.

गृह मंत्री अमित शाह के 6A कृष्णा मेनन मार्ग चारों तरफ से सुरक्षाबलों के घेरे में है. आम लोगों के लिए रास्ता बंद कर दिया गया है.

संजय राउत ने एक अन्य ट्वीट में लिखा, 'क्या सरकार इसी दिन का बेसब्री से इंतजार कर रही थी? सरकार ने आखिर तक लाखों किसानों की बात नहीं सुनी. ये किस टाइप का लोकतंत्र हमारे देश में पनप रहा है? ये लोकतंत्र नहीं भाई. कुछ और ही चल रहा है.'


शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा, 'अगर सरकार चाहती तो आजकी हिंसा रोक सकती थी. दिल्ली में जो चल रहा है, उसका समर्थन कोई नहीं कर सकता. कोई भी हो लाल किला और तिरंगे का अपमान सहन नहीं करेंगे. लेकिन माहौल क्यूं बिगड़ गया? सरकार किसान विरोधी कानून रद्द क्यूं नहीं कर रही? क्या कोई अदृश्य हाथ राजनीति कर रहा है?'


दिल्ली में हिंसा को लेकर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टिवार ने सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने कहा, 'सरकार के खिलाफ किसान आंदोलन कर रहे थे. लाल किले को किसानों ने घेरा था. लज्जा की बात यह है कि पीएम के घर की सुरक्षा बढ़ानी पड़ी. किसानों को पूछे बिना ही यह कानून बनाना गलत है.'

किसानों ने दिल्ली से नोएडा का एक तरफ का रास्ता खोल दिया है. पहले की तरह नोएडा से दिल्ली का रास्ता अब भी बंद है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अधिकारियों से दिल्ली में कानून और व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया है.


दिल्ली में किसानों के बवाल के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के आवास पर आपात बैठक चल रही है.

दिल्ली में हुई हिंसक झड़पों पर संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि किसान गणतंत्र दिवस परेड में अभूतपूर्व भागीदारी के लिए हम किसानों को धन्यवाद देते हैं. हम उन अवांछनीय और अस्वीकार्य घटनाओं की भी निंदा करते हैं, जो आज घटित हुई हैं. ऐसे कृत्यों में लिप्त होने वाले लोग हमारे सहयोगी नहीं हैं.

मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स ने दिल्ली के बॉर्डर एरिया और जिन इलाकों में संघर्ष की स्थिति बनी हुई है, उनमें आज रात 12 बजे तक इंटरनेट सर्विस बंद करने के निर्देश जारी किए हैं. 

दिल्ली की ज्वाइंट कमिश्नर शालिनी सिंह ने कहा कि हम सुबह से किसानों से अपील कर रहे हैं कि जो रास्ता दिल्ली पुलिस के साथ बैठक में तय हुआ है उसका पालन करें. काफी लोग उस रास्ते से चले गए हैं, लेकिन कई लोगों ने पुलिस पर पथराव किया, ट्रैक्टर चढ़ाने की कोशिश की, बैरिकेड तोड़े. हमारे कुछ लोग घायल हुए हैं.

किसान आंदोलन को देखते हुए लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे बंद किया गया है. 

आगरा से दिल्ली की तरफ जा रहे वाहनों को यमुना एक्सप्रेस-वे पर रोका जा रहा है. एक्सप्रेस-वे पर वाहनों की कतार लंबी कतार लगी है. पुलिस वाहनों को आगरा में रोक रही है. दिल्ली की तरफ जा रहा ट्रैफिक रोका गया.

अमृतसर में प्रदर्शन कर रही महिलाओं पर चढ़ा पानी के टैंकर वाला ट्रैक्टर चढ़ गया. जिससे दो महिलाओं की मौत हो गई है, जबकि 4 महिलाएं जख्मी हैं.  

लाल किले पर भगदड़ की स्थिति बन गई है. पुलिस ने लाल किला परिसर को खाली करा दिया है. 

भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि हमारे सब लोग शांतिपूर्ण तरीके से जा रहे हैं। जो लोग गड़बड़ फैलाने की कोशिश कर रहे हैं वो चिन्हित हैं. वो राजनीतिक दल के लोग हैं और इस आंदोलन को खराब करना चाहते हैं.

