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हमारे पास पुख्ता सबूत, कुछ लोग चक्का जाम के दौरान हिंसा कर सकते है: राकेश टिकैत

कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों का आंदोलन आज 72वें दिन में प्रवेश कर गया है. किसानों का विरोध प्रदर्शन वर्तमान सरकार के लिए एक 'अन्ना हजारे' आंदोलन के रूप में बदल रहा है.

News Nation Bureau | Edited By : Dalchand Kumar | Updated on: 05 Feb 2021, 11:56:35 PM
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किसान आंदोलन (Photo Credit: फाइल फोटो)

नई दिल्ली:

कृषि कानूनों के खिलाफ जारी किसानों का आंदोलन आज 72वें दिन में प्रवेश कर गया है. किसानों का विरोध प्रदर्शन वर्तमान सरकार के लिए एक 'अन्ना हजारे' आंदोलन के रूप में बदल रहा है. सरकार अभी तक किसानों को शांत करने में विफल रही है और दोनों पक्षों के बीच कई दौर की बातचीत के बाद भी समाधान नहीं निकल पाया है. सरकार को हालांकि लगा कि किसानों द्वारा प्रस्तावित ट्रैक्टर रैली के दौरान राजधानी में भड़की हिंसा के बाद उसे इस मुद्दे पर कुछ जन समर्थन जरूर प्राप्त हुआ है. मगर राकेश टिकैत की ओर से दिए गए भावुक बयान के बाद से किसानों के प्रति एकजुटता दिखाने और आंदोलन में शामिल होने वालों की भी कमी नहीं है. यही वजह है कि अब सरकार के लिए स्थिति सिर दर्द बन चुकी है.

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को राज्यसभा में तीनों कृषि कानूनों पर उठे सवालों का जवाब देते हुए कांग्रेस समेत विपक्ष पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि किसानों को बरगलाया गया और सिर्फ एक राज्य (पंजाब) के किसान गलतफहमी के शिकार हैं. कानूनों को काला कहा जाता है, लेकिन मैं हर बैठक में पूछता रहा कि इसमें क्या काला है, किसी ने कोई जवाब नहीं दिया. कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि दुनिया जानती है कि पानी से खेती होती है, खून से खेती सिर्फ कांग्रेसी कर सकते हैं.

केंद्रीय मंत्री राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उच्च सदन राज्यसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में भाग लेते हुए कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'तीन कृषि सुधार कानूनों की बात आज ज्वलंत मुद्दा है. प्रतिपक्ष के नेताओं ने किसान आंदोलन पर सरकार को कोसने में कोई कंजूसी नहीं की. उन्होंने कानूनों को काला बताया. मैं किसान यूनियन से दो महीने तक यह पूछता रहा कि कानून में काला क्या है, बताओ तो ठीक करने की कोशिश करूं. लेकिन वहां भी मालूम नहीं पड़ा.'

कृषि मंत्री तोमर ने कहा कि मोदी सरकार किसानों के प्रति प्रतिबद्ध है. किसान आंदोलन को हम लोगों ने लगातार सम्मान देने की कोशिश की है. 12 बार ससम्मान बुलाकर बातचीत की है. एक शब्द भी हमने इधर-उधर नहीं बोला है. हमने यह जरूर बोला है कि प्रावधान में कहां गलती है, उसे बताइए. हमने उनकी भावना के अनुरूप उनकी शंकाओं का समाधान करने की कोशिश की.

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हमारे पास पुख्ता सबूत थे कि कल कुछ लोग चक्का जाम के दौरान हिंसा फैलाने की कोशिश करते. हमारे पास पक्की रिपोर्ट थी. हमने जनहित को देखते हुए उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश को कल होने वाले चक्का जाम से अलग रखा है: राकेश टिकैत

सचिन पायलट ने कहा, 'किसानों ने गांधीवादी तरीके से बात रखी. 11 बार बात हुई, फिर आखिर सरकार की क्या मजबूरी है. सोनिया गांधी ने सभी दलों को किसानों के साथ आने की बात की. 26 जनवरी को लाल किले की घटना का कोई समर्थन नहीं करता, लेकिन इस आड़ में सैंकड़ों किसानों पर मुकदमे लाद दिए. सरकार आती है जाती है, किसानों की जान चली गई. किसानों के साथ अन्याय हो रहा है.'