लाल किले पर उपद्रवियों ने न्यूज नेशन की टीम पर हमला बोला है. न्यूज नेशन के संवाददाता और कैमरामेन को उग्रवादियों ने पीटा है. 

किसानों की हिंसा को लेकर राहुल गांधी ने ट्वीट कर शांति की अपील की है. राहुल ने लिखा, 'हिंसा किसी समस्या का हल नहीं है। चोट किसी को भी लगे, नुक़सान हमारे देश का ही होगा. देशहित के लिए कृषि-विरोधी क़ानून वापस लो.'


किसानों का बवाल बढ़ता जा रहा है. प्रदर्शनकारी किसानों ने लाल किले पर कब्जा कर लिया है.


मुकरबा चौक पर हिंसा के बाद किसानों का काफिला मजनू का टीला पहुंच चुका है. 30 किलोमीटर के इस मार्ग पर भी बैरिकेटिंग की गई थी, लेकिन किसानों ने इन बैरिकेटिंग को भी धराशाई कर दिया.

दिल्ली में किसानों का बवाल बढ़ता जा रहा है. प्रदर्शनकारी किसान अब लाल किले तक जा पहुंचे हैं.

किसान वादाखिलाफी करके दिल्ली की सड़कों पर बेतरतीब दौड़ रहे हैं. दिल्ली इस समय पूरी तरह किसानों के कब्जे में है. ऐसे आम जनता को भी बेहद परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. NH 24 से प्रगति मैदान की तरफ के रास्ते पर किसानों के पहुंचने के चलते कई परिवार अपनी गाड़ियों में रास्ते पर ही बंधक बन गए हैं. जिनके साथ छोटे छोटे बच्चे हैं, कई बुजुर्ग हैं. सभी परेशान हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि उन्हें नहीं पता था कि किसान इस रास्ते से आएंगे. 

आईटीओ से लाल कुआं की ओर बढ़ रहे किसानों को रोकने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया है. साथ ही आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया जा रहा है. 

किसानों के आंदोलन की वजह से लाल कुआं, इंद्रप्रस्थ, समयपुर बादली, रोहिणी सेक्टर 18/19, हैदरपुर बादली मोड़, जहांगीरपुरी, आदर्शनगर, आजादपुर, मॉडल टाउन, जीटीबी नगर, विश्वविद्यालय, विधानसभा और सिविल लाइन्स मेट्रो स्टेशनों को बंद कर दिया गया है. 


किसान अब उपद्रव पर उतर आए हैं. ITO इलाके में उपद्रवी किसानों ने पुलिसकर्मियों ने लाठी डंडे बरसाए हैं.


ट्रैक्टर रैली कर रहे किसान रूटों से हटकर बैरिकेडिंग को तोड़ते हुए अब आईटीओ चौक तक जा पहुंचे हैं. 


किसानों का ट्रैक्टर मार्च अब नेतृत्वविहीन हो गया है. किसान अपने किसी भी नेता की बात को मानने को तैयार नजर नहीं आ रहे हैं. 

टिकरी बॉर्डर के किसान दो भागों में बंट गए हैं. बेरिकेट तोड़कर बड़ी संख्या में किसान मना किए गए रुट रिंग रोड की तरफ निकल गए हैं.

किसानों ने इंद्रप्रस्थ रेलवे स्टेशन के सामने का बैरिकेट्स तोड़ा दिया और आगे बढ़ रहे हैं.

दिल्ली मेरठ एक्सप्रेस के पास पांडव नगर में किसानों ने पुलिस बैरिकेडिंग को तोड़ दिया. 


करनाल बाईपास पर ट्रैक्टर रैली कर रहे किसानों ने बैरिकेड तोड़कर दिल्ली में घुसने की कोशिश की है. 


ट्रैक्टर परेड को दौरान किसानों का हंगामा मचा हुआ है. किसान हिंसा पर उतारू हो गए हैं. मुकरबा चौक पर किसानों ने करीब 7 बस और पुलिस की गाड़ियां तोड़ दी हैं. इस दौरान कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं. इसके अलावा किसानों ने 1 आंसू गैस गन भी छीन ली है. 