राजस्थान के दौसा में किसान महापंचायत में सचिन पायलट ने कहा कि केंद्रीय कृषि बिलों से दूरगामी नुकसान होगा. किसी भी किसान संगठन, किसी भी राजनीतिक दल से बात नहीं की और सरकार ने ये कानून थोप दिया. उन्होंने कहा कि दिल्ली में ठंड में किसान बैठे हैं. 66 प्रतिशत किसान के भविष्य को बंद कर दिया. एमएसपी को कानूनों में डाला नहीं गया. छोटा किसान दौसा से कलकत्ता जाएगा, कैसे न्याय मिलेगा.

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने 26 जनवरी हिंसा ममाले में सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज द्वारा न्यायायिक जांच कराने की मांग की है. 

स्वामित्य योजना से किसानों को उनकी जमीन का मालिकाना हक मिला है- नरेंद्र तोमर

राज्यसभा में केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि नरेंद्र मोदी की सरकार गांव, गरीब और किसान के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और आगे भी प्रतिबद्ध रहेगी. 

कृषि कानून के मसले पर हरियाणा कांग्रेस की दिल्ली में अहम बैठक हुई है. बैठक में आगे की रणनीति पर चर्चा की गई. कांग्रेस अब पूरे प्रदेश में कृषि कानून के मुद्दे पर ब्लॉक और जिला स्तर पर इसी महीने प्रदर्शन करने वाली है.

दिल्ली पुलिस को खुफिया इनपुट मिले हैं कि चक्का जाम पर बड़ा उपद्रव हो सकता है. 26 जनवरी की तरह 6 फरवरी के लिए भी इंटरनेशनल साजिश पाकिस्तान के जरिए रची जा रही है. इसके पीछे कई खालिस्तानी समर्थक ग्रुप है, जो ट्विटर व इंस्टा पर एक्टिव हैं. यही वजह है कि दिल्ली में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती शाम तक डबल कर दी जाएगी. 

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर आज सुबह लगभग 11.30 बजे राज्यसभा में महत्वपूर्ण चर्चा में भाग लेंगे.

किसान आंदोलन के दौरान 26 जनवरी को दिल्ली के लाल किले पर हुई घटना के मामले में नेशनल फोरेंसिक साइंस के एक्सपर्ट की मदद से क्राइम ब्रांच ने हजारों वीडियो देखने और जांचने के बाद 25 तस्वीरें तैयार की हैं. इन आरोपियों को तस्वीरों को भी जारी किया गया है. 

6 फरवरी को भारत बंद की तैयारियों को लेकर आज किसान संगठनों की बैठक होगी. पंजाब के किसान संगठनों ने दोपहर 1 बजे बुलाई है. वहीं संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक का समय कुछ देर में तय होगा.

केंद्र के नये कृषि कानूनों के खिलाफ राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) आज से उत्तर प्रदेश और राजस्थान में सिलसिलेवार तरीके से किसान पंचायत करने जा रही है.

क्राइम ब्रांच की SIT ने दिल्ली हिंसा में शामिल कई ट्रैक्टरों के नंबर के जरिये उनके मालिकों की पहचान की है और सभी ट्रैक्टर मालिकों को नोटिस भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया है. जांच में कई ट्रैक्टर ऐसे भी मिले हैं, जिनके नंबर फर्जी हैं.

राकेश टिकैत ने आंदोलन और तेज करने के लिए किसानों को एक नया फार्मूला दिया है. राकेश टिकैत ने कहा कि हर गांव से एक ट्रैक्टर पर 15 आदमी 10 दिन का समय लेकर आएं, और इस तरह हर किसान इस आंदोलन में शामिल हो सकेगा और गांव लौटकर खेती भी कर सकेगा.

किसानों को कृषि कानून बिल के विरोध में प्रदर्शन करते हुए आज 72वां दिन है. जहां एक और किसान बिल वापसी की मांग पर अडे हैं तो सरकार ने भी साफ कर दिया है कि वो बिल वापिस नहीं लेगी. अब 6 फरवरी को किसानों ने चक्का जाम का करने की चेतावनी दी है.

First Published : 05 Feb 2021, 08:28:27 AM

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