नोएडा मोड़ पर भी किसानों और पुलिस के बीच टकराव की स्थिति बन गई है. 

टिकरी से चला काफिला नांगलोई चौक पर आ कर रुक गया है. कुछ युवा रिंग रोड पर जाने को लेकर अड़े हैं. प्रशासन और उनका ट्रैक्टर आमने सामने हैं.

टिकरी बॉर्डर से निकले किसानों में रूट को लेकर नांगलोई चौक पर विवाद पैदा हो गया है. रूट दाहिने मुड़कर है, लेकिन किसान सीधे जाना चाहते हैं. 

सिंघु बॉर्डर से किसान मजदूर संघर्ष समिति के अध्यक्ष सतनाम सिंह पन्नू ने कहा कि हम शांतिपूर्ण तरीके से जाएंगे और वापस आ जाएंगे। हमें रिंग रोड पर जाना है लेकिन पुलिस रोक रही है. लोग आ रहे हैं उसके बाद हम इस पर विचार करेंगे. 30-45 मिनट का समय दिया गया है तब तक हम यहीं बैठेंगे और फैसला करेंगे.

दिल्ली: संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर में किसानों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस का इस्तेमाल किया. सिंघू बॉर्डर से किसान की ट्रैक्टर रैली यहां पहुंची थी.


अम्बाला दिल्ली नेशनल हाईवे पर लगातार ट्रैक्टर और झंडे लगी हुई गाड़ियां दिल्ली की ओर बढ़ रही हैं.

किसान ट्रैक्टर रैली में पुलिस नियमों को तोड़ते हुए आगे बढ़ रहे हैं. टाइम से पहले ही ट्रैक्टर यात्रा शुरू हो गई. जगह जगह बैरिकेडिंग को तोड़ा गया. इसके अलावा गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेडिंग के लिए लगाई बस को पलटने की कोशिश की गई. जिन बसों को पलटने के लिए कई युवाओं की टोली ने कोशिश की, लेकिन इसी बीच बुजुर्ग किसान आ गए और बस पलटने से बच गई. 

हजारों ट्रैक्टर सिंघु बॉर्डर से मार्च में शामिल हो चुके हैं. संयुक्त किसान मोर्चा के नेता मंजीत राय का कहना है कि वो लोग पुलिस का रूट मैप फॉलो करेंगे और जो ऐसा नहीं करेगा, वो खुद जिम्मेदार होगा. तमाम किसान भी आंदोलन को शांतिपूर्ण रखने की बात कहते दिखे. 

दिल्ली पुलिस द्वारा ट्रैक्टर परेड निकालने के लिए जो रूट मैप गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों को दिया गया था, उस रूट को तोड़ते हुए किसान अब आगे दिल्ली में बढ़ते जा रहे हैं. 

गाज़ीपुर बॉर्डर से आगे बढ़ते किसानों ने दिल्ली पुलिस द्वारा की गई दूसरे लेयर की ब्रेकेडिंग भी तोड़ी दी है. दिल्ली में लगातार किसानों का काफिला आगे बढ़ रहा है.

सिंघु बॉर्डर से किसानों की ट्रैक्टर रैली दिल्ली के संजय गांधी ट्रांसपोर्ट नगर पहुंच गई है. रैली डीटीयू-शाहबाद-एसबी डेयरी-दरवाला- बवाना टी-पॉइंट- कंझावला चौक-खरखौदा टोल प्लाज़ा की ओर जाएगी.


टिकरी बॉर्डर से किसानों की ट्रैक्टर रैली दिल्ली में दाखिल हो गई है.


सिघु बॉर्डर से दिल्ली की ओर चले किसानों पर लोग फूल बरसा रहे हैं. सड़क के किनारे खड़े लोग उनसे समर्थन दिखा रहे हैं.

किसानों का ट्रैक्टर मार्च शुरू हो गया है. सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर किसानों ने बैरिकेड तोड़ दिए हैं. किसान दिल्ली में घुसने की कोशिश कर रहे हैं.


टिकरी बॉर्डर पर भी टेंशन बढ़ती जा रही है. किसान बेरिकेट के बिल्कुल करीब पहुंचे और बैरिकेट उखाड़ना शुरू कर दिया है. 

किसानों की ट्रैक्टर परेड शुरू हो गई है. सिंघु सीमा से किसान ट्रैक्टर रैली कंझावला चौक-औचंदी सीमा-केएमपी-जीटी रोड जंक्शन की ओर बढ़ रही है.


दिल्ली पुलिस ने ट्रैक्टर परेड को देखते हुए सिंघु बॉर्डर पर जाने वाले सभी रास्तों को बंद कर दिया है.

गाजीपुर बॉर्डर पर गणतंत्र दिवस पर किसान ट्रैक्टर परेड की तैयारियां शुरू कर दी हैं. 500 किसान सुरक्षा-व्यवस्था में रहेंगे. पूरे मार्च पर ड्रोन कैमरे से निगरानी रखी जाएगी. आज सुबह 9 बजे आंदोलन मंच के सामने राष्ट्रीय ध्वजारोहण किया जाएगा, जिसमें महिलाएं भी शामिल रहेंगी.

दिल्ली में सुबह से ही भारी जाम लग गया है. जीटीके रोड, आउटर रिंग रोड, बादली रोड, केएन काटजू मार्ग, मधुबन चौक, पल्ला रोड, नरेला, DSIDC नरेला रोड पर भारी जाम हैं. दिल्ली पुलिस ने लोगों से इन रास्तों की ओर न आने की अपील की है..


दिल्ली यूपी को जोड़ने वाला भोपरा बॉर्डर पुलिस ने सुरक्षा की कई लयर बना दी है, ताकि कोई ट्रैक्टर दिल्ली की सीमा में ना घुस सके. बड़े बड़े पत्थर क्रेन के जरिए सड़कों पर रखे गए हैं. बेरिगेट के जरिए बॉर्डर को सील कर दिया गया है. सैकड़ों की संख्या में पुलिसकर्मी सुरक्षा में लगा दिए गए हैं, ताकि गणतंत्र दिवस के मौके पर सुरक्षा में किसी तरह से कोई चूक ना हो. 

गाजीपुर बॉर्डर पर अलसुबह किसान गणतंत्र दिवस के मौके पर देशभक्ति गानों पर झूमते हुए नजर आ रहे हैं. हाथों में तिरंगा लेकर किसान देश भक्ति के गाने बजा रहे हैं और गुनगुना रहे हैं. किसानों का कहना है कि आज गणतंत्र दिवस के मौके पर दिल्ली में  ट्रैक्टर परेड निकालेंगे जो की ऐतिहासिक होगी. किसानों का कहना है कि शांतिपूर्वक तरीके से यह परेड निकाली जाएगी. इस दौरान किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तीनों कृषि कानूनों को वापस लेने की अपील करते हुए भी नजर आए.

गणतंत्र दिवस पर किसानों की ट्रैक्टर परेड के लिए पुलिस प्रशासन अपनी तरफ से पूरी तैयारी कर चुका है. किसानों की परेड को देखते हुए भारी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है.

कांग्रेस दिल्ली में तीन कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग कर रहे किसानों के साथ एकजुटता दिखाने के लिए आज रैली मार्ग पर किसानों की ट्रैक्टर रैली का स्वागत करेगी.

गुरुग्राम के 30 से अधिक सामाजिक संगठन शहर में गणतंत्र दिवस के अवसर पर किसानों की ट्रैक्टर परेड में शामिल होंगे.

इस परेड को शांतिपूर्ण तरह से करने के लिए किसान संगठनों ने कुछ हिदायतें जारी की हैं. संयुक्त किसान मोर्चा की तरफ से कहा गया, हम इतिहास बनाने जा रहे हैं. आज तक देश में गणतंत्र दिवस पर इस देश के गण यानी कि हम लोगों ने कभी इस तरह परेड नहीं निकाली है. हमें ध्यान रखना है कि इस ऐतिहासिक परेड में किसी किस्म का धब्बा ना लगने पाए. परेड शांतिपूर्वक और बिना किसी वारदात के पूरी हो इसमें हमारी जीत है. याद रखिए, हम दिल्ली को जीतने नहीं जा रहे, हम देश की जनता का दिल जीतने जा रहे हैं.

First Published : 26 Jan 2021, 06:28:00 AM

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